हिन्दू अधिवेशन

मैं हिन्दू के रूप में जन्मीं और हिन्दू के रूप में ही मरूंगी ! – श्रीमती कृष्णादेवी घोष, बांग्लादेश

रामनाथी, गोवा में आयोजित षष्ठ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में बांग्ला देश में अत्यंत प्रतिकूल स्थिति में हिन्दू धर्मरक्षा हेतु परिश्रम करनेवाली श्रीमती कृष्णादेवी घोष को सम्मानित किया गया।

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हिन्दू राष्ट्र के लिए आज की संपूर्ण व्यवस्था ही परिवर्तित करनी होगी ! – अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकर

हमें हिन्दू राष्ट्र लाना है, ऐसे में केवल शासनकर्ता परिवर्तित करने से काम नहीं चलेगा, आज की संपूर्ण व्यवस्था ही परिवर्तित करनी होगी । इसके लिए धर्मद्रोही और अन्य सभी के भ्रष्टाचार उजागर करने होंगे तथा उसके विरोध में वैध मार्ग से आंदोलन करने होंगे ।

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‘भारत हिन्दू है’ और ‘हिन्दू भारत हैं’ ! – संत श्री हरिराम शास्त्री

भारत के विभाजन के उपरांत हमारा प्रदेश अल्प हुआ । आगे सत्ताधारी नेताआें ने केवल हिन्दुआें पर परिवार नियोजन, आरक्षण जैसी बातें लादीं । इस कारण हिन्दू और सभी संत अपना पद, दल, संगठन आदि भुलाकर केवल हिन्दू के रूप में संगठित हों ।

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धर्म के लिए कितनी भी बार कारागृह जाने को तैयार हूं ! – यति मां चेतनानंद सरस्वती

देश में ८० प्रतिशत बचे हिन्दू, लडना भूल गए हैं । इसीलिए हम स्वरक्षा के लिए प्रशिक्षण देते हैं । कानून सम्मत शस्त्र रख अपनी रक्षा करना, हम सभी का अधिकार है । अब केवल राधा-कृष्ण की कथा बांचने का नहीं, धर्म के लिए कृति करने का समय आ गया है ।

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हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए संत एकत्र हों ! – पू. बाबा फलाहारी महाराज

आज की शिक्षा प्रणाली से हम अपेक्षा नहीं कर सकते । केवल और केवल हिन्दू धर्म ही भारत को पुनर्वैभव प्रदान कर सकता है । संत ही हिन्दू धर्म के मुकुटमणी हैं । इसलिए सभी  संत संगठित हों और अपने पूर्वजों द्वारा की गई ‘कृण्वन्तो विश्‍वम् आर्यम् ।’

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हिन्दुआें का दमन रोकने के लिए हिन्दुआें की सांप्रदायिक एकता अपरिहार्य ! – पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे

किसी हिन्दू संत अथवा संगठन पर अन्याय होता है, उस समय ‘वह केवल उस एक व्यक्ति पर अथवा व्यक्ति समूह को प्रभावित करता है’, ऐसा नहीं है । ऐसी घटना संपूर्ण हिन्दुत्व के क्षेत्र को प्रभावित करती है ।

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आयुर्वेद उपचारों की उपेक्षा कर रोगियों को वंचित रखनेवाले बीमा प्रतिष्ठान समाजद्रोही ही हैं – डॉ. उदय धुरी

हिन्दू जनजागृति समिती के डॉ. उदय धुरी ने कहा कि, आयुर्वेद का महत्त्व जानकर अब पश्‍चिमी देश आयुर्वेदिक औषधियों का ‘पेटंट’ ले रहे हैं ।

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हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए साधनारूपी ब्राह्मतेज आवश्यक – पू. नंदकुमार जाधव

हिन्दू अधिवेशन के चतुर्थ दिवस के सत्र में मार्गदर्शन करते हुए पू. नंदकुमार जाधवजी बोले कि, हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में ब्राह्मतेज अर्थात व्यक्तिगत और समष्टि साधना का महत्त्व है ।

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बांग्लादेश में हिन्दू राष्ट्र स्थापित किए बिना हम चुप नहीं बैठेंगे – श्री. सुभाष चक्रवर्ती, निखील बंग नागरी महासंघ

बांग्लादेश के अत्याचारित और पीडित हिन्दुआें को उनकी सुरक्षा के लिए बांग्लादेश में स्वतंत्र भूमि देने के लिए भारत शासन और हिन्दुत्वनिष्ठों को सहायता कर शासन पर दबाव बनाना चाहिए ।

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हिन्दू विधिज्ञ परिषद हिन्दुत्वनिष्ठों की सहायता करती रहेगी – अधिवक्ता नीलेश सांगोलकर

पिछले ५ वर्षों में हिन्दू विधिज्ञ परिषद ने वैचारिक आतंकवाद निर्माण करनेवाले अनेक संगठनों के षड्यंत्र विफल किए। हिन्दुत्वनिष्ठों को बंदी बनाकर उनके संगठनों को विविध प्रकार से कष्ट देने के नेता और पुलिस प्रशासन के प्रयत्न परिषद ने असफल किए।

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