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देशहितके संकल्प हेतु समाधि लेनेवाले नागा साधूको पुलिसने बलपूर्वक नियंत्रणमें लिया !

राष्ट्रका बिगडा हुआ स्वास्थ्य पुनः उत्तम हो, इस संकल्प हेतु नागा बाबा समाधि लेनेवाले थे; किंतु उससे पूर्व ही पुलिसद्वारा उन्हें बलपूर्वक नियंत्रणमें लेकर अज्ञात…

सामूहिक बलात्कारोंके लिए प्रसारमाध्यम ही कारणीभूत हैं ! – शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती

देहलीमें अभी कुछ समय पूर्व ही हुए बलात्कारके प्रकरण अत्यंत निषेधार्ह एवं निंदनीय हैं । देशभरके प्रसारमाध्यम आजकल अश्लीलताको प्रोत्साहन देते हैं । – शंकराचार्य…

कुंभमेलेमें तथाकथित निधर्मियोंकी महामारी फैलानेका षड्यंत्र !

परमार्थ निकेतनके स्वामी चिदानंद सरस्वती (मुनिजी) ने १८ एवं १९ फरवरीको सर्वधर्म संसदका आयोजन करनेसे कुंभनगरीमें रोष उमड पडा है ।

गोरक्षा हेतु युवकोंकी सेनाका निर्माण करनेवाले स्वामी राघव दासजी !

स्वामीजीने गोरक्षाका कार्य २१ वर्षकी आयुसें वृंदावनमें आरंभ किया है एवं आज हरियाणा, नई देहली, पंजाब एवं राजस्थानमें सैंकडों युवकोंका समूह उनके मार्गदर्शनमें गोरक्षाका कार्य…

शंकर चतुष्पथकी मांग कायम ! – ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती

ज्योतिषपीठके शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वतीजीने पत्रकारोंसे बोलते समय कहा कि देशमें १२१ लोग शंकराचार्य बने बैठे हैं । ढोंगी शंकराचार्योंसे श्रद्धालुओंको बचानेके लिए शंकर चतुष्पथकी…

अखाडोंद्वारा कुंभमेलेके स्नानका बहिष्कार करनेकी चेतावनी !

प्रयागराज : कुंभमेलेमें चारों पीठोंके शंकराचार्य एक ही स्थानपर रहें, इसके लिए प्रस्तुत की गई शंकर चतुष्पथ संकल्पनाको १३ अखाडोंद्वारा विरोध किया गया है ।

हिंदुओंको बहरूपिये शंकराचार्योंसे बचानेके लिए ही संघर्ष ! – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

सनातन धर्म विरोधी कुछ बहरूपिये स्वयं शंकराचार्य बनकर धर्मके नामपर लोगोंको ठग रहे हैं । हम ऐसे बहरूपियोंका खरा स्वरूप उजागर करनेके लिए संघर्ष कर…

अंधा कारोबार चलता रहा, तो पुरी एवं ज्योतिषपीठके शंकराचार्योंका अनुपस्थित रहनेका निर्णय

कुंभमेलेके अंधा कारोबार चलता रहा, तो पुरीके गोवर्धनपीठके शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती एवं ज्योतिषपीठके शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वतीका अनुपस्थित रहनेका निर्णय

कुंभमेलेमें होनेवाले समितिके हिंदू अधिवेशनको जगद्गुरु नरेंद्राचार्यजी महाराजका शुभाशीर्वाद

समितिकी ओरसे श्री. अनिल जठारने जगद्गुरु नरेंद्राचार्यजी महाराजसे श्रीक्षेत्र नाणीजमें भेंट की एवं अधिवेशनका निमंत्रण दिया ।