आप हमें किस प्रकार साहाय्य कर सकते है ?

पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों को नम्र विनती !

हिन्दुत्व के कार्य में सम्मिलित होने के लिए धर्मप्रेमियों को आवाहन !


८ जनवरी २०१८

सनातन के रामनाथी आश्रम के विस्तारीकरण हेतु विविध प्रकार के फर्श (टाईल्स) की आवश्यकता !

सनातन के आश्रम अर्थात् हिन्दु धर्म की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु निरंतर प्रयास करनेवाली साधकों की आध्यात्मिक पाठशाला ही ! आश्रम में रहकर पूरे समय के लिए साधना करने के लिए तथा राष्ट्र एवं धर्म के कार्य को सहायता करने के लिए इच्छुक साधक तथा धर्मप्रेमियों की संख्या प्रति दिन बढती जा रही है । अतः रामनाथी आश्रम का विस्तारीकरण का (expansion) कार्य आरंभ है । उसके लिए आगे प्रस्तुत की गई टाईल्स की आवश्यकता है ।

जो वाचक, हितचिंतक अथवा धर्मप्रेमी उपर्युक्त टाईल्स उपलब्ध कर सकते हैं वा विक्रय करने हेतु धनरूप में सहायता कर सकते हैं, वे स्वयं की जानकारी [email protected] इस संगणकीय पते पर अथवा डाक पते पर भेजें । यदि कुछ संदेह है, तो श्री. गौतम गडेकर को 9834628841 वा 9423185994 इस भ्रमणभाष क्रमांक पर संपर्क करें ।

(डाक के लिए पता : श्री. गौतम गडेकर, द्वारा ‘सनातन आश्रम’, 24/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा)

धन के त्याग द्वारा राष्ट्र एवं धर्म के कार्य में सम्मिलित होने की संधी न गवाएं !


८ जनवरी २०१८

सामाजिक संकेतस्थलों (Social Media) पर धर्मप्रसार करने के लिए विविध विषयों के पोस्ट सिद्ध करने की सेवा में सम्मिलित रहें !

‘फोटोशॉप’ तथा ‘कोरल’ इस संगणकीय प्रणाली का ज्ञान होनेवाले साधकों को सेवा की अमूल्य संधी !

सनातन संस्था तथा हिन्दु जनजागृति समिति के संकेतस्थल पर राष्ट्ररक्षण, धर्मजागृति, साधना, आचारधर्म इत्यादि विषयों पर अनमोल ज्ञानसंपदा उपलब्ध है । फेसबुक, ट्विटर, वॉटसअ‍ॅप के समान सामाजिक प्रसारमाध्यमों द्वारा इस ज्ञान का व्यापक स्तर पर प्रसार किया जा रहा है । इस के अंतर्गत राष्ट्र एवं धर्म पर आनेवाली आपत्ती, साथ ही अन्य विषयों के संदर्भ में जनसाधारणों को जानकारी देनेवाले वाचनीय तथा प्रबोधन पर पोस्टस् सिद्ध की जाती हैं । उन्हें समाज द्वारा उत्स्फूर्त प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है ।

ये पोस्ट सिद्ध करने की सेवा करने के लिए फोटोशॉप (Photoshop) अथवा कोरल (Corel) इस संगणकीय प्रणाली का (सॉफ्टवेअर्स) ज्ञान अथवा अनुभव होनेवाले साधकों की त्वरित आवश्यकता है । इच्छुक साधक पूरे समय के लिए अथवा कुछ कालावधी के लिए सनातन आश्रम में निवास कर अथवा घर बैठ कर सेवा कर सकते हैं । घर बैठकर सेवा करनेवालों को प्रतिदिन न्यूनतम 2 घंटा इस सेवा के लिए व्यतीत करना अपेक्षित है ।

सेवा हेतु इच्छुक होनेवाले जनपद सेवकों के माध्यम से आगे की सारणीनुसार अपनी जानकारी [email protected] इस संगणकीय पते पर अथवा डाक पते पर भेजें । यदि इस में कुछ संदेह है, तो श्री. गिरीजय प्रभुदेसाई को 9503097675 इस क्रमांक पर संपर्क करें ।

(डाक के लिए पता : श्री. गिरीजय प्रभुदेसाई, द्वारा सनातन आश्रम, 24/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा)

यदि इच्छुक साधक ने स्वयं किसी भी विषय पर आर्टवर्क सिद्ध किया है, तो उपर्युक्त जानकारी के साथ भेजें ।


८ जनवरी २०१८

साधक, वाचक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों को सेवा की सुवर्णसंधी !

सनातन की अमूल्य ग्रंथसंपदा तथा सनातन प्रभात नियतकालिकों की सेवा करने हेतु गुजराथी भाषा का ज्ञान होनेवालों की आवश्यकता !

