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राष्ट्रध्वज का
सम्मान करें

हमारा राष्ट्रध्वज — हमारा अभिमान, हमारी जिम्मेदारी

आइए, राष्ट्रध्वज का सम्मान करें और भारतीय ध्वज संहिता का पालन करें।

अभियान का प्रभाव

प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज पर रोक

21+ Years

से जागरूकता अभियान

भारतीय ध्वज संहिता और उसके नियमों की जानकारी

यह अभियान क्यों आवश्यक है?

सही जानकारी के अभाव में कई बार अनजाने में तिरंगे का अनादर होता है। तिरंगे के सही उपयोग और प्रदर्शन के नियम जानें।

प्लास्टिक से बने राष्ट्रध्वज आसानी से नष्ट नहीं होते। उपयोग के बाद वे महीनों तक नालियों, सड़कों और कचरे के ढेर में पड़े रहते हैं।

सही पद्धति: कपड़े या कागज से बने राष्ट्रध्वज का उपयोग करें और उन्हें सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखें।

कपडे तथा जूतों पर राष्ट्रध्वज की छपाई करना कानून का उल्लंघन है, क्योंकि ऐसे उपयोग में ध्वज गंदा हो सकता है और पैरों के नीचे आ सकता है।

सही पद्धति: राष्ट्रध्वज को कपड़ों के रूप में न पहनें और न ही उसे जूतों पर छापें।

राष्ट्रध्वज वाले मास्क पहनने से छींकने, खाँसने या थूक की बूंदों के कारण राष्ट्रध्वज दूषित हो सकता है। इससे हमारे राष्ट्रीय प्रतीक का अनादर होता है।

सही पद्धति: राष्ट्रध्वज की छवि वाले मास्क न तो बनाएं और न ही पहनें।

राष्ट्रध्वज के आकार या उसके रंगों से सजाए गए केक को काटना और खाना हमारे राष्ट्रीय प्रतीक के प्रति अनादर माना जाता है।

सही पद्धति: केक या किसी भी खाद्य पदार्थ पर राष्ट्रध्वज का चित्र या स्वरूप न बनाएं।

निजी कार या मोटरसाइकिल पर राष्ट्रध्वज प्रदर्शित करना भारतीय ध्वज संहिता के नियमों का उल्लंघन है।

सही पद्धति: निजी वाहनों पर राष्ट्रध्वज प्रदर्शित न करें।

चेहरे पर राष्ट्रध्वज बनाने से पसीने और चेहरा धोने के दौरान हमारे राष्ट्रीय प्रतीक के रंग नालियों में बह सकते हैं।

सही पद्धति: चेहरे या शरीर के किसी भी अंग पर राष्ट्रध्वज न बनाएं।

राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ

नीचे अपनी जानकारी भरें और राष्ट्रध्वज सम्मान शपथ का पोस्टर तैयार करें !

Respect National Flag
Take the Pledge
Read the pledge below, enter your name, photo and generate your poster
I solemnly pledge to honour, respect, and protect the Indian National Flag at all times. I will strictly uphold the Flag Code of India, say no to plastic flags, prevent its misuse, and inspire others to maintain the dignity of our Tiranga.
Click to upload photo PNG, JPG or WEBP (Max 1MB)

Join 3 citizens who have already taken this pledge.

जमीनी स्तर पर प्रयास

हिन्दू जनजागृति समिति के प्रयास

हिंदू जनजागृति समिति देशभर में राष्ट्रध्वज के सम्मान के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।

सक्रिय प्रहरी बनें

निःशुल्क जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें

हमारी टीम को आमंत्रित करें और अपने क्षेत्र में भारतीय ध्वज संहिता पर निःशुल्क व्याख्यान या क्रांतिगाथा प्रदर्शनी आयोजित करवाएं।

Program Request Form

Select your program preferences below and submit your details to schedule a session.

Request Received Successfully!

Thank you for taking the initiative to spread awareness about the Flag Code of India. Our campaign coordinator will contact you shortly to schedule the session.

Watch & Share

Campaign Awareness Videos

Watch and share these short videos to spread awareness about respecting our Tiranga.

हमारा तिरंगा — हमारा अभिमान

राष्ट्रध्वज का सम्मान करना क्यों महत्वपूर्ण है?

तिरंगा केवल कपडे का एक टुकड़ा नहीं है। यह भारत की भावना, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है।

अभियान से आए सकारात्मक बदलाव

अभियान से क्या बदलाव आया?

जागरूकता अभियान, सरकार के समक्ष निरंतर प्रयास तथा कानूनी कार्रवाई के माध्यम से 21 वर्षों से लगातार प्रयास।

कानूनी सफलता

2011 में HJS की याचिका के बाद प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज की बिक्री रोकने के निर्देश जारी हुए।

राज्य स्तर पर कार्रवाई

विभिन्न राज्य सरकारों ने प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज के उपयोग और बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के लिए आधिकारिक परिपत्र जारी किए।

प्लास्टिक ध्वज का उत्पादन बंद

नए राष्ट्रीय नियमों के माध्यम से प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज के उत्पादन पर आधिकारिक रूप से रोक लगाई गई।

जनभागीदारी

कई नागरिक समूह सडकों पर विशेष संग्रह पेटियां लगाकर उपयोग किए गए राष्ट्रध्वजों को एकत्र करते हैं, ताकि उनका सम्मानपूर्वक निपटारा किया जा सके।

