बिहार : राम बनकर रहमान ने पूजा को फंसाया; निशाने पर बिहार की हिंदू लडकियां

मंदिर जाने से रोकते; कहते – ‘नमाज पढो’

बिहार की हिंदू लडकियां जिहादियों के निशाने पर हैं। पूर्णिया के रहने वाले रहमान ने राम बनकर पहले सोशल मीडिया पर पूजा से दोस्ती की। इसके बाद प्यार का नाटक शुरू किया। धीरे-धीरे उसके करीब आया। फिर शादी का प्रस्ताव रख दिया। शादी के बाद धर्म बदलने के लिए मारपीट शुरू कर दी। कहता था मंदिर मत जाओ…नमाज पढ़ा करो।

कटिहार की जूली की कहानी भी कुछ ऐसी ही है…सोशल मीडिया पर कटिहार की जूली को राज से प्यार हो जाता है। कम समय में दोनों एक दूसरे के काफी करीब आए और शादी के बंधन में बंध गए। जूली को लगा एक अच्छे जीवन साथी की तलाश पूरी हो गई, लेकिन राज के दिल में कुछ और ही चल रहा था।

5 साल के प्यार में जूली राज का असली चेहरा नहीं जान पाई, जबकि राज अपने मिशन में कामयाब हो गया। मिशन था, नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाकर शादी करना और फिर धर्म परिवर्तन कराना।

लव जिहाद में सामने आया तौफीक का चेहरा, जिसने राज बनकर जूली के जीवन में प्रवेश किया। शादी के बाद जूली पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। मुंबई की श्रद्धा की तरह जूली का विरोध भी उसे मौत के घाट पहुंचा देता, लेकिन वह समय पर तौफीक और उसके परिवार के जाल से बाहर निकल गई।

कटिहार की जूली अकेली नहीं जो ऐसे षड्यंत्र में फंसी है, बिहार की सैकडों लडकियां अब तक जिहादी प्यार में फंस चुकी हैं।

बिहार में नया ट्रेंड : ऑर्केस्ट्रा के बहाने लव जिहाद

धर्म बदलकर दूसरे राज्यों की नाबालिग हिन्दू युवतियों को फंसाने का नया ट्रेंड सामने आया है। इसका खुलासा छपरा के जलालपुर में हुआ। यह एक अपने आप में अलग तरह का जिहाद था। पति-पत्नी बनकर दो लोग दूसरे राज्यों की नाबालिग युवतियों को ऑर्केस्ट्रा में काम करने के बहाने फंसाते थे।

दोनों अपना धर्म बदलकर मिशन को आगे बढ़ा रहे थे। सुपौल के निर्मली का मोहम्मद निजाम और पश्चिम बंगाल के 24 परगाना जिले के सयानपुर की रहने वाली आयशा गैंग चला रहे थे। मोहम्मद निजाम खुद को पंकज कुमार तिवारी और आयशा माया बनाकर मिशन लव जिहाद चला रहे थे।

समाज की नजर में दोनों पति-पत्नी बनकर रह रहे थे। उन्होंने बसडीला के रंजीत कुमार महतो को भी गैंग में शामिल कर लिया था। बंगाल के एक अपहरण के मामले में पुलिस की छापेमारी में छपरा से यह बड़ा खुलासा हुआ। अपहृत लड़की के परिवार ने राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग में भी शिकायत की थी। आयोग ने छपरा एसपी से युवती की बरामदगी के लिए संपर्क किया और जब पुलिस कार्रवाई में जुटी तो यह बड़ा खुलासा हुआ।

लव जिहाद के नए ट्रेंड का यह पहला मामला था, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने 9 नाबालिग लड़कियों को बरामद किया। वह असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब से लाई गई थीं, सरगना अलग-अलग राज्यों की लड़कियों को डांस के बहाने लाता था, लेकिन उद्देश्य लव जिहाद का था।

देह व्यापार के लिए लव जिहाद

बिहार में लव जिहाद का अलग-अलग ट्रेंड सामने आ रहा है। ऐसे नए-नए ट्रेंड के कारण ही बिहार लव जिहाद का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा बिहार में लव जिहाद के मामले तेजी से बढ़े हैं। पहले लव जिहाद हिंदू लड़कियों को झांसा देकर धर्म परिवर्तन का था, लेकिन अब नए-नए ट्रेंड सामने आ रहे हैं।