‘सनातन संस्था पृथक विषयों पर अमूल्य ज्ञान प्रदान करनेवाली दुर्मिळ ग्रंथसंपदा प्रकाशित करती है । साथ ही मराठी, कन्नड, हिन्दी, अंग्रेजी तथा गुजराथी इन ५ भाषाओं में प्रकाशित करती है । साथ ही इन ५ भाषाओं में सनातन प्रभात नियतकालिक भी प्रकाशित किया जाता है । समाजमन को अध्यात्म, साधना, राष्ट्र एवं धर्म के संदर्भ की जानकारी देने के लिए इन माध्यमों का मूल्यवान हिस्सा है ।

सनातन के ग्रंथ तथा गुजराथी मासिक सनातन प्रभात की सेवा करने हेतु संगणकीय ज्ञान होनेवाले गुजराथी भाषा के जाणकारों की आवश्यकता है । मराठी अथवा हिन्दी भाषा का लिखान गुजराथी में अनुवादित करना, उसका मुद्रितशोधन करना, गुजराथी लिखान की संरचना (फॉरमैटिंग) करना, लिखान संकेतस्थल पर ‘अपलोड’ करना, ये पृथक सेवाएं उपलब्ध हैं । गुजराथी का ज्ञान होनेवाले इच्छुक साधक, वाचक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमी पूरे समय के लिए अथवा कुछ कालावधी के लिए आश्रम में निवास कर सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं । यदि ये सेवा आश्रम में रहकर सीखी गई, तो पश्चात् घर में रहकर भी करना सहज होगा ।

उपर्युक्त कोई भी सेवा करने की इच्छा रहनेवाले जनपदसेवकों के माध्यम से आगे की सारणीनुसार अपनी जानकारी प्न्ोन्aॅुस्aग्त्.म्दस् इस
संगणकीय पते पर अथवा डाक पते पर भेज सकते हैं । यदि इसमें कुछ संदेह हैं, तो श्री. रोहित साळुंके को ७९७७११३७७० इस क्रमांक पर संपर्वâ कर सकते हैं ।

(डाक के लिए पता : श्री. रोहित साळुंके, द्वारा ‘सनातन आश्रम’, २४/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा – ४०३ ४०१)

तपशील जानकारी
१. नाम तथा जनपद
२. शिक्षण
३. आयु (वर्ष)
४. संपर्क क्रमांक
५. आश्रम में निवास कर या घर में रहकर सेवा करने की इच्छा है ?
६. सेवा के लिए प्रतिदिन अथवा सप्ताह में कितना समय व्यतीत कर सकते हैं ?
७. क्या संगणक अथवा इंटरनेट की सुविधा है ?

 

?

– (सद्गुरु) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा 


१ दिसंबर २०१७

फेसबुक, ट्विटर आदि सामाजिक प्रसारमाध्यमों द्वारा धर्मप्रसार कर घरबैठे आंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यापक सेवा कीजिए !

आज के दिन समाजमनपर सामाजिक प्रसारमाध्यमों का (सोशल मीडिया का) बहुत प्रभाव है । जनसामान्यों द्वारा फेसबुक, ट्विटर, गुगल प्लस, इन्स्ट्राग्राम, वॉट्स एक आदि सामाजिक प्रसारमाध्यमों का बडी मात्रा में उपयोग किया जाता है ।

१. सामाजिक प्रसारमाध्यमों द्वारा घरबैठे धर्मप्रसार कीजिए !

सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति के संकेतस्थलोंपर वाचनीय ज्ञानसंपत्ति उपलब्ध है । साधक, साथ ही पाठक, हितचिंतक, जिज्ञासु एवं धर्मप्रेमी अपने परिवार के सदस्य, परिजन, स्नेही, कार्यालय स्थित सहयोगी, परिचित आदि से इन संकेतस्थलोंपर निहित बहुमूल्य जानकारी, साथ ही ऑडिओ एवं वीडीयो भेजकर धर्मप्रसार के इस अमूल्य अवसर का लाभ उठा सकते हैं । इस जानकारी को यदि अधिकाधिक लोगोंतक पहुंचाया गया, तो केवल पूरे भारत में ही नहीं, अपितु आंतरराष्ट्रीय स्तरपर भी घरबैठे धर्मप्रसार किया जा सकता है ।

२. राष्ट्र-धर्म, साथ ही अध्यात्म के विषय में अमूल्य ज्ञान देनेवाले विविध संकेतस्थल !

