24 से 30 जून की अवधि में गोवा में ‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव’!

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के कार्य को गति देने के लिए प्रतिवर्ष समान इस बार भी बारहवें ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ अर्थात ‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव’ का आयोजन किया गया है । यह महोत्सव 24 से 30 जून 2024 तक ‘श्री रामनाथ देवस्थान’, फोंडा, गोवा में संपन्न होनेवाला है । Read more »

भारत को संवैधानिक पद्धति से ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करने हेतु हिन्दुओं को संगठित होना चाहिए – डॉ. उदय धुरी, प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी ने आवाहन करते हुए कहा, ‘देश के सामने खालिस्तान, जिहाद, आतंकवाद के साथ ही अन्य अनेक चुनौतियां हैं । इनका सामना करते हुए संवैधानिक मार्ग से भारत को हिन्दू-राष्ट्र घोषित करने के लिए हिन्दुओं को संगठित होना चाहिए ।’ Read more »

जागरूक अधिवक्ता उत्तम न्यायव्यवस्था की शक्ति – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी, राष्ट्रीय मार्गदर्शक, हिन्दू जनजागृति समिति

सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी ने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति जागरूक नागरिक हैं, जबकि उत्तम न्यायपालिका की शक्ति जागरूक अधिवक्ता हैं । समिति की ओर से खारघर में आयोजित अधिवक्ता अधिवेशन में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करते समय वे ऐसा बोल रहे थे । Read more »

छत्तीसगढ में हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न

चआज श्रीराम मंदिर साकार हुआ है । अगला संकल्प भी निश्चितही पूरा होगा । इसके लिए हमे सतत संघर्षरत रहना होगा । इस भूमि ने छत्रपति शिवाजी महाराज का हिंदवी स्वराज्य देखा आने वाले समय में रामराज्य भी निर्माण होगा । Read more »

चिपळूण में एक दिन का जिला स्तर पर हिन्दू-राष्ट्र अधिवेशन !

कोई ‘डॉक्टर’ की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात, स्वाभाविक रूप से ‘डॉक्टर’ होता है; परंतु प्रमाणपत्र लिए बिना वह ‘डॉक्टर’ के रूप में अपना कार्य नहीं कर सकता । वैसे ही संविधान द्वारा ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित होने के लिए प्रयास करना महत्त्वपूर्ण है ।’ Read more »

हिन्दूविरोधी कथानकों के खंडन के लिए हिन्दू धर्म का अध्ययन करना आवश्यक ! – अनिरुद्ध देवचक्के, भूतपूर्व संपादक, दैनिक ‘दिव्य मराठी’

हिन्दुओं के विरोध में गलत नैरेटिव (कथानक) तैयार किए जा रहे हैं । ऐसे हिन्दूविरोधी कथानकों के खंडन के लिए हिन्दुओं को हिन्दू धर्म का अध्ययन करने की आवश्यकता है, ऐसा प्रतिपादन दैनिक ‘दिव्य मराठी’के भूतपूर्व संपादक श्री. अनिरुद्ध देवचक्के ने किया । Read more »

धर्माभिमान का अभाव दूर कर धर्माचरणी होना, ही काल की आवश्यकता है ! – पू. अमृतानंद महाराज

आज हिन्दू धर्म की सीख अनेक दर्शन ग्रंथ, पौराणिक संदर्भ, आध्यात्मिक ग्रंथसंपदा के माध्यम से उपलब्ध है । विपुलता ही अपने सनातन धर्मग्रंथों का सामर्थ्य है । आगामी काल में धर्माभिमान का अभाव दूर कर धर्माचरणी होना ही काल की आवश्यकता है । Read more »

हिन्दू राष्ट्र के लिए यदि जागृत नहीं हुए, तो कल इस्लामी राष्ट्र में रहना होगा – डॉ. नील माधव दास, संस्थापक, तरुण हिन्दू

हिन्दू राष्ट्र के लिए प्रत्येक गांव में जाकर हिन्दुओं को एकत्र कर प्रबोधन करना पडेगा । यदि हम आज हिन्दू राष्ट्र के लिए जागृत नहीं हुए, तो कल हमें इस्लामी राष्ट्र में रहना होगा, ऐसा वक्तव्य ‘तरुण हिन्दू’ संगठन के संस्थापक डॉ. नील माधव दास ने किया Read more »

प्रभु श्रीराम अपने मन में हैं और ‘रामराज्य’ अपना ध्येय है ! – सद़्‍गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे

अर्जुन संभ्रम में होते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उनके धार्मिक कर्तव्य का भान करवाया । आज हिन्दुओं की अवस्था भी अर्जुन समान हो गई है । यदि आज हिन्दुओं को आत्मभान नहीं होगा, तो उनमें शत्रुभावना कैसे आएगी ? Read more »

जलगांव में हिन्‍दू जनजागृति समिति की ओर से ‘प्रांतीय हिन्‍दू राष्ट्र अधिवेशन’ संपन्‍न !

हिन्‍दूविरोधी शक्‍तियों का सामना करने के लिए हिन्‍दुआें को दबावतंत्र निर्माण करना चाहिए ! – सुनील घनवट, महाराष्‍ट्र एवं छत्तीसगढ राज्‍य संगठक, हिन्‍दू जनजागृति समिति Read more »

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