अब जिहादी व्यापार के लिए लड़कियों को झांसा देकर ला रहे हैं। लड़कियों को झांसा देकर पहले शादी करना और फिर उन्हें देह व्यापार में उतार दिया जा रहा है। मुजफ्फपुर में इसका खुलासा हुआ। एक मुस्लिम युवक ने अपने धर्म की गलत जानकारी देकर एक हिन्दू लड़की को प्यार में फंसाया उससे शादी रचाई और फिर लड़की को जिस्मफरोशी के धंधे में उतार दिया।

इस मामले में मुजफ्फरपुर के अहियापुर की रहने वाली पीड़िता ने केस दर्ज कराया था। मोहम्मद गुलाम रसूल पर धर्म छिपाकर झांसे में फंसाने और शादी के बाद जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलने का आरोप लगाया। आरोपी अपना नाम बबलू राय बताया था, वह मोहम्मद गुलाम रसूल निकला। उसने दोस्ती और शादी धर्म परिवर्तन के बाद सेक्स रैकेट का हिस्सा बनाने के लिए की थी।

नाम बदलकर प्यार, निकाह के बाद आत्महत्या

पूर्णिया के मोहम्मद सोनू आलम ने छत्तीसगढ़ की एक युवती को सोशल मीडिया से प्यार के जाल में फंसा लिया। दो अलग-अलग संप्रदाय के बाद भी सोनू ने प्यार का ऐसा दिखावा किया कि छत्तीसगढ़ की हिंदू लड़की ने उससे शादी कर ली। हकीकत पता चली तो घर वालों ने धर्म को लेकर दबाव बनाया। सोनू आलम से निकाह के बाद ही छत्तीसगढ़ की रहने वाली 28 साल की आरती का शव फंदे से लटकता मिला।

इस घटना को लव जिहाद का मामला बताया गया और परिवार वालों ने जाल में फंसाकर शादी करने का आरोप लगाया। घर वालों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद प्रताड़ित किया जा रहा था, इस कारण से वह फंदे से लटक गई।

लव जिहाद की शिकार मनीषा को गंवानी पड़ी जान

पूर्णिया में मनीषा भी लव जिहाद की शिकार हुई। वह बाइपास रोड पर एक एजेंसी में कम्प्यूटर ऑपरेटर थी। वहां काम करने वाले एक कर्मचारी ने उसे अपने प्यार के जाल में फंसा लिया और फिर वह उसके हिसाब से नहीं चली तो उसे मौत के घाट उतार दिया। पति से अनबन के बाद मनीषा साथ काम करने वाले शम्स के करीब आई।

शम्स ने एक बेटी की मां को पहले प्यार के जाल में फंसाया फिर प्रताड़ित करने लगा। 4 दिसंबर 2020 को मनीषा का शव मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जिल्ली घाट सौरा नदी के किनारे बरामद किया गया था। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने इस मामले को उठाया और कार्रवाई की मांग की, आरोप लव जिहाद का लगाया गया।

विश्व हिंदू परिषद की मांग पर कार्रवाई की गई, पुलिस के खुलासे में शम्स का चेहरा बेनकाब हुआ। पुलिस की जांच में दोस्ती प्यार फिर मर्डर का राज खुला।

लव जिहाद में घिर रही सरकार

बिहार में लव जिहाद के मामले में सरकार भी घिर रही है। भारतीय जनता पार्टी के साथ अन्य हिन्दू संगठनों ने प्रशासन के साथ-साथ सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने बिहार सरकार को लव जिहाद पर घेरा है। निखिल आनंद का कहना है कि सरकार लव जिहाद को समर्थन कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी ने धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की भी मांग कर दी है। पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि बिहार के सीमांचल में लव जिहाद का मामला गंभीर है, सैकड़ों बेटियां झांसे वाले प्यार में फंसकर धर्म बदलने की प्रताड़ना झेल रही हैं। अगर इस समस्या का हल नहीं निकला तो आने वाले दिनों में लव जिहाद हिंदू अस्मिता के लिए बड़ी चुनौती होगी।

गिरिराज सिंह ने की कानून की मांग

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी लव जिहाद के मुद्दे को एक सुनियोजित चाल बताया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में लव जिहाद पूरी प्लानिंग के साथ चल रहा है। बेगूसराय के रजौरा गांव का उदाहरण देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाएं शर्मनाक हैं। लव जिहाद की घटना के बाद हिंदू को फंसाया जाता है।

देश में लव जिहाद को लेकर कानून बनाना आवश्यक है। बिहार में तेजी से ऐसे मामले बढ रहे हैं, जिसमें निशाने हिंदू वर्ग की खास लड़कियां हैं। लड़कियों को प्यार के झांसे में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का बड़ा खेल चल रहा है। यह काफी गंभीर मामला है, इस पर बिहार सरकार को गंभीर होना होगा। कड़े कानून से लव जिहाद का काम तमाम हो पाएगा।