संकेतस्थल का नाम भाषा उपलब्ध लेखन
१. www.Hindujagruti.org मराठी, हिंदी एवं अंग्रेजी राष्ट्र एवं धर्मपर हो रहे आघात, हिन्दुआें की समस्याएं एवं उनका समाधान, साथ ही हिन्दूसंगठन, हिन्दू राष्ट्र, राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति से संबंधित अभियान आदि विषयोंपर आधारित वाचनीय लेखसंपत्ति
२. www.Sanatan.org मराठी, हिंदी, अंग्रेजी एवं कन्नड धर्म, अध्यात्म, आचारधर्म, त्यौहार-उत्सव एवं व्रत, साधना आदि विषयोंपर शास्त्रीय परिभाषा में अमूल्य जानकारी
३. www.SanatanPrabhat.org मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती एवं कन्नड नियतकालिक सनातन प्रभात – राष्ट्र, धर्म, राजनीति आदि विषयों के समाचार (संपादकीय दृष्टिकोणोंसहित), साथ ही साधना, आचारधर्म आदि विषयों के लेख
४. www.Balsanskar.com मराठी, हिंदी, अंग्रेजी एवं कन्नड भावी पीढी को सुसंस्कार मिलकर आदर्श पीढी बनने की दृष्टि से उपयुक्त लेखन
५. www.SSRF.ORG ५. www.SSRF.ORG २२ भाषाआें में आध्यात्मिक अनुसंधानपर आधारित लेखमाला

३.  संकेतस्थल www.Balsanskar.com बच्चे एवं अभिभावक इन दोनों के लिए मार्गदर्शक लेखन उपलब्ध !

www.Balsanskar.com इस संकेतस्थलपर आदर्श बालक कैसे बने ?, अच्छी आदतों को कैसे अपनाएं ?, अभ्यास का सुनियोजन कैसे करना चाहिए ? आदि विषयोंपर आधारित लेखमाला है । देवता, संत, ऋषि-मुनी, हिन्दू राजाआें, भारतीय स्वतंत्रतासेनाआें की कथाएं, साथ ही राष्ट्र एवं धर्म के प्रति अपने मन में प्रेम उत्पन्न होने हेतु उपयुक्त लेखन की उपलब्धता है । अभिभावकों के लिए भी आदर्श अभिभावक कैसे बने ?, बच्चों को सुसंस्कार देने का क्या महत्त्व है ?, बच्चों की समस्याआें का समाधान कैसे ढूंढना चाहिए ? आदि विषयपर आधारित अमूल्य एवं वाचनीय जानकारी उपलब्ध है ।

४. जिज्ञासुआें को साधना का महत्त्व समझानेवाले संकेतस्थल www.SSRF.ORG पर २२ भारतीय एवं विदेशी भाषाआें में लेखसंपत्ति उपलब्ध !

संकेतस्थल www.SSRF.ORG पर मनुष्य के जीवन में निहित विविध समस्याआें का क्या कारण है ?, इन समस्याआें के निराकरण के संदर्भ में साधना का क्या महत्त्व है ?, साधना द्वारा आनंदप्राप्ति कैसे होती है ?, तीव्रगति से आध्यात्मिक उन्नति हेतु क्या करना चाहिए ? आदि विषयों की आध्यात्मिक अनुसंधानपर आधारित लेखमाला उपलब्ध है । यह लेखन हिंदी अंग्रेजी, तमिल, नेपालीसहित पोर्तुगीज, फ्रेंच, जर्मन, रुसी, स्लोव्हेनियन, इंडोनेशियन, रोमेनियन, विएत्नामीस, क्रोएशियन, स्पैनिश, मलेशियन, हंगेरियन, सर्बियन इन भाषाआें में उपलब्ध है ।

५. संकेतस्थलों द्वारा धर्मप्रसार कैसे करना चाहिए ?

अ. प्रत्येक लेख के (आर्टिकल के) अंत में निहित फेसबुक, ट्विटर, गुगल प्लस आदि के आईकॉनपर क्लिक करने से उस लेख को प्रसारित (शेअर) किया जा सकता है ।

आ. स्वयं को अच्छी लगी जानकारी अथवा वेबपेज को यदि प्रसारित करना हो, तो उसकी संगणकीय मार्गिका (लिंक) को कॉपी कर उसे हम दूसरों को भेज सकते हैं ।

संकेतस्थलों के माध्यम से धर्मप्रसार करने के संदर्भ में यदि कोई अभिनव संकल्पनाएं अथवा विशेषतापूर्ण सूत्र सूझ गए अथवा धर्मप्रसार करने के पश्‍चात समाज के यदि अच्छा प्रत्युत्तर प्राप्त हुआ हो, तो उसकी जानकारी संगणकीय पता [email protected] पर भेजें ।

– सद्गुरु श्रीमती बिंदा सिंगबाळजी, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा (१४.९.२०१७)


१ दिसंबर २०१७

राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति हेतु निस्वार्थभाव तथा समर्पित वृत्ति से सेवारत सनातन के साधकों के लिए विविध औषधियों की आवश्यकता !

