आप हमें किस प्रकार साहाय्य कर सकते है ?

पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों को नम्र विनती !


सनातन के रामनाथी आश्रम के कलामंदिर में (स्टुडिओ में) ‘व्हिडिओ एडिटिंग’ एवं ‘एनिमेशन’ हेतु निम्न संगणक एवं सौफ्टवेअर की आवश्यकता !

‘अखिल मानवजाति को ईश्‍वरप्राप्ति का मार्ग दिखाना तथा आध्यात्मिक अनुसंधान करना, यह ‘महर्षि विश्‍वविद्यालय ’की प्रमुख विशेषताएं ! ‘मनुष्य को आध्यात्मिक विषयों का अमूल्य ज्ञान प्राप्त हो तथा वह इस ज्ञान का लाभ उठाकर आध्यात्मिक उन्नति साध्य करे’, इस व्यापक उद्देश्य से विश्‍वविद्यालय की ओर से व्यापक स्तर का अनुसंधान कार्य चालू है ।

अनुसंधान के अंतर्गत अनेकविध विषयों का चित्रिकरण किया जाता है । आज आए दिन इस चित्रिकरण का दृक्श्राव्य संकलन (व्हिडिओ एडिटिंग’ करने की सेवा चल रही है । बुद्धिअगम्य घटनाआें के संख्या में दिन-ब-दिन बढोत्री हो रहने के कारण इस सेवा के लिए उपलब्ध उपकरण अपर्याप्त पड रहे हैं । अपर्याप्त उपकरणों के कारण इस अनुसंधान कार्य की गति अल्प ना हो; इसलिए ‘व्हिडिओ एडिटिंग’ एवं ‘एनिमेशन’ करने की क्षमता रखनेवाले निम्न संगणक एवं सौफ्टवेअर की शीघ्र आवश्यकता है ।

chaukat_sahitya

जो पाठक, हितचिंतक एवं अर्पणदाता उपर्युक्त सामग्री का क्रय करने हेतु धन के रूप में सहायता करने के इच्छुक हों, वे श्री. योगेश शिंदे से ०८४५१००६१३० क्रमांकपर अथवा [email protected] इस संगणकीय पतेपर संपर्क करें ।’

– (पू.) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा (२६.७.२०१६)


साधक, साथ ही पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों के लिए विश्‍व स्तर के समष्टि सेवा का सुवर्ण अवसर !

विविध विदेशी भाषाएं ज्ञात हो, तो भाषांतर की सेवा में सम्मिलित हों !

१. एस्.एस्.आर्.एफ्. इस आध्यात्मिक संस्था द्वारा व्यापक स्तरपर चल रहा प्रसारकार्य ! : ‘विश्‍वभर के जिज्ञासूआें को अध्यात्म के विषय में मार्गदर्शन कर आनंदी जीवन का मार्ग दिखानेवाली ‘स्पिरिच्युअल सायन्स रिसर्च फाउंडेशन’ (एस्.एस्.आर्.एफ्.) एक आध्यात्मिक संस्था है । www.spiritualresearchfoundation.org हे यह उसका जालस्थल है ।

हिंदी, अंग्रेजीसहित फारसी, पोर्तुगीज, डच, फ्रेंच, जर्मन, रशियन, स्लोव्हेनियन, चिनी, मलेशियन, क्रोएशियन, स्पैनिश, हंगेरियन, सर्बियन, इंडोनेशियन, मैसिडोनियन, बल्गेरियन जैसे १८ भाषाआें में इस संस्था का प्रसारकार्य चल रहा है । एस्.एस्.आर्.एफ्.ने जर्मन भाषा में अध्यात्म के विषय में ग्रंथसंपदा प्रकाशित की है । स्पैनिश, क्रोएशियन, सर्बियन आदि भाषा के ग्रंथ प्रकाशित करने की सेवा चल रही है ।

२. अध्यात्म के विषय में अमूल्य ज्ञान का अन्य भाषा में भाषांतर करने हेतु जानकारों की आवश्यकता ! : सारे विश्‍व में शास्रशुद्ध परिभाषा में अध्यात्म पहुंचाकर उसका लाभ अखिल मानवजाति को हो, इस उदात्त उद्देश्य से एस्.एस्.आर्.एफ्. कार्यरत है ।

