उमेश कोल्हे हत्याकांड : हिन्दुओं को डराने के ल‍िए हुई अमरावती के उमेश कोल्हे की हत्‍या, NIA का दावा

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अमरावती के उमेश कोल्हे की हत्या पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद के बारे में उनकी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर समर्थन करने वाले हिन्दू समुदाय में भय उत्पन्न करने के उद्देश्य से की गई थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को यह दावा किया। कोल्हे की हत्या के संबंध में दर्ज एफआईआर में जांच एजेंसी ने इस क्राइम को निलंबित भाजपा नेता का समर्थन करने वाले लोगों को डराने के लिए ‘बड़ी साजिश का कार्य’ करार दिया।

धर्म के आधार पर शत्रूता को बढावा था उद्देश्य

लोगों के एक समूह ने शर्मा और एक अन्य निष्कासित भाजपा नेता नवीन कुमार जिंदल का समर्थन करने वाले लोगों के एक समूह को संदेश भेजने की साजिश रची, जिन्होंने उनके समर्थन में ट्वीट किया था। एफआईआर में दावा किया है क‍ि, उन्होंने भारत के लोगों के एक वर्ग के बीच आतंक फैलाने की साजिश रची और अपने दावे के साथ धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढावा देने का प्रयास किया। कोल्हे की हत्या भारत के लोगों के एक वर्ग को आतंकित करने की साजिश के तहत की गई थी।

अंतरराष्ट्रीय संबंध होने की संभावना से इनकार नहीं

इसने आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय संबंध होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। बुधवार को केंद्रीय एजेंसी ने महाराष्ट्र में 13 स्थानों पर तलाशी ली, जिससे उन्हें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। आरोपियों और संदिग्धों के परिसरों की तलाशी के दौरान, डिजिटल डिवाइस (मोबाइल फोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, डीवीआर), नफरत फैलाने वाले पैम्फलेट, चाकू और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है।


5 जुलाई

उमेश कोल्हे हत्याकांड : उमेश के शरीर में मिला गहरा जख्म, काट दी दिमाग की नस, सांस की नली भी काटी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा

अमरावती हत्याकांड  में बडा खुलासा हुआ है। केमिस्ट उमेश कोल्हे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से शरीर में लगी चोट का पता चला है। उमेश कोल्हे के शरीर में 7 इंच चौडा और 5 इंच गहरा जख्म पाया गया है। साथ ही उनकी खाना खाने वाली और दिमाग की नस भी कटी हुई पाई गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि, चाकू से हमले में उनकी सांस लेनेवाली नली और आंख की नस भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसी वजह से उनकी मौत हो गई।

पुलिस जानती थी उमेश कोल्हे की हत्या का कारण

महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या के मामले में पुलिस कमिश्नर ने बड़ा बयान दिया है। अमरावती पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने कहा कि पुलिस जानती थी कि अमरावती के केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या नुपुर शर्मा का समर्थन करने वाली पोस्ट से जुड़ी है, लेकिन बहुत संवेदनशील प्रकृति के कारण पहले खुलासा नहीं किया गया। दरअसल, उमेश की हत्या 21 जून को कर दी गई थी, लेकिन कई दिनों बाद जाकर इसके पीछे के कारण का खुलासा हुआ। इसे लेकर पुलिस पर कई आरोप लगे।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि, आरोप सिर्फ एक सूत्र से आ रहे हैं। अमरावती से भाजपा के राज्यसभा सांसद मुझसे मिले। मैंने उन्हें सब कुछ बताया। उन्होंने आरोप नहीं लगाए। इसके विपरीत आरोप लगाने वाले ने हमसे कोई जानकारी एकत्र नहीं की। जो पत्र प्रकाश में आया है उसमें कहा गया है कि, हमने चोरी और डकैती के लिए प्राथमिकी दर्ज की है। तथ्य यह है कि हमने प्राथमिकी में ऐसी कोई धारा नहीं लगाई है। उसने यह भी कहा कि, हमने 4 लोगों को गिरफ्तार किया और मामले को दबा दिया। यदि हम ऐसा करना चाहते हैं, तो हम मामले को क्यों सुलझाएंगे ? यह एक संवेदनशील मामला था। ऐसे मामलों में हम कुछ भी नहीं कह सकते हैं और सभी प्रमाण होने से पहले आधिकारिक बयान जारी नहीं कर सकते हैं।