अध्यात्मप्रसार करना, साधना के विषय में समाज का मार्गदर्शन करना और हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना जैसे व्यापक उद्देश्य से सनातन संस्था का कार्य चल रहा है । राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति हेतु प्रतिबद्ध तथा उसके लिए प्रभावशाली रूप से कार्य करनेवाली यह एकमात्र संस्था है । संस्था के साधकों की यह विशेषता है कि वे इस कार्य को निस्वार्थभाव एवं समर्पित वृत्ति से कर रहे हैं । छोटे बच्चे, युवक, मध्यमआयुवाले, साथ ही वयस्क इन सभी आयु के सैकडों साधक अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार इस कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं ।

राष्ट्र एवं धर्म हेतु पूर्णकालिन सेवारत इन साधकों के लिए विविध औषधियों की आवश्यकता है । अधिकांश साधकों में जीवनसत्त्व ड, कुछ साधकों में ब एवं अन्य जीवनसत्त्वों की (विटैमिन्स की) न्यूनता है । कुछ साधकों में कैल्शियम एवं लोह (आयर्न) की मात्रा न्यून है । कई साधकों को मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाईपर टेन्शन), संधिवात आदि विकारों के लिए लंबे समय से और नियमितरूप से औषधियां लेनी पड रही हैं । साधकों के लिए आवश्यक औषधियों की सूचि निम्न प्रकार से है –

औषधिका नाम आवश्यक संख्या अनुमानित मूल्य (रुपए में)
1. Tab D3 Must 60 K (Vit D) २,००० २७,५००
2. Tab Bonium (Calcium) ३,००० १४,४००
3. Tab Jointace DN super ६०० १४,४००
4. Tab Nurite active (Vit B12 + Folic Acid) १,००० १२,८००
5. Cap Caldikind Plus (Vit B12 + Calcium) १,००० ११,५००
6. Inj. Vitcofol (Folic Acid + Vit B12) २०० ११,०००
7. Tab Cartigen 1500 mg ६०० १०,३००
8. Inj. Neurobion Forte (Vit B12) १,००० १०,०००
9. Cap. Meganeuron OD Plus १,००० ८,९००
10. Cap Dexorange (Iron) १,००० ३,२००
11. Tab Folic Acid 5 mg ३,००० ३,०००
12. Cap Evion 400 mg (Vit E) १,००० २,०००
एकूण मूल्य १,२९,०००

जो पाठक, हितचिंतक, जिज्ञासु अथवा धर्मप्रेमी उपर्युक्त औषधियों को उपलब्ध करवा देने के अथवा औषधियों का मूल्य अर्पण करने के इच्छुक हों, वे रामनाथी आश्रम में डॉ. पांडुरंग मराठे से भ्रमणभाष क्र. ८८०५१०५५०८ से अथवा संगणकीय पता [email protected] पर संपर्क करें ।

उपर्युक्त औषधियां उपलब्ध करवाकर अथवा उसके लिए धन का अर्पण कर राष्ट्र एवं धर्मकार्य में अपना योगदान देने के इस अवसर का सभी लाभ उठाएं !

– सद्गुरु श्रीमती बिंदा सिंगबाळजी, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा (३.१०.२०१७)


२६ नवंबर २०१७


महर्षि अध्यात्म विश्‍वविद्यालय की विविध कलाआें के अनुसंधान हेतु ग्रंथों की आवश्यकता !

महर्षि अध्यात्म विद्यालय में ‘विविध कला और विद्याआें का अखिल मानवजाति को लाभ हो’, इस उद्देश्य से उनका अभ्यास एवं विविध अंगों से अनुसंधान किया जा रहा है । इसी के संदर्भ में कला विषयक इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आटर्स, देहली द्वारा प्रकाशित निम्नलिखित कुछ ग्रंथों की आवश्यकता है – शिल्पप्रकाश, संगीतनारायण (२ भाग), रागलक्षणम्, चित्रसूत्रम्, कलातत्त्वकोश (५ भाग)
यह ग्रंथ कोई अर्पण करने के इच्छुक हों, तो कु. तेजल पात्रीकर से ९५६१५७४८२४ अथवा ७९७२४४८९०२ क्रमांक पर संपर्क करें ।

इ-मेल : [email protected]


२६ नवंबर २०१७

जनसामान्यों में राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति के विषय में क्रियाशीलता उत्पन्न करनेवाले उद्बोधक ध्वनिचित्रचक्रिकाएं (व्हिडीआे सीडी) दिखाने हेतु प्रोजेक्टरों की आवश्यकता !

पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों को हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कार्य में यथाशक्ति योगदान देने का स्वर्णिम अवसर !

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लक्ष्य को साकार बनाने हेतु सनातन संस्था प्रतिबद्ध है । विविध ग्रंथ, सनातन प्रभात नियतकालिक, साथ ही उद्बोधक ध्वनिचित्रचक्रिकाआें के माध्यम से संस्था की ओर से राष्ट्र एवं धर्म के विषय में जनसामान्यों में जागृति की जा रही है । इन उद्बोधक ध्वनिचित्रचक्रिकाआें को प्रोजेक्टरपर दिखाया जाता है । अतः इससे एक ही समयपर अनेक धर्मप्रेमी उनसे लाभ उठा सकते हैं और उससे उनमें क्रियाशीलता उत्पन्न हो रही है । धर्मप्रसार के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों हेतु भी प्रोजेक्टर का उपयोग किया जा रहा है । अतः उपलब्ध प्रोजेक्टर एवं उनके परदों की संख्या अल्प होने के कारण इस कार्य हेतु प्रोजेक्टर एवं उनके परदों की आवश्यकता है ।

वस्तुएं मूल्य (रुपयों में) आवश्यक संख्या कुल मूल्य
१. प्रोजेक्टर ३०,००० १४ ४,२०,०००
२. प्रोजेक्टर हेतु परदा (स्क्रीन का आकार ६ × ८ फीट) ८००० १४ १,१२०००
कुल ५,३२,०००

उपर्युक्त वस्तुआें का क्रय करने हेतु जो पाठक, हितचिंतक अथवा धर्मप्रेमी आर्थिक सहायता दे सकते हैं अथवा सुस्थिति में युक्त उसका परदा अर्पण के रूप में देकर इस कार्य में गिलहरी का योगदान दे सकते हैं, वे श्री. अजय प्रजापति से संगणकीय पता [email protected] अथवा निम्न डाक पतेपर सूचित करें । इसके संदर्भ में यदि कोई शंका हो, तो ७४००३७९४६३ से संपर्क करें ।

(डाक हेतु पता : श्री. अजय प्रजापति, सनातन आश्रम, १०७, सनातन संकुल, देवद, पोस्ट – ओ.एन्.जी.सी., तहसील – पनवेल, जनपद – रायगढ (महाराष्ट्र) ४१०२२१

– (सद्गुरु) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा (२३.११.२०१७)


२६ नवंबर २०१७

संगणकीय क्षेत्र में कार्यरत साधक, साथ ही पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों के लिए सेवा का बहुमूल्य अवसर !

संकेतस्थल (वेबसार्इट) से संबंधित प्रौद्योगिकी की विविध सेवाआें हेतु जानकारों की तुरंत आवश्यकता

धर्मशिक्षा, धर्मजागृति एवं राष्ट्ररक्षा के व्यापक कार्यों को शीघ्रता के साथ करने का प्रभावशाली माध्यम है संकेतस्थल (वेबसाईट) ! विविध संकेतस्थलों द्वारा आंतरराष्ट्रीय स्तरपर किए जानेवाले धर्मप्रसार के कार्य में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है । अतः संकेतस्थल से संबंधित सेवा करनेवाली साधकों की संख्या अल्प पड रही है । संकेतस्थल से संबंधित तांत्रिक सेवाएं करना, विविध संगणकीय परियोजनाएं बनाना, ई.आर्.पी. प्रणाली के विषय में तांत्रिक सेवाएं सीख लेना आदि सेवाआें हेतु पूर्णकालिक अथवा कुछ अवधि के लिए रामनाथी आश्रम में रहकर अथवा घरबैठे सेवा करने के इच्छुक संगणकीय क्षेत्र में कार्यरत जानकारों की आवश्यकता है ।

इस सेवा करने हेतु इच्छुक व्यक्तियों के लिए Web-design (Html, CSS, jQuery), PHP, Mysql, WordPress CMS, PrestaShop, Laravel or similar PHP framework, Android/iPhone App Development, React Native or similar mobile development framework, Website Security, Linux Administration इन संगणकीय भाषा का एवं प्रौद्यौगिकी का उत्तम ज्ञान होना आवश्यक है ।
संकेतस्थल के माध्यम से सेवा कर धर्मकार्य में गिलहरी का योगदान देने के इच्छुक जनपदसेवक के माध्यम से निम्न सारणी के अनुसार अपनी जानकारी को संगणकीय पता [email protected] अथवा निम्न डाक के पतेपर भेजें । इसके संदर्भ में यदि कोई शंका हो, तो श्री. सुमित सरोदे से ९८९०४१२२३३ संपर्क करें । (उपर दी गई संगणकीय भाषाआें के अतिरिक्त अन्य भाषाएं अथवा प्रौद्योगिकी का यदि उत्तम ज्ञान हो, तो आप उस विषय में भी सूचित कर सकते हैं ।)

