Signature Campaign : निकिता तोमर हत्या समान घटनाएं रोकने हेतु केंद्र सरकार ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ बनाए !

फरीदाबाद (हरियाणा) के वल्लभगढ में 28 अक्‍टूबर 2020 को 21 वर्ष की छात्रा निकिता तोमर की हत्‍या तौसिफ नाम के धर्मांध युवक ने गोलियां चलाकर कर दिन दहाडे कर दी । इससे पूरे देश में जनाक्रोश व्‍याप्‍त है । इस हत्‍या के आरोपी तौसीफ और रेहान को बंदी बना लिया गया है । मृत निकिता के पिता श्री. मूलचंद तोमर ने बताया कि ‘तौसीफ निकिता पर इस्‍लाम धर्म स्‍वीकारने के लिए तथा विवाह करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था । वर्ष 2018 में तौसीफ ने निकिता का अपहरण भी किया था ।’ निकिता के पिता का यह बयान हिन्‍दू समाज और पुलिस की आंखें खोलनेवाला है । यह घटना न केवल हत्‍या तक सीमित है, अपितु इसमें ‘लव जिहाद’ की संकल्‍पना थी, यह स्‍पष्‍ट हुआ है । इससे एक बार पुन: पूरे देश में ‘लव जिहाद’ की चर्चा ने जोर पकड लिया है । इस विषय में हम निम्‍नांकित सूत्र की ओर आपका ध्‍यान आकर्षित करना चाहते हैं ।…

देशभक्‍त एवं धर्मप्रेमी हिन्‍दू इस ऑनलाईन याचिका (पेटिशन) द्वारा केंद्र शासन से ये मांग करे !

देशभक्‍त एवं धर्मप्रेमी हिन्‍दुओं से निवेदन है कि, कृपया नीचे दिए गए ‘Send Email’ इस बटन पर क्लिक कर इस मांग को इ-मेल द्वारा मा. प्रधानमंत्री, मा. गृहमंत्री एवं मा. अध्यक्षा, राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार को भेजें ! साथ ही इस इ-मेल की प्रतिलिपि (Copy) हमें [email protected] इस पते पर इ-मेल करें ! 
(Note : ‘Send Email’ यह बटन केवल मोबाईल से क्लिक करने पर ही कार्य करेगा !)

 

1. राष्ट्रीय तीरंदाज तारा सहदेव नाम की हिन्‍दू युवती से रकीबुल नाम के धर्मांध ने अपने को हिन्‍दू बताकर फंसाया और विवाह किया । पश्‍चात इस्‍लाम धर्म स्‍वाकारने के लिए बाध्‍य किया । इस प्रकरण की राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चर्चा आरंभ होने पर ‘लव जिहाद’ का भयानक सत्‍य देश के सामने आया था ।

2. केरल उच्‍च न्‍यायालय का ‘शाहन शाह विरूद्ध केरल सरकार’ प्रकरण का निर्णय (6.11.2009) राज्‍य में ‘लव जिहाद’ की भयानकता को सुस्‍पष्‍ट करता है । पॉपुुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, शाहीन फ्रंट, कैंपस फ्रंट ऐसे अनेक जिहादी संगठनों का इस षड्‍यंत्र मे सहभाग है, ऐसा उसमें उल्लेख है ।

3. वर्ष 2006 से 2009 तक ‘लव जिहाद’ के माध्‍यम से लगभग 4 हजार युवतियों को बलपूर्वक इस्‍लाम में धर्मांतरित करवाया गया है । इसके लिए खाडी के देशों से पैसे आते थे, इस बात का भी उसमें उल्लेख है । इसी प्रकार, यह घटना केवल केरल राज्‍य तक सीमित नहीं, अपितु उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और महाराष्‍ट्र जैसे अनेक राज्‍यों में भी फैल गई है ।

4. ‘जनसूचना का अधिकार’ कानून के अंतर्गत मिली जानकारी के अनुसार, ‘महाराष्‍ट्र में लव जिहाद के नाम के अंतर्गत गृह विभाग ने शिकायत दर्ज की है । उसमें वर्ष 2008 से 2011 इन 4 वर्षों में 22 शिकायतें दर्ज हैं ।’ ऐसी घटनाएं सामने आने की संख्‍या कम ही होती है । उसमें भी जो सामने आती हैं, उस विषय में पुलिस थाने में शिकायत लिखवाने की संख्‍या अत्‍यल्‍प है । यदि पुलिस में शिकायत की भी जाती है, तो भी पुलिस उनका ‘लव जिहाद’ के रूप में उल्लेख कभी-कभार ही करती है । ऐसी स्‍थिति में भी 22 शिकायतें दर्ज हुई हैं, तो प्रत्‍यक्ष में इनकी संख्‍या कितनी होगी, यह अनुमान लगाना कठिन न होगा ।

5. महाराष्‍ट्र सरकार ने महिलाआें पर अत्‍याचार रोकने के लिए निवृत्त न्‍या. चंद्रशेखर धर्माधिकारी की अध्‍यक्षता में एक जांच समिति बनाई है । उसने वर्ष 2010 में प्रतिवेदन दिया है । उसमें बताया गया है कि ‘लव जिहाद’ के माध्‍यम से हिन्‍दू लडकियों को इस्‍लाम में धर्मांतरित करने के लिए दबाव डाला जाता है । यह धर्मांतरण रोकने के लिए महाराष्‍ट्र शासन उडीसा और मध्‍यप्रदेश के समान ‘धर्मांतर बंदी कानून’ बनाए, यह शिफारस गृह विभाग से की थी ।