TIMES NOW नवभारत से बातचीत में अमरावती की पुलिस कमिश्नर ने कहा कि, कई शहरों में लोगों को धमकी दी जा रही है। हमारे पास ऐसी ही एक धमकी का ऑडियो मौजूद है, जिसमें उमेश कोल्हे की हत्या के बाद अमरावती में अब एक दूसरे शख्स को धमकी दी गई है। युवक को नुपुर शर्मा के समर्थन में स्टेट्स लगाने पर फोन पर धमकी दी गई। जिसके बाद युवक ने अपना स्टेट्स हटा लिया। साथ ही पुलिस में इसकी शिकायत भी की है। इतना ही नहीं धमकी भरा ऑडियो भी वायरल हो रहा है।


3 जुलाई

उमेश कोल्हे हत्याकांड : मुख्य आरोपी इरफान गिरफ्तार, 10-10 हजार देने का वादा कर हत्या के लिए साथियों को उकसाया

महाराष्ट्र के अमरावती में हुई उमेश कोल्हे की हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इरफान शेख की गिरफ्तारी नागपुर से हुई है। यह आरोपी NGO चलाता है और इसी ने शमीम और उसके दोस्तों को हत्या के लिए उकसाया था, साथ ही लॉजिस्टिक सपोर्ट भी दिया था।

अमरावती की एसीपी आरती सिंह ने बताया कि, मुख्य आरोपी इरफान शेख से पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि इरफान ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपये देने और एक कार में सुरक्षित रूप से फरार होने में मदद करने का वादा किया था।

जांच के लिए एनआईए दल अमरावती पहुंचा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक टीम केमिस्ट की हत्या मामले की जांच के सिलसिले में शनिवार को महाराष्ट्र के अमरावती शहर पहुंची। इस मामले की एनआईए जांच का केंद्र का यह फैसला इस आशंका के मद्देनजर लिया गया है कि केमिस्ट की हत्या भारतीय जनता पार्टी से निलंबित नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट का परिणाम हो सकती है।

स्रोत : न्यूज 18


2 जुलाई

अमरावती : दवा व्यवसायी उमेश कोल्हे की हत्या के मामले में गृह मंत्रालय ने NIA को सौंपी जांच

अमरावती स्थित दुकान के मालिक की ‘बर्बर हत्या’ मामले में गृह मंत्रालय ने एनआईए को जांच करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने कहा कि हत्या के पीछे की साजिश, संगठनों की संलिप्तता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहन जांच की जाएगी।

मंत्रालय ने ट्वीट किया, एमएचए ने महाराष्ट्र में अमरावती में 21 जून को उमेश कोल्हे की बर्बर हत्या से संबंधित मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है। मंत्रालय ने कहा कि हत्या के पीछे की साजिश, संगठनों की संलिप्तता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहन जांच की जाएगी। मालूम हो कि कोल्हे की 21 जून को महाराष्ट्र में हत्या कर दी गई थी, जब उन्होंने शर्मा के समर्थन में फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था, जिसकी पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी ने पूरे देश में बड़े पैमाने पर आक्रोश पैदा किया था।

NIA ने शुरू की मामले की जांच, महाराष्ट्र ATS ने भी लिया है केस को अपने हाथ

हालांकि पुलिस ने अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी की है। लेकिन इस हत्या के सूत्रधार को खोजने के लिए भाजपा की ओर से एसआईटी (SIT) जांच की भी मांग की गई थी। महाराष्ट्र एटीएस भी इस मामले की जांच कर रहा है। यह जानकारी एटीएस (ATS) के एक बड़े अधिकारी ने दी है। भाजपा द्वारा बार-बार यह दावा किए जाने के बाद कि यह उदयपुर की तरह का हत्या का मामला है, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी जांच के लिए एनआईए को आदेश दे दिया है।


29 जून

कन्हैया लाल की तरह ही हुई थी अमरावती के उमेश कोल्हे की हत्या ? नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर हमले का दावा

4 जिहादी आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र के अमरावती में रहने वाले एक केमिस्ट उमेश कोल्हे की 22 जून, 2022 को चार मुस्लिम हमलावरों ने हत्या कर दी थी। हत्या उस समय हुई थी जब वह उस रात अपनी फार्मेसी से लौट रहे थे। हालांकि, हत्या के कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने आरोप लगाया है कि उन्हें नुपुर शर्मा का समर्थन करने के लिए मारा गया था। कुलकर्णी ने दावा किया है कि, पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट को लेकर कोल्हे की हत्या तो नहीं की गई। यह एंगल इसलिए भी सामने आया है क्योंकि कल मंगलवार (28 जून, 2022) को उदयपुर में कन्हैयालाल की गला रेतकर हत्या महज एक व्हॉट्सपप्प स्टेटस के आधार पर कर दी गई।

