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क्या, मस्जिदों पर दिन में पांच बार बजनेवाले भोंपुं देश के अधिनियमों से भी श्रेष्ठ है ? – हिन्दू जनजागृति समिति

मुंबई : यहां के उच्च न्यायालय ने ध्वनिप्रदूषण करनेवाले अवैध भोंपुंओं के विरोध में स्पष्ट आदेश देने के पश्चात भी विश्व में श्रेष्ठ कहलानेवाली मुंबई की पुलिस यंत्रणा ने किसी भी मस्जिद पर प्रसारित किए जानेवाले अवैध भोंपुंओं पर कार्रवाई नहीं की है !

इस संदर्भ में सूचना अधिकार के अंतर्गत प्रश्न पूछने के पश्चात कुर्ला, मुंबई पुलिस अधिकारियों ने २८ जनवरी २०१७ को इस अर्ज का उत्तर लिखीत स्वरूप में उत्तर दिया है। उसमें यह प्रस्तुत किया है कि, ‘कायदा-सुव्यवस्था का प्रश्न निर्माण होने की संभावना होने के कारण (अवैध भोंपुंओं पर)कार्रवाई नहीं की गई है !’ इस का अर्थ यह होता है कि, क्या न्यायालय ने आदेश देने के पश्चात भी अवैध भोंपुंओं पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस डरती हैं ? किंतु वर्ष के ३६५ दिन ध्वनिप्रदूषण करनेवाले मस्जिदों के भोंपुंओं की ओर अनदेखा करनेवाली यही पुलिस गणेशोत्सव तथा नवरात्रोत्सव में हिन्दुओं के त्योहारों के समय लाठी के बल पर हिन्दुओं पर त्वरित याचिका प्रविष्ट करती हैं !

क्या पुलिस को यह बात स्वीकार है कि, मा. उच्च न्यायालय का आदेश तथा भारत के अधिनियम की अपेक्षा मस्जिदों पर से बजनेवाले अवैध भोंपुं अधिक श्रेष्ठ है ? अतः ‘मस्जिदों पर भोंपुंओंद्वारा प्रसारित की जानेवाली तथा जनता की निंद ऊडानेवाली ‘अजान’ एक गुंडागर्दी ही है’ यह सुविख्यात पार्श्वगायक सोनू निगमद्वारा व्यक्त की गई भावना वास्तव ही है ! देश के करोडो हिन्दू नागरिकों की सहनशीलता का अंत शासन अधिक समय तक न देंखे’, ऐसी प्रतिक्रिया हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा प्रसारित किए गए प्रसिद्धीपत्रक में कही गई है।

प्रसिद्धीपत्रक में हिन्दू जनजागृति समिति ने यह आवाहन किया है कि, ‘तीन तलाक’ के संदर्भ में इस्लाम की स्थापना से शरीयत में होने के कारण उस में परिवर्तन करने के लिए विरोध करनेवाले मुल्ला मौलावीं को सरकार यह प्रश्न पूछें कि, यदि इस्लाम की स्थापना के समय ये भोंपुं अस्तित्व में ही नहीं थे, तो उसका आग्रह क्यों किया जाता है ? मुल्लाओं के मतानुसार इस्लाम यदि अन्य धर्मों के प्रति संवेदना व्यक्त करनेवाला पंथ है, तो देश के अधिनियम की ओर अनदेखा कर रुग्ण, वृद्ध तथा सर्वसाधारण जनता को कष्ट देनेवाले भोंपुंओंद्वारा अजान किस लिए दी जाती है ? इस से पूर्व सत्ता में होनेवाले कांग्रेस सरकार ने मस्जिदों पर भोंपुंओंद्वारा अजान प्रसारित करने के लिए अनुमती दे कर यह समस्या निर्माण की है !

अब देश में तथा राज्य मे शासन परिवर्तित हुआ है। अतः नए भाजपा सरकार ने इस लांगूलचालन पर प्रतिबंध डालना चाहिए। यदि चीन की साम्यवादी सरकार इस संदर्भ में कडी भूमिका अपनाती है, तो भाजपा सरकार ने भी अवैध रूप से की जानेवाली यह गुंडागर्दी प्रतिबंधित करनी चाहिए !’

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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