अनेक भारतीयों को कई विदेशी भाषाआें का ज्ञान होता है । इसके कारण वो भाषांतर के माध्यम से अध्यात्मप्रसार के कार्य में सम्मिलित होने की इच्छा रखते हैं । ऐसे अनेकों ने भाषांतर की सेवा का आरंभ किया है । इससे उनको अध्यात्मका अमूल्य ज्ञान लेते-लेते अवर्णनीय आनंद प्राप्त हो रहा है । विश्‍वभर के जिज्ञासूआेंतक अध्यात्म का प्रसार होने हेतु अधिकाधिक लोग इस सेवा में सम्मिलित हुए, तो इस कार्य को और अधिक गति से आगे बढाया जा सकता है । इसलिए ‘विदेशी भाषा’ ज्ञात होनेवालों से यह विनम्र निवेदन है कि, इस सेवा के लिए समय देकर अध्यात्मप्रसार के इस कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान दें ! जो इस व्यापक स्तर के सेवा में सम्मिलित होने के इच्छुक हों, वे जनपदसेवकों के माध्यम से निम्न सारणीनुसार अपनी जानकारी [email protected] इस संगणकीय पतेपर भेजें ।

chaukat_snapashot

इच्छुक पूर्णकालिन आश्रम में रहकर अथवा कुछ अवधि के लिए आश्रम आकर भी यह सेवा कर सकते है । ऐसा संभव ना हो, तो वे घरबैठे सेवा कर भी इस धर्मकार्य में गिलहरी का योगदान दे सकते हैं ।

– (सद्गुरु) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (३.८.२०१६)


सनातन के विविध आश्रमों में निम्न उपकरणों की आवश्यकता ।

सनातन के विविध आश्रमों में सैकडों साधक पूर्णकालीन साधना कर रहे हैं । राष्ट्र एवं धर्म के कार्य के लिए अधिक से अधिक समय देना संभव हो, इस हेतु पूर्णकालीन साधना को आरंभ करनेवाले साधक एवं राष्ट्र एवं धर्मप्रेमियों की संख्या दिन-ब-दिन बढती जा रही है । इसलिए वर्तमान में आश्रमों में नीचे दिए उपकरणों की तत्परता से आवश्यकता है ।

उपकरण आस्थापन का नाम स्पेसिफिकेशन्स आवश्यक संख्या प्रत्येक का लगभग मूल्य
(रुपयों में)
एकूण मूल्य
(रुपयों में)
१. धुलाई यंत्र वॉशिंग मशीन वर्लपूल, सैमसंग, एल.जी. गोदरेज, ६.५ किलो क्षमता का तथा सेमी- एटोमेटिक २५ १५००० ३७५०००
२. एयार कूलर केनस्टार अथवा अन्य २० लिटर टैंक वाला २५ १०००० २५००००
३. वातानु- कूलन यंत्र एयर कंडीश्नर ब्लू स्टार, एल जी, कैरियर इत्यादि १.५ टन का स्प्लीट वाता- नुकूलन यंत्र ३७००० २२२०००
४. पेडेस्टल फैन रेमी अथवा अन्य ४०० एम.एम. हाईस्पीडवाला ३५ ३,००० १,०५,०००
५. एल.ई.डी. टयूबलाईट विप्रो २० वैट ५० ६५० ३२,५००
६. इस्त्री फिलिप्स मॉडेल एचडी ११३४ एच आइ १०८ दिवा जीसी ८३ अथवा अन्य आस्थापन ड्राइ आयर्न लिनिशड् कोटेड सोलप्लेट (linished coated solplate) २० १२००० २४०००
कुल मिला कर मूल्य (रुपयों में) १०,०८,५००

जो पाठक, हितचिंतक अथवा धर्माभिमानी उपरोक्त उपकरण क्रय करने हेतु धनरूप में सहायता करना चाहते हैं, वे श्री. विनायक आगवेकर को [email protected] संगणकीय पते पर अथवा ०८४५१००६०३६ क्रमांक पर संपर्क करें ।

धन का त्याग कर राष्ट्र एवं धर्म के कार्य में सम्मिलित होने के अवसरका लाभ उठाएं ।


शेअर्स एवं म्युच्युअल फंडों में रुपयों का निवेश करने से होनेवाली संभाव्य आर्थिक हानि ध्यान में लेकर उसमे निवेशित धन शीघ्रातिशीघ्र वापिस लें !

