मथुरा : गाय काटने की सूचना पर रोकने पहुंचे गौरक्षकों पर जिहादियों द्वारा आक्रमण

उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौ रक्षकों के एक दल पर हमला किए जाने की खबर है। देवराज पंडित नामक गौ रक्षक ने इस घटना का लाइव फेसबुक पर किया है। लाइव वीडियो में कुछ देर की बहस के बाद पत्थरबाजी शुरू हो जाती है। घटना रविवार (6 मार्च) सुबह 7.35 की है।

घटना गोविंद नगर डीग गेट की चौकी क्षेत्र में आने वाले कसाईपाड़ा की बताई जा रही है। एक हरे रंग के मकान के आगे गौ रक्षक जमा हुए थे। उनका आरोप था कि मकान में गौ वंश काटा जा रहा है। वे उस घर को खोलने की मांग कर रहे थे। दूसरी ओर से औरतें, बच्चे, बुजुर्ग और युवा एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। साथ ही कुछ महिलाओं को छतों पर भी देखा जा सकता है। सामने कुछ लोग गौ रक्षकों से बहस करते दिखाई दे रहे। वीडियो में हमले के शिकार युवकों को कहते सुना जा सकता है, “ये देखो, डंडे-तलवार मंगा रहे हैं ये। यहां सब लोग हथियार निकाल रहे हैं। निकालो कहां हैं हथियार तुम्हारे। इस गेट के अंदर गौ वंश काटा जा रहा है। ये सभी लोग इनके पक्ष में आए हुए हैं।”

लगभग डेढ़ मिनट की बहस के बाद अचानक ही गौ रक्षकों के सामने खड़ी भीड जिसमें बच्चे भी शामिल थे हट जाती है और पीछे से अचानक हमला शुरू हो जाता है। युवाओं की भीड़ वहां से ‘हमला हो गया’ कहते हुए निकलने का प्रयास कर रही है। उनको काफी दूर तक खदेडा भी गया। इस संबंध में मथुरा कोतवाली में केस दर्ज की गई है।

दिलचस्प यह है कि गौ रक्षकों पर हमले के आरोपितों में से एक का नाम रोहित उर्फ बाबूलाल है। लेकिन, उसके अब्बा का नाम शहीद है। शहीद के एक और बेटे का नाम फुकरान है। उसका नाम भी आरोपितों में है। ऑपइंडिया को मामले के शिकायतकर्ता रविकांत शर्मा ने बताया, “बाबूलाल उर्फ़ रोहित हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में घायल युवकों के नाम अरुण गुर्जर, अनुपम चौधरी, बंटी पहलवान और कोटी मयुरेश हैं। इन चारों को बंधक बना लिया गया था। कोतवाली पुलिस ने इन्हे छुड़वाया। हमले के विरोध में बाजार बंद होने और दोनों समुदाय के लोगों के आमने-सामने आने पर पर PAC बुलानी की बात भी कही जा रही है।

पुलिस में दी गई शिकायत में रविकांत शर्मा ने लिखा, “थाना कोतवाली चौकी भरतपुरगेट में पुराना कट्टी घर ( बूचडखाना) मे 6 मार्च को सुबह लगभग 6.30 पर गौकशी की सूचना मिली। वहां मौके पर गौरक्षक दल के रविकान्त शर्मा, अरुण गुर्जर, मोहित शर्मा, उर्फ बन्टू पहलवान, रवि चौधरी, कोटि मयूरेस, अनुपम चौधरी देवराज पण्डित, देशराज, रौनक ठाकुर आदि पहुँचे। इन सभी ने गौकशी का विरोध किया। इस पर सभी के ऊपर जानलेवा हमला हुआ। हमले में चार लोग बुरी तरह घायल हो गये। हमलवारों में चांद मोहम्मद, बाबूलाल, फुकरान, तौसिम, आरिफ, शकील, जाकिर आदि शामिल हैं। इस जगह पर पहले भी कई बार गौकशी की सूचनाएँ मिली है। यहां गौमांस, और कटान सामग्री भी पुलिस को बरामद भी हुई थी। घटनास्थल श्री कृष्णजन्म भूमि के नजदीक ही है। सभी आरोपियों तुरन्त गिरफ्तार करते हुए गौमाता को न्याय दिलाने की कृपा करें।”

आरोपितों पर धारा 147, 323 और 307 IPC के तहत कार्रवाई की गई है। रविकांत शर्मा ने ऑपइंडिया को बताया, “महीने भर में यह तीसरी घटना है। डायल 112 के 10 मिनट में पहुँचने का दावा किया जाता है, लेकिन वे 45 मिनट बाद मौके पर पहुँची। हमें नहीं पता था कि इतने संवेदनशील इलाके में पुलिस इतनी देर से आएगी। पुलिस सिर्फ आश्वासन देती रहती है और अवैध कटान चलता रहता है।” ऑपइंडिया को मथुरा के SP सिटी मार्तण्ड प्रताप सिंह ने बताया, “अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

स्रोत : Opindia

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