साल दर साल बढ़ रही चुनौती

बिहार में लव जिहाद में हिंदू लड़कियों की चुनौती साल दर साल बढ़ गई है। सीमांचल के पूर्णियां का आंकड़ा इसका संकेत दे रहा है। हाल के दिनों में लव जिहाद के लिए पूर्णिया की लड़कियों को जाल में फंसाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के पास मौजूद आंकड़े बताते हैं कि पूर्णिया में पिछले 6 साल में 350 मामले संज्ञान में आए हैं। तेजी से बढ़ते आंकड़ों ने साबित कर दिया है कि सीमांचल में हिंदू लड़कियों पर खतरा मंडरा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के पूर्णिया जिलाध्यक्ष और हिंदू हेल्प लाइन के पूर्णिया प्रभारी विवेक कुमार लाठ का कहना है कि 6 साल में लव जिहाद के 350 मामले सिर्फ पूर्णिया में आया है। इसमें 300 लड़कियों को बरामद कराया गया है। इसके साथ ही 150 आरोपियों की गिरफ्तारी कराई गई है। इसमें से 40 लड़कियों की शादी भी कराई गई है।

परिषद का कहना है कि 6 साल में सैकड़ों लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हुई। आंकड़े से साफ पता चल रहा है कि सीमांचल लव जिहाद की आग में जल रहा है। परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना है कि लव जिहाद एक मिशन की तरह काम कर रहा है, जिससे लड़कियों को बचा पाना मुश्किल होता है।

पुलिस के लिए सामान्य अफेयर है लव जिहाद

सीमांचल में नाम बदलकर लव जिहाद को अंजाम देने वाले काफी शातिर हैं। वह अपने मकसद में कामयाब होने के लिए पूरी योजना के साथ काम कर रहे हैं। वह हिंदू लड़कियों को काफी चालाकी से जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों को पुलिस सामान्य लव अफेयर की घटना मानती है।

नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को जाल फंसाने और शादी के बाद धर्म बदलवाने की गंभीर घटना को सामान्य प्रेम-प्रसंग मानने से ही घटनाएं बढ़ रही हैं। दो धर्मों के बीच के मामले को पुलिस अपने स्तर से ही खत्म करना चाहती है। वह मामला संज्ञान में आते ही पहले स्थानीय स्तर पर सुलह समझौता कराने में जुट जाती है।

ऐसे मामलों को लेकर पुलिस का तर्क होता है कि दो धर्मों से जुडे़ लोगों के बीच के मामले जिसमें शादी तक हो जाती है, सेंस्टिव होता है। मामला दो धर्मों के बीच विवाह संबंधों की वैधता और अवैधता का होता है, इस कारण से पुलिस एक्शन लेने में अक्सर आगे पीछे होती है।

सीमांचल में लव जिहाद का मिशन समझिए

विवेक कुमार लाठ बताते हैं कि सीमांचल में लव-जिहाद को लेकर बड़ा रैकेट काम कर रहा है। एक बडे़ मिशन के तहत एक संगठित गिरोह हिंदू लड़कियों से खेल रहे हैं। ऐसे लोग मुस्लिम समाज के लड़कों-पुरुषों के साथ हिन्दू समाज की लड़कियों और महिलाओं को भगाने और उनसे शादी कराने तथा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाते हैं।

लव-जिहाद हिंदू लड़कियों की सुरक्षा का राष्‍ट्रीय स्तर का मामला बन गया है, ऐसे मामलों को संगठित और सुनियोजित अपराध बताकर हिंदू संगठन लडाई लड़ रहे हैं। आरोप है कि लव जिहाद के अधिकतर मामलों में पहले लड़के सामने आते हैं लेकिन बाद में पूरा परिवार लड़कियों पर धर्म बदलवाने का दबाव बनाने लगता है।

रडार पर दलित परिवार की  ‌इकगरीब लड़कियां

मौजूदा समय में दलित परिवार की हिंदू लड़कियां लव जिहाद के लिए रडार पर हैं। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के विवेक कुमार लाठ का कहना है कि दलित और पिछड़ी वर्ग की बेटियां रडार पर हैं। ऐसे लोगों को जो कम पढ़े लिखे हैं, उन्हें पहले रडार पर लिया जाता है। विवेक कुमार लाठ का कहना है कि परिषद ने लव जिहार के मामलों पर जो स्टडी किया है उसके मुताबिक दलित और अन्य पिछड़ी जाति के हिंदू ब्राह्मणों के विरोधी होते हैं। ऐसे लाेग कहीं न कहीं भगवान का भी विरोध करने लगते हैं। इसी मानसिकता का फायदा उठाकर उन्हें पहले जाल में फंसाया जाता है फिर धर्म परिवर्तन करा दिया जाता है।

