पंचज्ञानेंद्रिय, मन एवं बुद्धि के परे ज्ञान देनेवाला कुछ तो है, यह ज्ञात न होने से विज्ञानवादियों द्वारा किया गया अनुसंधान बचपने जैसा होता है ।

पंचज्ञानेंद्रिय, मन एवं बुद्धि के परे ज्ञान देनेवाला कुछ तो है, यह ज्ञात न होने से विज्ञानवादियों द्वारा किया गया अनुसंधान बचपने जैसा होता है ।