शेअर्स एवं म्युच्युअल फंड में रुपयों का निवेश करने से उस से प्राप्त बदला (रिटर्नस्) अधिकोष में (बैंक में) पैसे रखने पर मिलनेवाले ब्याज की अपेक्षा अधिक होता है । इस विचार से अनेक लोग उस में पैसों का निवेश करते हैं । अनेक बार ऐसा होता है कि लाभ तो दूर, परंतु उसमें निवेशित राशि भी वापिस न मिलने के कारण अनेक लोगों की आर्थिक हानि होने के उदाहरण हैं ।

वर्तमान समय में चल रही आर्थिक मंदी के कारण अनेक आस्थापनाओं को हानि सहन करना पड रही है । अतः उनके शेअर वॅॅल्यूपर विपरित परिणाम होकर निवेशियों के शेअर्स एवं म्युच्युअल फंड के पैसे डूबने की संभावना है । इसलिए यदि शेअर्स एवं म्युच्युअल फंड में रुपयों का निवेश किया है, तो उसे शीघ्रातिशीघ्र वापिस लेना आवश्यक है । भविष्य में भी उन में पैसों का निवेश न करें ।

– ( पू.) बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, (गोवा)


हिन्दू धर्मशास्त्र के अनुसार अन्नदान का अनन्यसाधारण महत्त्व जानकर राष्ट्र-धर्म कार्य हेतु निष्काम एवं समर्पित वृत्ति से सेवा करनेवाले सनातन आश्रमों के सैकडों साधकों के अन्नदान के लिए धनरूप में सहायता करें !

१९ अप्रैल २०१६

राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति हेतु सिद्ध तथा उसके लिए प्रभावीरूप से कार्य करनेवाली सनातन संस्था एकमात्र संस्था है । भारत में पृथक स्थानों पर संस्था के आश्रम हैं । वहां अध्यात्म तथा धर्मशिक्षा के संदर्भ में ज्ञान देनेवाले ग्रंथ, नियतकालिक, ध्वनिचित्र-चक्रिका इत्यादि की निर्मिती की सेवा अविरतरूप से चल रही है । अखिल मानवजाति के कल्याण हेतु हिन्दू राष्ट्र स्थापना का उद्देश्य सामने रखकर निष्काम तथा समर्पित वृत्ति से सैकडों साधक इस आश्रम में निवास कर रहे हैं । उनके लिए अन्नदान के लिए धनरूप में सहायता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का स्वर्ण अवसर सर्व धर्मप्रेमी तथा हितचिंतकों के लिए उपलब्ध है ।

१. हिन्दू धर्मशास्त्रानुसार अन्नदान का महत्त्व

हिन्दू धर्मशास्त्रानुसार जो व्यक्ति अर्थार्जन करता है तथा जिसके घर में अन्न पकता है, उसने अन्नदान करना यह उसका कर्तव्य ही है । अन्नदान के लिए भोक्ता तृप्त होकर आशीर्वाद देता है; इसलिए अन्नदान करना श्रेष्ठ कर्म माना जाता है । अन्नदान करने से अन्नदाता को किसी न किसी रूप में अन्नदान के दुगना फल प्राप्त होता है; किंतु अहं से अन्नदान किया, तो फल आधा हो जाता है । अतः धर्मकर्तव्य मानकर अन्नदान करना आवश्यक है ।

२. साधकों को अन्नदान करना, अर्थात् सत्पात्री दान करना !