50% मामले दर्ज ही नहीं करती पुलिस

पूर्णिया में लव जिहाद के लिए लड़ाई लड़ने वाले विवेक कुमार लाठ का कहना है कि संगठन जिस मामले को लव जिहाद का नाम देकर पापुलर कर देता है, आंकड़ों में सिर्फ वही मामला होता है। जबकि मामला इससे कई गुणा ज्यादा होता है। हर माह सीमांचल के एक जिले में कम से कम 50 केस ऐसे हो रहे हैं। पचास प्रतिशत मामलों में तो केस ही दर्ज नहीं किया जाता है।

पुलिस ऐसे मामलों को प्रेम प्रसंग या फिर सामान्य मामला बताकर इसको शांत कर देती है। पुलिस जो मामले नहीं दर्ज करती है, उसमें से ही कुछ मामले परिषद के पास पहुंचते हैं। इसके बाद आवाज उठाई जाती है, फर यह लव जिहाद को लेकर चर्चा होती है। आरोप है कि अगर पुलिस हर मामले को उसी रूप में दर्ज करती रहे तो सीमांचल में देश में सबसे अधिक लव जिहाद का मामला आएगा।

नहीं सुनती पुलिस, आयोग से लेनी पड़ रही मदद

पुलिस मामलों में रुचि नहीं लेती तो आयोग से मदद ली जाती है। जांच एजेंसियां ठीक से काम नहीं कर रही हैं, इस कारण से ही मामलों को आयोग तक पहुंचाना पड़ रहा है। विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि बिहार के मामलों को राष्ट्रीय महादलित आयोग से लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग और महिला आयोग तक मामला पहुंचाना पड़ता है।

वहां से आदेश कराकर बिहार के मामलों में कार्रवाई करानी पड़ रही है। पुलिस अफसरों के पास जब आयोग से निर्देश आता है तो लड़कियों के साथ हुई घटना का संज्ञान लिया जाता है। रेस्क्यू से लेकर कार्रवाई तक में भी आयोग से मदद लेनी पड़ रही है।

मझधार में फंस रही लड़कियां

लव जिहाद में फंसने वाली लड़कियां मझधार में फंस जाती हैं। वह इस जाल से निकलना चाहती हैं, लेकिन कई बाधा के कारण नहीं निकल पाती हैं। हर लड़की जूली की तरह विरोध नहीं कर पाती है। जब भी लड़की लव जिहाद में फंसती हैं तो उनके परिवार वाले भी उन्हें नहीं अपनाते हैं। इतना ही नहीं लव जिहाद के बाद लड़के भी उन्हें उनके हाल पर छोड़ देते हें। वह अपने उद्देश्य में सफल होने के बाद फिर लड़कियों को रास्ते से हटा देते हैं।

लव जिहाद के उद्देश्य में सफल होने के बाद युवक लड़कियों को ऐसा कर देते हैं जिससे वह मुस्लिम बनकर ही रहते हैं। यही कारण है कि लड़कियां अधिकतर मामलों में खुद की मर्जी से गैर मज़हब की जाति के साथ भागने की बात करती हैं। वह जानती हैं कि परिवार नहीं अपनाएंगे और समाज भी शादी नहीं करेगा। इस कारण से लड़की की जिंदगी बर्बाद हो जाती है, अगर समाज और परिवार साथ दे तो लड़कियां भी इस लड़ाई में खुलकर आगे आएंगी।

जानिए क्या है लव जिहाद गलत पहचान बताकर या फिर अपना नाम पता गलत बताकर दूसरे धर्म की लड़कियों को अपनी जाल में फंसाना और प्यार का नाटक करते हैं। ऐसे मामलों को लव जिहाद कहा जाता है। लव जिहाद में गलत पहचान बताकर दोस्ती और प्यार फिर शादी करने का मामला तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे मामलों में शादी के बाद धर्म परिवर्तन कराने का दबाव डाला जा रहा है। पहले मामले दोस्ती और प्यार तक सिमटे थे, लेकिन 5 साल में शादी करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का भी मामला तेजी से बढ़ गया है।

आसान नहीं लव जिहाद के खिलाफ कानून

लव जिहाद के खिलाफ कानून की मांग बिहार के साथ अन्य कई राज्यों में चल रही है। लव जिहाद को लेकर कानून इतना आसान भी नहीं है, इसके लिए कई बड़ी चुनौती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट साफ कर चुके हैं कि धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से और बिना किसी लालच या लाभ के होना चाहिए।

