अपराध का उदात्तीकरण !

जिन अपराधियों का चलचित्रों के माध्यम से उदात्तीकरण किया गया, उन्होंने कभी भी अपनेद्वारा किए गए द्रोह के संदर्भ में न कभी क्षमायाचना की और न उन्होंने स्वयं को देशसेवा के लिए समर्पित किया ! इससे उनकी एवं उदात्तीकरण करनेवाले चलचित्र निर्माताओं की मानसिकता एवं विषैली वृत्ति ही दिखाई देती है ! Read more »

धर्माधारित हिन्दू राष्ट्र की स्वर्णिम प्रभात अब दूर नहीं !

भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए वर्ष २०१२ में पहली बार हुए अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का ऐरावत अब सप्तम अधिवेशन के माध्यम से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना का स्वप्न यथार्थ में लाने की दृष्टि से और एक आश्‍वासक पग बढाएगा, यह सुनिश्‍चित है । Read more »

अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन : एक सिंहावलोकन

इस वर्ष अर्थात २ से १२ जून २०१८ की अवधि में सप्तम अर्थात सातवां अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन आयोजित है । इस अधिवेशन से प्रेरणा लेकर, आगामी काल में हिन्दू समाज को भारतभूमि में रामराज्य की अनुभूति देनेवाले हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में छोटा-सा नहीं अपितु महान योगदान देने की प्रेरणा मिले, यह प्रभु श्रीराम के चरणों में प्रार्थना है ! Read more »

क्या पश्चिम बंगाल में ममता बॅनर्जी का आपातकाल है ?

वामपंथ के कुशासन से मुक्ति के लिए पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को चुना। मां, माटी और मानुष के नारे के बीच उम्मीद थी कि प्रदेश में लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी, लेकिन लोग आज ठगे हुए महसूस कर रहे हैं। Read more »

जयंती विशेष : बाल आयु से ही अदम्य साहस का परिचय देने लग गये थे महाराणा प्रताप…

महाराणा प्रताप मेवाड के शासक और एक वीर योद्धा थे जिन्होंने कभी अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की। उनका जन्म सिसोदिया कुल में हुआ था। Read more »

एक वैदिक यज्ञ के चमत्कारी प्रभाव से बची थीं लाखों जिंदगियां

२-३ दिसंबर, १९८४ के दौरान मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित कंपनी यूनियन कार्बाइड में एक बड़ी दुर्घटना घटी और मिथाइल आइसोसाइनाइड के रिसाव की वजह से लाखों जिंदगियां खतरे में पड़ गईं। Read more »

स्वातंत्र्यवीर सावरकर द्वारा लिखित ‘१८५७ चे स्वातंत्र्यसमर’ ग्रंथ का इतिहास !

स्वातंत्र्यवीर सावरकरजी ने `१८५७ चे स्वातंत्र्यसमर’ ग्रंथ की लिखाई हेतु पूरा ब्रिटिश ग्रंथालय छान मारा तथा सारे संदर्भ ढूंढ निकाले । ‘१८५७ चे स्वातंत्र्यसमर’ यह ग्रंथ क्रांतिकारियों के लिए स्फूर्तिगीता सिद्ध हुआ । Read more »

कश्मीर को इस्लामीकरण से बचाना है तो ‘एक भारत अभियान . . . कश्मीर की ओर’ अनिवार्य !

विगत ढाई दशकों से इस्लामी आतंकवाद ने कश्मीर के हिन्दुओं को यहां से पलायन करने के लिए बाध्य किया। आज के दिन सैन्यबलों पर स्थानीय विभाजनकारियोंद्वारा किया जानेवाला पथराव, आतंकियों को दी जानेवाली सहायता, पाकिस्तान, साथ ही इसिस के ध्वज फहराना, इस कारण भारत के राष्ट्रीयत्व को ही चुनौती दी जा रही है ! Read more »

. . . तो, राजपूत पुनः एक बार जौहर करेंगे ?

चित्रपट पद्मावती को विरोध – सेन्सर बोर्ड शांत रहा, राजनेता शांत रहे और सर्वधर्मसमभाव का आक्रोश करनेवाले पुरोगामी भी शांत बने रहे। ‘मुझे इसका क्या ?’, कहते हुए जन्महिन्दू भी शांत रहे; परंतु आज की स्थिति अलग है ! Read more »

मृत्यु को तिनके की भांति माननेवाली रानी पद्मावती का जौहर !

अल्लाउद्दीन खिलजी नामक उस समय के जीवंत राक्षस की क्रूर इस्लामी छाया भी अपने शरीर पर न पडे; इसके लिए रानी पद्मिनीदेवी ने १५ सहस्र राजपूत महिलाआें के साथ धधकते यज्ञकुंड में सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर ‘जौहर’ किया । Read more »

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राष्ट्र एवं धर्म रक्षा के लिए कार्यरत
हिन्दू जनजागृति समिति को
दिया गया धर्मदान ‘सत्पात्र दान’ होगा !