Menu Close

सर्वधर्म सम्मेलनमें जामा मस्जिदके मौलानाके लिए पांवडे !

स्वामी अधोक्षजानंदका श्री. नरेंद्र मोदीको कुंभमेंलेमें आगमनका विरोध करना एक प्रकारसे हिंदुत्वका विरोध है । सर्वधर्म सम्मेलनमें स्वामी अधोक्षजानंदने कुंभ मेलेको धर्मनिरपेक्षताका रंग देनेकावाले कृत्य…

माघी पूर्णिमा स्नान पर उमड़ा श्रद्धालुओं का रैला !

महाकुंभ के पांचवें स्नान पर्व [माघी पूर्णिमा] पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का रैला उमड़ पड़ा है। पिछले दिनों हुई भारी बरसात से मेला क्षेत्र…

कुंभनगरीमें आपत्कालीन स्थितिमें भी ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापनेके प्रदर्शनीको उत्स्फूर्त प्रतिसा

कुंभनगरीमें आपत्कालीन स्थिति होनेपर भी सनातन संस्था एवं हिंदू जनजागृती समितीके तत्वावधानसे ‘हिंदू राष्ट्र’की स्थापना हेतु लगाई गयी प्रदर्शनीको उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला |

१ करोडों श्रद्धालुओंने किया कुंभमेलामें अंतिम पवित्र स्नान !

१ करोडों श्रद्धालुओंने वसंतपंचमीके मुहूर्तपर कुंभमेलामें अंतिम पवित्र स्नान किया | यह पवित्र स्नान समाप्त होनेपर कुंभनगरीमें वर्षा का आगमन हुवा |

मौनी अमावस्याको ३ करोडसे अधिक हिंदुओंने किया पवित्र स्नान !

विश्वभरमें महाकुंभ हिंदुओंका सबसे बडा उत्सव माना जाता है । पवित्र स्नानके लिए गंगा तट एवं संगमके स्थानपर कुल २२ घाटोंपर प्रचंड जनसागर उमडा था…

भोजशालाके श्री सरस्वती मंदिर प्रकरणमें संतोंकी आग्रही भूमिका !

महामंडलेश्वर स्वामी यतीन गिरिजी महाराजने कुंभनगरीमें धर्म संसदमें भोजशालाके श्री सरस्वती मंदिरका विषय विचार-विमर्शके लिए रखने हेतु आग्रही भूमिका प्रस्तुत की ।

गंगा नदीका जल प्रदूषित; आंदोलन हेतु संत पुनः सडकपर उतरे !

जिस दिनसे कुंभमेला आरंभ हुआ है, उस दिनसे गंगा नदीके प्रदूषित जलके सूत्रपर चर्चा हो रही है । कुंभमेला आधा संपन्न होनेके उपरांत भी संतगण…

सनातनके कार्यको गोवर्धनपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वतीका शुभाशीर्वाद !

कुंभमेलेमें गोवर्धनपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी शंकराचार्यने कहा कि, ‘‘सुसंस्कृत, सुरक्षित, सुशोभित, सुसंपन्न, सेवापरायण समाजरचनावाला राष्ट्र ही हिंदू राष्ट्र हो सकता है ।’’

कुंभमेलेमें फलकपर राहुल गांधीको शिवजीके तथा सोनिया गांधीको रानी लक्ष्मीबाईके रूपमें दिखाया !

कांग्रेसके कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओंने सोनिया गांधीको रानी लक्ष्मीबाईके रूपमें तथा राहुल गांधीको शिवजीके रूपमें दर्शानेवाले फलक लगाकर हिंदुओंकी धार्मिक एवं राष्ट्रीय भावनाओंको पैरोंतले कुचला है…

संत सम्मेलनमें देवता, देश तथा धर्मका ज्वलंत समर्थन !

कुंभनगरीमें सर्व संत सम्मेलनमें संतोंने वर्तमान स्थितिमें हिंदू धर्मपर होनेवाले पश्चिमी संस्कृतिके आक्रमणका तीव्र विरोध कर देवता, देश तथा धर्मका कट्टर समर्थन किया ।