(डाक हेतु पता : श्री. सुमित सरोदे, सनातन आश्रम, २४/बी. रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा)

घटक विवरण :

१. नाम एवं जनपद

२. संपर्क क्रमांक

३. शिक्षा

४. आयु (वर्ष)

५. संगणकीय क्षेत्र का अनुभव (यदि हो, तो)

६. कौन-कौनसी संगणकीय भाषाएं ज्ञात हैं ?

७. उपर्युक्त सेवाआें में से आप कौन-कौनसी सेवाएं कर सकते हैं ?

८. सेवा हेतु समय देने का स्वरूप (आश्रम में रहकर अथवा घरबैठे सेवा करेंगे ?) एवं प्रतिदिन शनिवार/रविवार कितने घंटोंतक)

– (सद्गुरु) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा (२२.११.२०१७)


२६ नवंबर २०१७l

विविध भारतीय भाषाआें का ज्ञान होनेवाले साधक, वाचक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमियों के लिए ज्ञानदान के कार्य में सम्मिलित होने का बहुमूल्य अवसर !

सनातन द्वारा निर्मित सर्वांगस्पर्शी बहुमूल्य ग्रंथसंपत्ति सभी भारतीय भाषाआें में प्रकाशित हो, इसके लिए भाषांतर की व्यापक सेवाआें में सम्मिलित हों !

१. सनातन द्वारा प्रकाशित विविध भाषाआें के ग्रंथ अनमोल ज्ञानामृत ! : अध्यात्मप्रसार एवं चिरकाल कार्य करनेवाला सर्वोत्तम माध्यम है ग्रंथ ! सनातन संस्था ने अध्यात्म का शास्त्रशुद्ध भाषा में विवेचन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सुवर्णमध्य को साधकर सुलभ भाषा में ज्ञान देनेवाले अमूल्य ग्रंथों का निर्माण किया है । ये ग्रंथ जिज्ञासुआें के लिए अत्यंत मार्गदर्शक सिद्ध हो रहे हैं । इन ग्रंथों के विषय में अनेक साधक एवं जिज्ञासुआें को प्राप्त अनुभूतियां तो इन ग्रंथों में व्याप्त चैतन्य को सिद्ध करनेवाला अ श्रेणी का प्रमाणपत्र ही हैं ।

२. विविध भारतीय भाषाआें का ज्ञान हानेेवालों के लिए सेवा का बहुमूल्य अवसर ! : अबतक सनातन के कुछ ग्रंथ ११ भाषाआें में उपलब्ध हो चुके हैंं । इन ग्रंथों का पूरे भारत में व्याप्त सभी जिज्ञासुआेंतक पहुंचना आवश्यक है; किंतु अन्य भाषाआें के ज्ञानवाले मनुष्यबल के अभाव के कारण यह कार्य धीमी गति से चल रहा है । ग्रंथनिर्माण के इस व्यापक कार्य को गति मिले; इसके लिए मराठी, हिन्दी, अंग्रेज, कन्नड, बंगाली, ओरिया, गुजराती, गुरुमुखी, आसामी आदि भारतीय भाषाआें का ज्ञान होनेवाले घरबैठे अथवा आश्रम में रहकर इस सेवा में सम्मिलित हो सकते हैं । इस सेवा हेतु इच्छुक साधक, साथ ही पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमी अपने जनपदसेवक के माध्यम से निम्न सारणी के अनुसार अपनी जानकारी को संगणकीय पता [email protected] पर भेजें ।

विवरण जानकारी

१. नाम
२. जनपद
३. संपर्क क्रमांक
४. शिक्षा
५. कौनसी भाषा ज्ञात है ?
६. आश्रम में रहकर अथवा घरबैठे सेवा करेंगे ?
७. प्रतिदिन अथवा सप्ताह में सेवा हेतु कितना समय दे सकते हैं ?
८. क्या आपके पास संगणक एवं इंटरनेट की सुविधा है ?

– (सद्गुरु) श्रीमती बिंदा सिंगबाळजी, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा (१९.११.२०१७)


 

हिन्दू धर्मप्रसार एवं हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए पूर्णकाल धर्मसेवा करने हेतु सिद्ध हों !