महाराष्ट्र के अमरावती में ‘अमित मेडिकल’ के नाम से फार्मेसी चलाने वाले 54 वर्षीय केमिस्ट उमेश कोल्हे 22 जून की रात अपने बेटे संकेत और बहू वैष्णवी के साथ अलग-अलग बाइक से घर जा रहे थे तभी हमलावरों ने कोल्हे की गर्दन पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए और भारी खून बहने से कोल्हे की मौके पर ही मौत हो गई।

उस दिन उनका बेटा और बहू उनकी मदद के लिए दौडे, लेकिन अंधेरे के कारण हमलावर भागने में सफल रहे। जैसा कि कोल्हे के बेटे ने पुलिस को बताया, दो लोगों ने वाहन को रोका और उस पर हमला कर दिया। जिसके बाद क्राइम ब्रांच और सिटी कोतवाली पुलिस ने एक संयुक्त जांच शुरू की और मुदस्सिर अहमद शेख इब्राहिम और शाहरुख पठान इनायत खान नाम के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस ने कोल्हे की हत्या के मामले में दो और आरोपितों अब्दुल तौफीक और शोएब खान को भी गिरफ्तार किया है।

इस मामले में जांच करने पर पता चला कि हमलावर उस क्षेत्र की रेकी कर रहे थे, जहां कोल्हे को मारा गया था। हालांकि, यह संदेह है कि मामले में मजहबी एंगल भी हो सकता है। जिसे ध्यान में रखते हुए अमरावती शहर पुलिस ने कहा है कि, वे हर संभावित कोण से मामले की जांच करना जारी रखेंगे।

महाराष्ट्र भाजपा के नेता और प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में नूपुर शर्मा का कोण शामिल हो सकता है। कुलकर्णी ने कहा है कि, पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि क्या उमेश कोल्हे की मौत का बदला उनके सोशल मीडिया साइट्स पर पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर लिया गया था। कुलकर्णी ने आगे कहा, “चूंकि, पुलिस के पास कोल्हे का फोन है, इसलिए यह जांच की जानी चाहिए कि क्या उन्हें नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले पोस्ट पर जान से मारने की धमकी मिल रही थी। ऐसा नहीं लगता कि, यह हत्या सामान्य लूट के लिए की गई थी।”

कुलकर्णी ने एक वीडियो में कहा, “मामला बेहद संदिग्ध है। कोल्हे की हत्या से पहले हमलावरों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी। हत्या को समय उनके पास 35000 रूपये भी थे, किंतु हत्यारों ने उसे छुआ तक नही । कोल्हे ने नुपुर शर्मा के समर्थन में कुछ पोस्ट सोशल मीडिया और कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स पर शेयर की थीं। यह जरूरी है कि पुलिस जांच करे कि क्या इस तथ्य का उनकी हत्या से कोई लेना-देना है।”

साथ ही उन्होंने बताया कि, उमेश कोल्हे पर हमला बेहद ‘पेशेवर’ तरीके से 5 इंच के चीनी चाकू से किया गया था। यहां तक कि कोल्हे की गर्दन पर हमला करने वाले हमलावरों ने उनके बैग में पड़े पैसों को छूने तक की जहमत नहीं उठाई। जबकि वे उस पर करीब एक हफ्ते से नजर रखे हुए थे। पुलिस को बिना किसी बाहरी दबाव के इस एंगल से जांच करनी चाहिए।’

अमरावती के पूर्व भाजपा पार्षद तुषार भारतीय ने माँग की है कि शुरूआती जांच में मिले सुराग को देखते हुए महाराष्ट्र विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस को आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) से जांच कराने के लिए आवेदन करना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान हमें पता चला कि कोल्हे ने व्हाट्सएप पर नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित किया था। गलती से, उसने मुस्लिम सदस्यों वाले एक समूह पर मैसेज पोस्ट कर दिया, जो उसके ग्राहक भी थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने कहा कि यह पैगंबर का अपमान था और इसलिए उन्हें मरना चाहिए। वहीं अमरावती शहर की पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने बताया कि, “मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हम बाकी की तलाश कर रहे हैं जिनकी गिरफ्तारी से हमें हत्या के पीछे के मकसद पर स्पष्टता मिलेगी।

स्रोत : Opindia

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