रामो राजमणिः सदा विजयते !

प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के संदर्भ में, ऐसा कहना पड़ेगा कि, स्वयं प्रभु श्रीराम को ही अपनी जन्मभूमि पाने के लिए रामलला के माध्यम से प्रकट होना पडा ! यह किसी समाज की नहीं, अपितु अंतिमतः सत्यवचनी प्रभु श्रीराम की ही विजय हुई ! Read more »

पितृपक्ष में श्राद्ध करना भूल गए हो अथवा श्राद्ध तिथि मालूम न हो तो इस दिन करें भूले बिसरे सभी पितरों का श्राद्ध

पितृ पक्ष २०१९ की शुरुआत १४ सितंबर से हो गई है और २८ सितंबर को श्राद्ध करने का आखिरी दिन होगा। इसके बाद नवरात्रि का पर्व (Navratri 2019) आरंभ हो जायेगा। Read more »

श्री गुरुदेव दत्त : जानिए पितृपक्ष के दौरान भगवान दत्तात्रय का जाप करने के लाभ

पितृपक्ष में श्राद्धविधि के साथ-साथ दत्तात्रेय का नामजप करने से पूर्वजों के कष्ट से रक्षा होने में सहायता मिलती है। इसलिए पितृपक्ष में दत्तात्रेय का नामजप प्रतिदिन न्यूनतम १ से २ घंटे (१२ से २४ माला) तथा संभव हो तो अधिकाधिक निरंतर करें। Read more »

१४ सितंबर से शुरू हो रहा है पितृपक्ष . . .

आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अमावस्या पंद्रह दिन पितृपक्ष के नाम से विख्यात है। इन पंद्रह दिनों में लोग अपने पूर्वजों को जल देते हैं तथा उनकी मृत्युतिथि पर श्राद्ध करते हैं। Read more »

परिवर्तिनी एकादशी के दिन करते हैं, भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा-अर्चना

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पद्मा एकादशी और परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। इस बार यह एकादशी ९ सितंबर यानी आज है। Read more »

करगिल युद्ध विजय पर : अक्षुण्ण है भारत का भाल, वीर सपूत हैं इसके लाल !

माँ भारती के सपूतों ने करगिल युद्ध में वीरता, शौर्य और बलिदान की जो गौरवगाथा लिखी है उसके लिए उन सभी को शत्-शत् नमन ! कोटि-कोटि वंदन है ! ! ! Read more »

#PulwamaAttack : युद्ध में जीतना है अथवा क्रिकेट में ?

सभी स्तरों पर शत्रु के विरुद्ध क्षोभ की लहर होते हुए भी भारत के दिग्गज खिलाडी की ओर से पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का आग्रह रखा जाना, क्षोभजनक है । अंततः क्रिकेट अथवा अन्य किसी खेल की अपेक्षा राष्ट्र बडा होता है । पाकिस्तान के साथ व्यापार बंद हो सकता है, उसका पानी बंद हो सकता है, तो क्रिकेट क्यों नहीं बंद हो सकता ? Read more »

शासको ! वीर पेशवाआें के समान हिन्दुआें में हिन्दुत्व जगाने का कार्य कब करोगे ?

हमारे शासक इतिहास से सीखकर हिन्दुआें में हिन्दुत्व जगाने का कार्य क्यों नहीं करते ? आगामी कुछ ही वर्षों में स्थापित होनेवाले हिन्दू राष्ट्र (ईश्‍वरीय राज्य) में सर्वत्र स्वदेशी नाम ही रखे जाएंगे । Read more »

धर्म की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे गुरु तेग बहादुर

गुरु तेग बहादुर जी सिखों के नौवें गुरु थे। अपने धर्म और इमान की रक्षा करते हुए उन्होंने अपनी जान तक दे दी थी। उनकी इसी शहादत के याद में २४ नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस मनाया जाएगा। गुरु तेग बहादुर २४ नवंबर १६७५ को शहीद हुए थे। Read more »

‘भूख हडताल’ नहीं, अपितु हिन्दू राष्ट्र स्थापना ही राष्ट्र एवं धर्म की समस्याआें का वास्तविक समाधान है ! – पू. संदीप आळशी

प्रभु श्रीराम जैसे सुसंस्कृत एवं आदर्श राज्यकर्ता हो, तो उसके सामने ‘भूख हडताल करना’ उचित है; परंतु राज्यकर्ता सुसंस्कृत एवं आदर्श न हों, तो भूख हडताल का संज्ञान भी नहीं लिया जाता अथवा किया हुआ भूख हडताल व्यर्थ हो जाता है ! Read more »

Notice : The source URLs cited in the news/article might be only valid on the date the news/article was published. Most of them may become invalid from a day to a few months later. When a URL fails to work, you may go to the top level of the sources website and search for the news/article.

Disclaimer : The news/article published are collected from various sources and responsibility of news/article lies solely on the source itself. Hindu Janajagruti Samiti (HJS) or its website is not in anyway connected nor it is responsible for the news/article content presented here. ​Opinions expressed in this article are the authors personal opinions. Information, facts or opinions shared by the Author do not reflect the views of HJS and HJS is not responsible or liable for the same. The Author is responsible for accuracy, completeness, suitability and validity of any information in this article. ​