हिन्दू धर्म की यह विशेषता है कि जब जब धर्म को ग्लानि आती है, तब तब धर्म की पुनर्स्थापना होती है । हिन्दू धर्म को आद्य शंकराचार्य, समर्थ रामदासस्वामी, स्वामी विवेकानंद समान तेजस्वी धर्मप्रसारकों की परंपरा मिली है । इन धर्मप्रसारकों ने समय की आवश्यकता को ध्यानमें लेते हुए हिन्दू धर्म की पुनर्स्थापना के लिए धर्मप्रसार एवं धर्मरक्षा की । वर्तमान समय में केवल भारत में ही नहीं, अपितु संपूर्ण पृथ्वी पर ही आई एक प्रकार की ग्लानि हम अनुभव का रहे हैं । ऐसे धर्मग्लानि के समय में धर्मसंस्थापना के लिए कार्य करना काल के अनुसार साधना है ।

वर्तमान समय में भारत में धर्माधिष्ठित राज्यव्यवस्था अर्थात ”हिन्दू राष्ट्र” स्थापित करना यह साधना सिद्ध होगी । भारत में ”हिन्दू राष्ट्र” स्थापित करने के लिए ‘सनातन संस्था’ एवं ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ ये संगठन निरंतर कार्यरत हैं । तब भी वर्तमान परिस्थिति में भारतवर्ष एवं हिन्दू धर्म के सामने जो चुनौतियां हैं, उनका विचार किया जाए, तो धर्म के लिए सर्मिपत कार्य करनेवाले धर्मवीरों की बहुत आवश्यकता है ।

. ध्यानमें लें कि त्याग साधना है ! : हिन्दू धर्म, धर्म के लिए त्याग करना सिखाता है । धर्म ने गृहस्थाश्रम के व्यक्ति को भी जीवन के अंतिम समय में वानप्रस्थाश्रम (बन में जाकर साधना करना ) एवं उसके आगे संन्यासाश्रम (सर्वस्व का त्याग करना) स्वीकार करने अर्थात त्याग करने की सीख दी है; क्योंकि त्याग किए बिना मनुष्यजन्म का सार्थक (आध्यात्मिक उन्नति) नहीं होती ।

हिन्दू धर्म के अनुसार त्याग साधना है । इसलिए चरण-दर-चरण त्याग करने की क्षमता बढाना अपेक्षित है । अंत में धर्म का आचरण एवं रक्षा के लिए तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए तन, मन एवं धन इन सबका अर्थात सर्वस्व का त्याग करना होता है । इस दृष्टिकोण से पूरा समय धर्म की सेवा करना सर्वस्व का त्याग करने का प्रथम चरण है ।

२. हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के लिए पूरा समय योगदान करें ! : नौकरी अथवा व्यवसाय संभाल कर आज अनेक धर्मप्रेमी धर्मप्रसार की सेवा कर ही रहे हैं । परंतु अब धर्मकार्य के लिए अपना पूरा समय योगदान करने का समय आ गया है । कालमहिमा के अनुसार वर्ष २०२३ में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना निश्चित रूप से होगी; परंतु काल के अनुसार इस संधिकाल में साधना के रूप में पूरा समय धर्मसेवा करने से हमारी शीघ्र आध्यात्मिक उन्नति होगी । जो धर्मप्रेमी पूर्णकाल सेवा नहीं कर सकते, उनको धर्मसेवा के लिए अधिकाधिक समय देने का प्रयास करना चाहिए ।

‘धर्माे रक्षति रक्षितः ।’ (मनुस्मृति, अध्याय ८, श्लोक १५) अर्थात ‘जो धर्म की रक्षा करता है उसकी रक्षा धर्म अर्थात ईश्वर करता है’, इस वचन के अनुसार धर्मकार्य करनेवालों की रक्षा भगवान श्रीकृष्ण निश्चित ही करेंगे’, ऐसी श्रद्धा रखें । पारिवारिक समस्याएं तथा आर्थिक अडचनों के विषय में कोई चिंता न कर शीघ्रता से पूरा समय साधना करने का कदम उठाएं एवं महद्भाग्य से प्राप्त इस मनुष्यजन्म का सार्थक कर लें !’

– (सद्गुरु) श्रीमती बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (२.९.२०१७)


सनातन के विविध आश्रमों में निम्न उपकरणों की आवश्यकता ।

सनातन के विविध आश्रमों में सैकडों साधक पूर्णकालीन साधना कर रहे हैं । राष्ट्र एवं धर्म के कार्य के लिए अधिक से अधिक समय देना संभव हो, इस हेतु पूर्णकालीन साधना को आरंभ करनेवाले साधक एवं राष्ट्र एवं धर्मप्रेमियों की संख्या दिन-ब-दिन बढती जा रही है । इसलिए वर्तमान में आश्रमों में नीचे दिए उपकरणों की तत्परता से आवश्यकता है ।