धर्मशास्त्रानुसार यह बताया गया है कि, भिखारी, निर्धन इत्यादि को अन्नदान करने से अक्षय्य सुख की प्राप्ति होती है; किंतु अन्नदान सत्पात्री हो, तो अन्नदाता का सर्व पातकों से उद्धार होता है तथा वह ईश्वर के निकट पहुंचता है । सनातन आश्रम के साधकों ने राष्ट्र एवं धर्म हेतु स्वयं का जीवन समर्पित किया है । उनमें से कुछ लोग संतपद पर पहुंचे हैं; तो कुछ उस दिशा की ओर जा रहे हैं । ऐसे आध्यात्मिकदृष्टि से उन्नत व्यक्तियों के लिए अन्नदान करना सत्पात्री दान सिद्ध होता है !

३. अल्पाहार एवं भोजन के लिए आनेवाला व्यय

व्यय प्रारूप व्यय (रुपए)
१. प्रतिदिन १,४५,०००
२. प्रतिमास ४३,५०,०००

जो पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमी साधकों के लिए अल्पाहार (नाश्ता) तथा भोजन के लिए धनरूप में सहायता कर हिन्दू राष्ट्र निर्मिती के कार्य में गिलहरी का हिस्सा लेने के इच्छुक हैं, वे श्री. विनायक आगवेकर ०८४५१००६०३६ इस क्रमांक पर अथवा [email protected] इस संगणकीय पते पर अपनी जानकारी भेज सकते हैं ।


२ अप्रैल २०१६

विविध औषधीय गुणों से युक्त ‘सनातन दंतमंजन’ से होनेवाले लाभ ध्यान में लीजिए तथा दांतों को स्वस्थ रखने के लिए उसका उपयोग आज से ही प्रारंभ करें !

‘अबतक सनातन संस्था ने विविध नित्योपयोगी उत्पादों की निर्मिति की है । उनमें से एक उत्पाद है ‘सनातन दंतमंजन’ !

१. दंतमंजन का महत्त्व : मसूढों की सूजन एवं रक्तस्राव से बचानेवाला, मुख की दुर्गंध को रोकनेवाला, साथ ही अरुचि (मुंह का स्वाद चला जाना) नष्ट करनेवाले सनातन दंतमंजन का उपयोग करने से अभीतक अनेक पाठक, हितचिंतक, साथ ही साधकों को विविध लाभ हुए हैं ।

२. सनातन दंतमंजन के औषधीय उपयोग

अ. दंतमंजन के नियमित उपयोग से मसूढे एवं दांत बलशाली होते हैं ।
आ. मसूढों की सूजन, साथ ही उससे पीब एवं रक्त बहना बंद होता है ।
इ. दांतों की कीडे रुककर दांतों के स्वास्थ्य में सुधार होता है ।
ई. दातों में लगे कीडे तथा मुंह की दुर्गंध रुकती है ।
उ. दांत जड से सशक्त होते हैं ।

प्रतिदिन टूथपेस्ट एवं ब्रश से दांत मांजने की अपेक्षा दंतमंजन से दांत मांजना हितकारी है । इससे दांत एवं मसूढों का मर्दन (मालिश) होने से मसूढे अधिक सशक्त होते हैं । जो पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमी सनातन दंतमंजन का उपयोग करने हेतु इच्छुक हैं, वे सनातन के निकट के साधकों से अथवा ९३२२३१५३१७ इस क्रमांक पर अपनी मांग प्रविष्ट करें ।


१४ फरवरी २०१६

सनातन प्रभात के सभी पाठकों, हितचिंतकों और धर्मप्रेमियों से विनती !

‘सनातन संस्था के कार्य का वटवृक्ष दिनोंदिन फल-फूल रहा है । राष्ट्र-धर्म के कार्य में स्वयं को झोंककर सेवा करने के इच्छुक साधकों की संख्या भी दिनोंदिन बढ रही है । इसलिए, सनातन के अनेक आश्रमों और सेवाकेंद्रोंमें निम्नांकित बरतनों की शीघ्र आवश्यकता है ।

HSP_Feb16_P2_pg12

जो पाठक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमी उपर्युक्त बरतन देना चाहते हैं या उसके लिए धनराशि अर्पित करना चाहते हैं, वे श्रीमती क्षमा राणे से ०८४५१००६२५८ पर संपर्क करें ।’

Facebooktwittergoogle_plusFacebooktwittergoogle_plus