6. ट्यूशन क्‍लास, विद्यालय-महाविद्यालय, मोबाईल रिचार्ज करने के केंद्र, ब्‍यूटी पार्लर अथवा स्‍पा सेंटर्स आदि अनेक स्‍थानों पर धर्मांध युवक योजना बनाकर ऐसी घटनाएं कर रहे हैं । महिलाआें पर होनेवाले अत्‍याचार प्रतिदिन बढ रहे हैं । इनमें ‘लव जिहाद’ के माध्‍यम से होनेवाली शोषण की घटनाएं अधिक हैं । इस विषय में अनेक समाचार चैनलों ने धर्मांध युवकों का ‘स्‍टिंग ऑपरेशन’ कर, इसके पीछे का षड्‍यंत्र अनेक बार उजागर भी किया है ।

7. मदरसों तथा मसजिदों के माध्‍यम से धर्मांध युवकों को ‘लव जिहाद’ के लिए प्रोत्‍साहित किया जाता है । धर्मांध युवकों को मुसलमानेतर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने के लिए दुपहिया वाहन, महंगे मोबाइल, अच्‍छे कपडे आदि के साथ-साथ लडकियों पर खर्च करने के लिए पैसे भी दिए जाते हैं, ऐसा इस ‘स्‍टिंग ऑपरेशन’के माध्‍यम से उजागर हुआ ।

‘लव जिहाद’का षड्‍यंत्र रोकने के लिए निम्‍नांकित उपाय करें, यह हम मांग करते हैं …

1. ‘लव जिहाद’ रोकने के लिए देश में ‘धर्मांतरबंदी कानून’ बनाकर उसका कार्यान्‍वयन कठोरता से करवाएं । इस कानून में ‘लव जिहाद’ से पीडित मुसलमानेतर युवती अथवा उसके संबंधियों की शिकायत पर आरोपियों के विरुद्ध अजमानती अभियोग दाखिल करने की व्‍यवस्‍था हो । इसी प्रकार, कोई दूसरा व्‍यक्‍ति ऐसा अपराध करने का दुस्‍साहस न कर सके, इतना कठोर दंड की व्‍यवस्‍था हो । सामाजिक ऐकता के लुभावने नाम पर ‘लव जिहाद’ को प्रोत्‍साहन तथा उसका प्रचार करनेवाले विज्ञापन, चलचित्र, नाटक, पुस्‍तक, लेख, भाषण आदि के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने की व्‍यवस्‍था इस कानून में हो ।

2. ‘लव जिहाद’ के प्रकरणों में जांच के लिए केंद्र और राज्‍य स्‍तर पर पुलिस की विशेष शाखा स्‍थापित की जाए । ऐसे प्रकरणों में ‘लव जिहाद’ शीर्षक के अंतर्गत अपराध पंजीकृत किए जाएं ।

3. किसी भी अंतरधर्मीय विवाह का पंजीकरण केवल न्‍यायालय में हो ।

4. ‘लव जिहाद’ के लिए विदेशों से आनेवाली अर्थिक सहायता, युवतियों की तस्‍करी और उनका आतंकवादी कृत्‍यों के लिए होनेवाले उपयोग की जांच केंद्र शासन करे और यह षड्‍यंत्र पूर्णत: विफल करने के लिए कठोर उपाय करे ।

5. जिन मदरसों और मसजिदों में धर्मांतरण को प्रोत्‍साहन दिया जाता है, उनपर शासन विशेष ध्‍यान दे । ऐसी घटनाआें का पता लगने पर संबंधित मदरसों और मसजिदों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए ।

6. ऐसे प्रकरणों में यदि पीडित मुसलमानेतर युवती/स्‍त्री का विवाह हो गया हो, तब उसकी इच्‍छा अनुसार तुरंत विवाह विच्‍छेद मिलने की व्‍यवस्‍था हो । ऐसे प्रकरणों में धर्मांध आरोपी तथा उनके संबंधियों की संपत्ति का आधा भाग पीडित महिला को देने की व्‍यवस्‍था हो ।

लव जिहाद : हिन्दू युवतियों, स्त्रियों तथा अभिभावकों के लिए ध्यान में रखनेयोग्य सावधानियां

इस लेखमें हमने ‘लव जिहाद’की संदर्भमें हिन्दू युवतियों, स्त्रियों तथा अभिभावकोंके लिए ध्यानमें रखनेयोग्य सावधानियां दी हुर्इ है । Read more »

लव जिहाद : हिन्दू युवतियो, झूठे प्रेमकी बलि चढकर आत्मघात न करो !

हिन्दू युवतियो, क्या आपको ‘अनेक’निष्ठ पति चलेगा ? हिन्दू युवतियो, धर्म-परिवर्तनसे होनेवाली हानि ध्यानमें रखें तथा धर्मद्रोहका पाप अपने माथेपर न लें ! Read more »