लेख

कश्मीर में निहित आतंकवाद स्वतंत्रता की लडाई नहीं, अपितु जिहाद !

भारतीय राजनेता जिहाद का विषय एवं उसकी रूपरेखा से परिचित नहीं है, साथ ही उनमें उसका सामना करने की तथा उसके विरुद्ध लडने की सिद्धता नहीं है । वो उनके विरुद्ध रचनात्मक समाधान-योजना करने का टाल रहे हैं ।

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भारतीय सेना ने चीन के साथ सफलता पूर्वक दिए कुछ लडे !

वर्ष १९६७ का नाथुला लढा, वर्ष १९८३ का अरुणाचल प्रदेश के तवांग के उत्तर में हुआ लढा तथा वर्ष १९८६-८७ का उसी क्षेत्र में सुमुद्रांग चू इस क्षेत्र का लढा हो, इन तीनो स्थानों पर भारतीय सेना ने चीन की अच्छी तरह से पिटाई की थी ।

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यूरोपीय देशो में बढ रही है संस्कृत के प्रति रूचि किंतु भारत में ही उपेक्षा की मार !

भारत में जैसे ही “संस्कृत” का नाम लिया जाता है, तो तमाम कथित प्रगतिशील और नकली बुद्धिजीवी किस्म के लोग नाक-भौंह सिकोड़ने लगते हैं ! वेटिकन पोषित कुछ तथाकथित दलित चिंतकों ने तो संस्कृत जैसी समृद्ध भाषा को “ब्राह्मणवाद” से जोड़ दिया है !

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मुसलमान मरे तो खतरे में मानवता, हिंदुओं की हत्या पर क्यों चुप रहता है ‘सेक्युलर’ जमात ?

हत्या चाहे हिन्दुओं की हो या मुसलमानों की, हत्या को अंजाम तक पहुंचानेवाले अपराधि हैं, परंतु उनका अपराध भी कम नहीं है, जो क्राइम की घटनाओं के बहाने देश को बदनाम करने में लगे हैं। आइये हम उन घटनाओं को दिखाने का प्रयास करते हैं जिसमें हिन्दुओं के साथ हत्या की घटना हुई, परंतु इन्हें नहीं दिखा . . .

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जब राजपूत वीरांगना ‘किरण देवी’ से अकबर को मांगनी पडी अपने प्राणों की भीख

एक पतिव्रता और साहसी महिला ने प्राणों की बाजी लगाकर न केवल अपनी इज्जत की रक्षा की, अपितू भविष्य में नारियों को उसकी वासना का शिकार बनने से भी बचा लिया। और उसके बाद वास्तव में नौरोज मेला बंद हो गया।

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माउंटआबू के चारों दिशाओं में विराजमान हैं भगवान हनुमान

राजस्थान का माउंटआबू एक पहाड़ी क्षेत्र होने के अलावा एक ऐसा शहर है जो कण-कण से अपनी आध्यात्मिकता का एहसास कराता है। जहां भगवान शंकर, भगवान राम, भगवान विष्षु, भगवान कृष्ण और भगवान दत्तात्रेय से जुड़े कई प्राचीन मंदिर है।

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शबरीमाला देवस्थान में महिलाओंके प्रवेशपर प्रतिबंध ‘योग्य अथवा अयोग्य’ ?

‘सनातन प्रभात’ के केरल स्थित एक वाचक अधिवक्ता श्री. के.जी. मुरलीधरन ने ‘शबरीमाला देवस्थान में महिलाओंके प्रवेशपर प्रतिबंध योग्य अथवा अयोग्य’ ?’ इस प्रसिद्ध हुए लेख पर, इस देवस्थान की परंपरा की बारे में हमें जानकारी दी है, वो आप के लिये प्रसिद्ध कर रहें हैं, क्यों, इस मंदिर में महिलाओंपर प्रवेश प्रतिबंधित है !

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पुनः उभर रहा है स्वाभाविक भारत : प्रो. कुसुमलता केडिया

आदित्यनाथ योगी जी का मुख्यमंत्री बनना स्वाभाविक भारत के उभार का प्रमाण है। ये भारतीय सांस्कृतिक चेतना, साधना और मर्यादा के ध्वजावाहक हैं।

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मुट्ठीभर लोगों के तुष्टिकरण हेतु और कितने दिनोंतक बहुसंख्यकों की बली चढाई जाएगी ?

‘देश में लोकतांत्रिक राज्यव्यवस्था है’ ऐसा कहना, एक तरह से जनता को धोखा देना है ! जबतक कानून में समानता नहीं है, तबतक यह लोगों का राज्य है, ऐसा हम कैसे कह सकते हैं ? मुट्ठीभर लोगों के तुष्टिकरण हेतु और कितने दिनोंतक बहुसंख्यकों की बली चढाई जाएगी ?

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मिडिया का ‘हिन्दू’विरोधी अजेंडा !

भारत में न्यूज चैनलों के नामपर २४ घंटे समाचार देनेवाले चैनलों का वास्तविक रूप है हिन्दू धर्म में व्याप्त (कथित) कामियों को बढा-चढाकर प्रस्तुत करना और हिन्दुत्व हेतु कार्य करनेवाले व्यक्ति एवं संगठनों को अपकीर्त करना।

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