हिन्दू जनजागृति समिति

मैं हिन्दू के रूप में जन्मीं और हिन्दू के रूप में ही मरूंगी ! – श्रीमती कृष्णादेवी घोष, बांग्लादेश

रामनाथी, गोवा में आयोजित षष्ठ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में बांग्ला देश में अत्यंत प्रतिकूल स्थिति में हिन्दू धर्मरक्षा हेतु परिश्रम करनेवाली श्रीमती कृष्णादेवी घोष को सम्मानित किया गया।

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धर्मकार्य करनेवालों को सत्त्वगुण वृद्धि के लिए साधना करना आवश्यक है ! – सदगुरु (कु.) अनुराधा वाडेकर

छठे अखिल भारतीय हिन्दु अधिवेशन के अनावरण समारोह के दूसरे सत्र में १९ जून से आरंभ हुए ‘हिन्दु राष्ट्र संगठक प्रशिक्षण एवं अधिवेशन’ के सत्र में सनातन संस्था के धर्मप्रसारसेवक पू. नंदकुमार जाधव वक्तव्य कर रहे थे ।

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साध्वी प्रज्ञासिंह को प्रताडित करनेवालों पर कठोर कार्रवाई करें – नरेंद्र केवले, शिवसेना, अमरावती

छत्रपति शिवाजी महाराज ने हर स्त्री के साथ मातासमान आचरण करने का आदर्श स्थापित किया है। साध्वी प्रज्ञासिंह पर आरोप सिद्ध न होते हुए भी उनका अमानवीय छल किया गया। आज यदि छत्रपति शिवाजी महाराज होते, तो ऐसा समय ही नहीं आता !

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‘ऐतिहासिक ‘हातकातरो’ खंबे का संवर्धन करें !’ – गोवा क्रांतिदिन के अवसर पर हिन्दुत्वनिष्ठोंद्वारा की गई मांग

वर्ष २००६ तक शासन ने पुराने कागदपत्रों में उल्लेखित हातकातरो खंबे के संदर्भ की जानकारी हटाने का प्रयास बडी आसानी से किया है। स्वाभिमानी हिन्दुओं के बलिदान का प्रतिक माने जानेवाले इस खंबे की ओर हेतुपुर:स्सर अनदेखा किया जा रहा है।

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‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित करने हेतु धर्मबलसंपन्न अधिवक्ताओं की आवश्यकता – अधिवक्ता हरिशंकर जैन, अध्यक्ष, हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस

१७ जून से यहां के सनातन के आश्रम में हिन्दू विधिज्ञ परिषद की ओर से दो दिवसीय अधिवक्ता अधिवेशन को आरंभ हुआ । प्रस्तुत है इसका वृत्तांत…

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हिन्दू राष्ट्र के लिए आज की संपूर्ण व्यवस्था ही परिवर्तित करनी होगी ! – अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकर

हमें हिन्दू राष्ट्र लाना है, ऐसे में केवल शासनकर्ता परिवर्तित करने से काम नहीं चलेगा, आज की संपूर्ण व्यवस्था ही परिवर्तित करनी होगी । इसके लिए धर्मद्रोही और अन्य सभी के भ्रष्टाचार उजागर करने होंगे तथा उसके विरोध में वैध मार्ग से आंदोलन करने होंगे ।

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‘भारत हिन्दू है’ और ‘हिन्दू भारत हैं’ ! – संत श्री हरिराम शास्त्री

भारत के विभाजन के उपरांत हमारा प्रदेश अल्प हुआ । आगे सत्ताधारी नेताआें ने केवल हिन्दुआें पर परिवार नियोजन, आरक्षण जैसी बातें लादीं । इस कारण हिन्दू और सभी संत अपना पद, दल, संगठन आदि भुलाकर केवल हिन्दू के रूप में संगठित हों ।

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धर्म के लिए कितनी भी बार कारागृह जाने को तैयार हूं ! – यति मां चेतनानंद सरस्वती

देश में ८० प्रतिशत बचे हिन्दू, लडना भूल गए हैं । इसीलिए हम स्वरक्षा के लिए प्रशिक्षण देते हैं । कानून सम्मत शस्त्र रख अपनी रक्षा करना, हम सभी का अधिकार है । अब केवल राधा-कृष्ण की कथा बांचने का नहीं, धर्म के लिए कृति करने का समय आ गया है ।

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हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए संत एकत्र हों ! – पू. बाबा फलाहारी महाराज

आज की शिक्षा प्रणाली से हम अपेक्षा नहीं कर सकते । केवल और केवल हिन्दू धर्म ही भारत को पुनर्वैभव प्रदान कर सकता है । संत ही हिन्दू धर्म के मुकुटमणी हैं । इसलिए सभी  संत संगठित हों और अपने पूर्वजों द्वारा की गई ‘कृण्वन्तो विश्‍वम् आर्यम् ।’

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