आरोग्य साहाय्य समिति

हिन्दू जनजागृति समिति की शाखा

‘आरोग्य साहाय्य समिति’ चिकित्सा क्षेत्र के राष्ट्रनिष्ठ एवं धर्मनिष्ठ डॉक्टरों, वैद्यों, परिचारिकाओं (नर्स) आदि का संगठन है। हिन्दू राष्ट्र स्थापना के उद्गाता सच्चिदानंद परब्रम्ह डॉ. जयंत आठवलेजी की प्रेरणा से जून २०१८ में सप्तम ‘अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’ में इस समिति की स्थापना हुई। इस समिति के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र के सभी लोगों को राष्ट्ररक्षा, धर्मजागृति एवं हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में सहभागी होने का सुनहरा अवसर मिला है। यह श्रेष्ठ समष्टि (समाजगत) साधना ही है।

आरोग्य साहाय्य समिति का उद्देश्य

अभावग्रस्त रोगियों तथा आगामी काल में युद्ध, बाढ, भूकंप जैसी भीषण प्रलयकारी आपदाओं में फंसे पीडितों की अविलंब चिकित्सा सहायता करना

जनता को ठगकर स्वास्थ्य से खिलवाड करनेवाली चिकित्सा क्षेत्र की दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध जनजागरण एवं इन दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध वैध मार्ग से लडना

चिकित्सा क्षेत्र के व्यक्तियों को
संगठित एवं सक्रिय करना

स्वास्थ्य क्षेत्र की दुष्प्रवृत्तियों को रोकें

स्वास्थ्य क्षेत्र की दुष्प्रवृत्तियों के कुछ उदाहरण

डॉक्टरों द्वारा स्कैन तथा परीक्षण के लिए भेजकर रिश्वत के रूप में कमीशन लेना (कट प्रैक्टिस)

रोगी पर तत्काल उपचार करना आवश्यक होते हुए भी अग्रिम धनराशि (डिपॉजिट) भरने तक उपचार न करना

रोगियों को सस्ती औषधियों के स्थान पर महंगी औषधियां और उपकरण खरीदने पर बाध्य करना

एकल-उपयोग वाले सिरिंज’, ‘कैथेटर’ आदि का पुन: उपयोग करना और नए उपकरणों के लिए रोगियों से पैसे लेना

आर्थिक लाभ के लिए जीवित अथवा मृत रोगी के कुछ अंग निकालकर बेचना

आइसीयू (ICU) में रोगी की मृत्यु होने पर भी परिजनों को बताए बिना वहीं रखकर उपचार कर अस्पताल की फीस लेना

स्वास्थ्य विभाग के सभी

कर्मचारीगण तथा डॉक्टरों के लिए

राष्ट्र और धर्म की सेवा करने का अवसर

: +917058885610

[email protected]

वैद्यकीय कार्य में इस प्रकार भी सहभागी हो सकते हैं..

चिकित्सा संबंधी कार्य करनेवाले सदस्यों के साथ बैठकें आयोजित करें, उन्हें आरोग्य साहाय्य समिति से परिचित कराएं

सामान्य जनता के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को दूर करने के लिए व्याख्यान आयोजित करने में मदद करें

आरोग्य साहाय्य समिति के सहयोग से निःशुल्क ‘प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर’ में भाग लें या आयोजन करें

एक्यूप्रेशर, प्राणशक्ति प्रणाली जैसी पूरक उपचार पद्धतियां सीखें, अभ्यास करें और सिखाएं

आरोग्य साहाय्य समिति के कार्य के लिए धन, औषधियां अथवा चिकित्सा सामग्री दान करें

निःशुल्क औषधि वितरण, रक्तजांच/नेत्रचिकित्सा आदि शिविर का आयोजन करें तथा इन सेवाओं में सहभागी हों

वैद्यकीय क्षेत्र की दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध आरोग्य साहाय्य समिति का अभियान

रोगी तथा उनके परिजनों को चिकित्सा विशेषज्ञों पर पूर्ण विश्वास होता है। इसलिए चिकित्सा विशेषज्ञों का प्राथमिक कर्तव्य विश्वास पर खरा उतरना है। रोगियों की उत्तम देखभाल और मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के लिए कई कानूनी प्रावधान हैं। फिर भी, आरोग्य साहाय्य समिति ने स्वास्थ्य सेवा उद्योग में त्रुटियां पाई हैं। यहां कुछ ऐसे उदाहरण दिए हैं जहां आरोग्य साहाय्य समिति ने चिकित्सा क्षेत्र में हो रही दुष्प्रवृत्तियों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह सुनिश्चित किया है कि अधिकारी इस पर ध्यान दें। आरोग्य साहाय्य समिति ने न्यायालय में याचिकाएं प्रविष्ट की, आरटीआई से जानकारी प्राप्त की, खाद्य एवं औषधि प्रशासन से शिकायत की और यहां तक ​​कि निम्नलिखित दुष्प्रवृत्तियों के खिलाफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ज्ञापन भी प्रस्तुत किया ।

सरकारी सहायता प्राप्त अस्पताल आर्थिक रूप से वंचित लोगों के लिए बिस्तर आरक्षित करने में विफल रहे

सूचनात्मक फलक के माध्यम से रोगियों को सरकारी योजनाओं से अवगत कराने में अस्पताल विफल रहे

अस्पतालों द्वारा बायोमेडिकल कचरे का गलत प्रबंधन, नियमों के पालन में ढिलाई

फार्मा उद्योग की खराब कार्यप्रणाली के कारण निकृष्ट गुणवत्ता वाली दवाएं देना

आर्थोपेडिक इम्प्लांट निर्माताओं द्वारा डॉक्टरों और अस्पतालों को रिश्वत

ब्लड बैंक द्वारा सरकारी शासनादेश से कहीं अधिक दाम पर खून बेचना

आज ही खरीदें

इन ग्रंथों को अपने घर या क्लिनिक की लाइब्रेरी का हिस्सा बनाएं

BUY NOW

संबंधित समाचार

No post found!

JOIN