उपकरण आस्थापन का नाम स्पेसिफिकेशन्स आवश्यक संख्या प्रत्येक का लगभग मूल्य
(रुपयों में)
एकूण मूल्य
(रुपयों में)
१. धुलाई यंत्र वॉशिंग मशीन वर्लपूल, सैमसंग, एल.जी. गोदरेज, ६.५ किलो क्षमता का तथा सेमी- एटोमेटिक २५ १५००० ३७५०००
२. एयार कूलर केनस्टार अथवा अन्य २० लिटर टैंक वाला २५ १०००० २५००००
३. वातानु- कूलन यंत्र एयर कंडीश्नर ब्लू स्टार, एल जी, कैरियर इत्यादि १.५ टन का स्प्लीट वाता- नुकूलन यंत्र ३७००० २२२०००
४. पेडेस्टल फैन रेमी अथवा अन्य ४०० एम.एम. हाईस्पीडवाला ३५ ३,००० १,०५,०००
५. एल.ई.डी. टयूबलाईट विप्रो २० वैट ५० ६५० ३२,५००
६. इस्त्री फिलिप्स मॉडेल एचडी ११३४ एच आइ १०८ दिवा जीसी ८३ अथवा अन्य आस्थापन ड्राइ आयर्न लिनिशड् कोटेड सोलप्लेट (linished coated solplate) २० १२००० २४०००
कुल मिला कर मूल्य (रुपयों में) १०,०८,५००

जो पाठक, हितचिंतक अथवा धर्माभिमानी उपरोक्त उपकरण क्रय करने हेतु धनरूप में सहायता करना चाहते हैं, वे श्री. विनायक आगवेकर को [email protected] संगणकीय पते पर संपर्क करें ।

धन का त्याग कर राष्ट्र एवं धर्म के कार्य में सम्मिलित होने के अवसरका लाभ उठाएं ।


 


१४ फरवरी २०१६

विविध औषधीय गुणों से युक्त ‘सनातन दंतमंजन’ से होनेवाले लाभ ध्यान में लीजिए तथा दांतों को स्वस्थ रखने के लिए उसका उपयोग आज से ही प्रारंभ करें !

अबतक सनातन संस्था ने विविध नित्योपयोगी उत्पादों की निर्मिति की है । उनमें से एक उत्पाद है सनातन दंतमंजन !

१. दंतमंजन का महत्त्व : मसूढों की सूजन एवं रक्तस्राव से बचानेवाला, मुख की दुर्गंध को रोकनेवाला, साथ ही अरुचि (मुंह का स्वाद चला जाना) नष्ट करनेवाले सनातन दंतमंजन का उपयोग करने से अभीतक अनेक पाठक, हितचिंतक, साथ ही साधकों को विविध लाभ हुए हैं ।

२. सनातन दंतमंजन के औषधीय उपयोग

अ. दंतमंजन के नियमित उपयोग से मसूढे एवं दांत बलशाली होते हैं ।
आ. मसूढों की सूजन, साथ ही उससे पीब एवं रक्त बहना बंद होता है ।
इ. दांतों की कीडे रुककर दांतों के स्वास्थ्य में सुधार होता है ।
ई. दातों में लगे कीडे तथा मुंह की दुर्गंध रुकती है ।
उ. दांत जड से सशक्त होते हैं ।

प्रतिदिन टूथपेस्ट एवं ब्रश से दांत मांजने की अपेक्षा दंतमंजन से दांत मांजना हितकारी है । इससे दांत एवं मसूढों का मर्दन (मालिश) होने से मसूढे अधिक सशक्त होते हैं । जो पाठक, हितचिंतक एवं धर्मप्रेमी सनातन दंतमंजन का उपयोग करने हेतु इच्छुक हैं, वे सनातन के निकट के साधकों से अथवा ९३२२३१५३१७ इस क्रमांक पर अपनी मांग प्रविष्ट करें ।


१४ फरवरी २०१६

सनातन प्रभात के सभी पाठकों, हितचिंतकों और धर्मप्रेमियों से विनती !

सनातन संस्था के कार्य का वटवृक्ष दिनोंदिन फल-फूल रहा है । राष्ट्र-धर्म के कार्य में स्वयं को झोंककर सेवा करने के इच्छुक साधकों की संख्या भी दिनोंदिन बढ रही है । इसलिए, सनातन के अनेक आश्रमों और सेवाकेंद्रोंमें निम्नांकित बरतनों की शीघ्र आवश्यकता है ।

HSP_Feb16_P2_pg12

जो पाठक, हितचिंतक तथा धर्मप्रेमी उपर्युक्त बरतन देना चाहते हैं या उसके लिए धनराशि अर्पित करना चाहते हैं, वे श्रीमती क्षमा राणे इनसे संपर्क करें ।