महान ऋषि

भगवान परशुराम

परशुराम राजा प्रसेनजीत की पुत्री रेणुका और भृगुवंशीय ऋषि जमदग्नि के पुत्र, विष्णुके अवतार और शिव के परम भक्त थे । इन्हें शिवसे विशेष परशु प्राप्त हुआ था । इनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीयाको हुआ था । अत: इस दिन परशुराम जयंती एक व्रत और उत्सवके रूपमें मनाई जाती है ।

Read More »

महर्षि वाल्मीकि : महाकाव्य रामायणके प्रणेता

सत्पुरुषोंकी संगतिमें आकर लोगोंकी उन्नति कैसे होती है, महर्षि वाल्मीकि इसका एक महान उदाहरण हैं । नारदमुनिके संपर्कमें आकर वे एक महान महर्षि, ब्रम्हर्षि बने, तथा उन्होंने ‘रामायण’की रचना की, जिसे संपूर्ण विश्व कभी भूल नहीं सकता ।

Read More »

यमधर्मके साथ धर्मानुकुल वार्तालाप कर पतिके पंचप्राण पुनः प्राप्त करनेवाली सती सावित्रि

सुशील, कुलीन एवं गुणवान सती सावित्रि ! तपस्वियोंसमान निरीह अंतःकरण, राजसभाके श्रेष्ठ संस्कारोंसे उत्पन्न ऋजुताके त्रिवेणी संगमसे युक्त सावित्रिका सुमधुर व्यक्तित्त्व महर्षियोंके भी आदरके पात्र होना |

Read More »
Facebooktwittergoogle_plusFacebooktwittergoogle_plus