इसे ही आधार बनाकर कई राज्य प्यार और शादी के बहाने किसी व्यक्ति के इस्लाम या किसी और धर्म में परिवर्तन के खिलाफ कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।

इसमें बिहार इन दिनों सबसे आगे है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखकर साफ है कि कानून-व्यवस्था कायम रखना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। यदि राज्य यह साबित कर देते हैं कि कानून-व्यवस्था को कायम रखने के लिए लव जिहाद के खिलाफ कानून जरूरी है तो वह बना भी सकते हैं।

धर्म परिवर्तन पर सर्वोच्च न्यायालय की राय

भारत के संविधान के आर्टिकल-25 के मुताबिक भारत में प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी धर्म को मानने की, आचरण करने की तथा धर्म का प्रचार करने की स्वतंत्रता है। यह अधिकार सभी धर्मों के नागरिकों को बराबरी से है। अदालतों ने अंतःकरण या कॉन्शियंस की व्याख्या भी धार्मिक आजादी से स्वतंत्र की है। यानी कोई व्यक्ति नास्तिक है, तो उसे अपने कॉन्शियंस से ऐसा अधिकार है। उससे कोई जबरदस्ती किसी धर्म का पालन करने को नहीं कह सकता।

सुप्रीम कोर्ट की संविधान बेंच ने 1975 में धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर इसकी अच्छे-से व्याख्या की है। दरअसल, मध्यप्रदेश और ओडिशा की हाईकोर्ट ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ बने कानूनों पर अलग-अलग फैसले सुनाए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो उसने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का समर्थन किया और कहा कि धोखाधड़ी से, लालच या दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराना उस व्यक्ति के कॉन्शियंस के अधिकार का उल्लंघन है। उसे अपनी कॉन्शियंस के खिलाफ जाकर कुछ करने को मजबूर नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि पब्लिक ऑर्डर को बनाए रखना राज्यों का अधिकार है। जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो यह कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है। राज्य अपने विवेक से कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कानून बना सकते हैं।

लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन

पूर्णिया के बनमनखी में लव जिहाद का आरोप लगाकर कारोबारियों ने बाजार बंद कर आंदोलन किया। लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय का लड़का उनकी बेटी को प्यार के जाल में फंसाकर भगा ले गया है। घटना के 3 दिन बाद मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा जब विश्व हिंदू परिषद ने लव जिहाद बताकर शहर में आंदोलन किया। इसके बाद लोगों ने बाजार बंद कर थाने का घेराव भी किया।

लव जिहाद के मामले से लोगों में काफी आक्रोश दिखा। हालांकि इस मामले में वीडियो जारी कर प्रेमी जोड़े ने सरकार से साथ देने की गुहार लगाई थी। इस वीडियो को लेकर भी घर वालों का कहना है कि दबाव में ऐसा हो रहा है। लड़के का उद्देश्य लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर उसकी जिंदगी तबाह करना है। आरोपित ने लड़की के परिवार वालों को फोन पर धमकी भी दी थी, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

सीमांचल में लव जिहाद की आग

बिहार के सीमांचल के अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में लव जिहाद का मामला तेजी से बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद, जिला अध्यक्ष और हिंदू हेल्प लाइन पूर्णिया के प्रभारी विवेक कुमार लाठ का कहना है कि सीमांचल जिहादियों के निशाने पर है। यहां हिंदू लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाने के लिए पहले नाम बदलकर संपर्क किया जाता है फिर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है।

पूर्णिया में हिंदू हेल्पलाइन पर आए दिन ऐसे चौंकाने वाले मामले आ रहे हैं। इसमें पूर्णिया सबसे अधिक संवेदनशील हो रहा है, यहां दलित परिवार की लड़कियों को निशाने पर लिया जा रहा है। जिहादी उन्हें फंसा रहे हैं, नाम बदलकर दोस्ती कर रहे हैं, सच्चाई लड़कियों को काफी देर में पता चलती है। जब तक वह जिहादियों की मंशा जान पाती हैं, वह चंगुल में फंस चुकी होती हैं। ऐसे में न तो उन्हें परिवार अपनाता है, ना ही समाज में जगह मिलती है।

विवेक कुमार लाठ का कहना है कि अगर प्रशासन साथ दे और सरकार गंभीर रहे तो ऐसे मामलों में कमी लाई जा सकती है। इसके खिलाफ कड़े कानून की भी जरूरत है, सख्ती से ही हिंदू लड़कियों को जिहादियों से बचाया जा सकता है।

स्रोत: दैनिक भास्कर

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