कानूनी सफलता

2011 में HJS की याचिका के बाद प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज की बिक्री रोकने के निर्देश जारी हुए।

राज्य स्तर पर कार्रवाई

विभिन्न राज्य सरकारों ने प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज के उपयोग और बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के लिए आधिकारिक परिपत्र जारी किए।

प्लास्टिक ध्वज का उत्पादन बंद

नए राष्ट्रीय नियमों के माध्यम से प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज के उत्पादन पर आधिकारिक रूप से रोक लगाई गई।

जनभागीदारी

कई नागरिक समूह सडकों पर विशेष संग्रह पेटियां लगाकर उपयोग किए गए राष्ट्रध्वजों को एकत्र करते हैं, ताकि उनका सम्मानपूर्वक निपटारा किया जा सके।

अभियान से संबंधित सामग्री

अभियान से जुडी सामग्री (किट)

आधिकारिक अभियान सामग्री डाउनलोड करें, भारतीय ध्वज संहिता के नियमों को समझें और अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता निर्माण करें !

भारतीय ध्वज संहिता – (आधिकारिक सारांश)

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए राष्ट्रध्वज के सही आकार, उचित पद्धति से ध्वजारोहण तथा सम्मानपूर्वक संभालने से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश।

अभियान जागरूकता पुस्तिका

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी देने वाली प्रिंट करने योग्य पुस्तिका।

डिस्प्ले चित्र (DP) फ्रेम

सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स की प्रोफाइल फोटो के लिए उपयुक्त तैयार DP फ्रेम।

सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय ध्वज संहिता तथा अभियान से संबंधित प्रश्न

राष्ट्रध्वज फहराना, रात में प्रदर्शित करना, कानूनी नियम तथा शिकायत दर्ज करने से जुडे सामान्य प्रश्नों के उत्तर।

भारतीय ध्वज संहिता, 2002 राष्ट्रध्वज के उपयोग, ध्वजारोहण और प्रदर्शन से संबंधित आधिकारिक नियमों और दिशा-निर्देशों का संग्रह है। इसमें राष्ट्रध्वज से संबंधित विभिन्न कानून तथा निर्देशों को सम्मिलित किया गया है, ताकि प्रत्येक नागरिक और संस्था द्वारा तिरंगे का उचित सम्मान और गरिमा बनाए रखी जाए।

हाँ। प्रत्येक नागरिक, निजी व्यवसाय या शैक्षणिक संस्था को किसी भी दिन राष्ट्रध्वज फहराने या प्रदर्शित करने का अधिकार है, केवल इसे सम्मानपूर्वक और भारतीय ध्वज संहिता के नियमों के अनुसार किया जाए।

हाँ। संशोधित भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार राष्ट्रध्वज को खुले स्थान या निजी घर पर दिन और रात दोनों समय प्रदर्शित किया जा सकता है। रात में इसे पर्याप्त ऊँचे ध्वजदंड पर और उचित प्रकाश व्यवस्था के साथ प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

हाँ। प्लास्टिक के राष्ट्रध्वजों का उपयोग कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।
भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार राष्ट्रध्वज के लिए निर्धारित कपडे – जैसे कपास, पॉलिएस्टर, ऊन, रेशम तथा खादी का उपयोग किया जा सकता है। कागज के राष्ट्रध्वज भी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।

प्लास्टिक के ध्वजों का सम्मानपूर्वक निपटारा करना कठिन होने के कारण इनके उपयोग पर रोक है।

हाथ से काते, हाथ से बुने या मशीन से बने कपास, पॉलिएस्टर, ऊन, रेशम या खादी के कपड़े से राष्ट्रध्वज बनाया जा सकता है।
सार्वजनिक कार्यक्रमों में कागज के ध्वज भी उपयोग किए जा सकते हैं, किंतु कार्यक्रम के बाद उन्हें जमीन पर नहीं फेंकना चाहिए।

राष्ट्रध्वज आयताकार होना चाहिए। उसका आकार कोई भी हो सकता है, लेकिन उसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए।

फटा हुआ, रंग उड़ा हुआ या क्षतिग्रस्त राष्ट्रध्वज कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। ऐसे ध्वज को पूर्ण रूप से नष्ट किया जाना चाहिए। ध्वज संहिता के अनुसार, इसे निजी स्थान पर सम्मानपूर्वक जलाना या दफनाना उचित पद्धति है।

राष्ट्रीय गौरव के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के अंतर्गत राष्ट्रध्वज का अपमान करने वाले कार्यों में शामिल हैं:
– राष्ट्रध्वज को जमीन या फर्श पर गिराना
– पानी में घसीटना
– सजावट या पर्दे के रूप में उपयोग करना
– कपडे या वर्दी के हिस्से के रूप में उपयोग करना
– राष्ट्रध्वज पर कोई शब्द, लोगो या डिजाइन लिखना/छापना
– उसका व्यावसायिक विज्ञापन या पैकेजिंग में उपयोग करना
– फटे, क्षतिग्रस्त या सिकुड़े हुए राष्ट्रध्वज को फहराना

तिरंगे का सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

यदि आपको राष्ट्रध्वज का वास्तविक जीवन में या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुचित प्रदर्शन, व्यावसायिक दुरुपयोग या अपमान दिखाई दें, तो स्थानीय पुलिस प्राधिकरण या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायत दर्ज की जा सकती है। वेबसाइट इसे राष्ट्रीय गौरव के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के अंतर्गत बताती है।

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