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पुणे में राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन

मान्यवरोंद्वारा देशद्रोहियोंपर कार्यवाही करने की मांग !

आंदोलन में सम्मिलित हिन्दू धर्माभिमानी

पुणे (महाराष्ट्र) : भूमाता ब्रिगेड की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती तृप्ति देसाई ने ऐसा प्रतिपादन किया कि यह अतिशय दुख की बात है कि, आतंकवादी मेमन का समर्थन करनेवाले भी देशद्रोही हैं, यह चीख कर बताना पडता है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा चलाए जानेवाले प्रत्येक उपक्रम को हमारा सदैव हमारा समर्थन रहेगा।

९ अगस्त सायं ४ से ६ की कालावधि में हिन्दू जनजागृति समिति एवं अन्य समविचारी हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनोंद्वारा अखिल मंडई के लोकमान्य तिलक पुतले के समीप राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन संपन्न हुआ। इस अवसर पर वे बोल रही थीं। इस आंदोलन के समय देशद्रोही याकूब मेमन का समर्थन करनेवालोंपर कठोर कार्यवाही करना, दिल्ली में होनेवाला ‘एक श्याम-पाकिस्तान के नाम’ कव्वाली का कार्यक्रम निरस्त करना तथा अन्य भी मांगें की गई।

इस आंदोलन में पतित पावन संगठन के पुणे नगर संगठक श्री. विजय गावडे, हिन्दू एकता आंदोलन पक्ष के पुणे नगर उपाध्यक्ष श्री. शैलेंद्र दीक्षित, सनातन संस्था के श्री. निरंजन दाते एवं हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. पराग गोखले इत्यादि उपस्थित थे।

इस आंदोलन में १०० से अधिक धर्माभिमानी उपस्थित थे।

इस अवसर पर सनातन संस्था के श्री. निरंजन दाते ने कहा कि १५ अप्रैल २०१३ को तत्कालीन जिलाधिकारी ने पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति को कोल्हापुर के श्री महालक्ष्मी देवस्थान के अविभाज्य भागवाले मणिर्किणका कुंडपर बनाया हुआ शौचालय तुरंत हटाने का आदेश दिया था। तब भी उस पर कार्यवाही नहीं हुई। इस लिए हम प्रत्यक्ष निषेध व्यक्त कर रहे हैं। हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. पराग गोखले ने कहा कि आतंकवादी याकूब की अंत्ययात्रा के लिए उपस्थित तथाकथित मान्यवर एवं देशद्रोहियोंपर पुलिस त्वरित कार्यवाही करें।

क्षणिकाएं

१. इस आंदोलन के अवसर पर गणवेश में ५ एवं साधारण वेश में १५ पुलिस उपस्थित थे।

२. साधारण वेश की पुलिस ने आंदोलन के छायाचित्र निकाले एवं ध्वनिचित्रीकरण भी किया। (पुलिसद्वारा यदि धर्माधोंके कार्यक्रमोंके अवसर पर ऐसी दक्षता दिखाई गई होती, तो अब तक देश आतंकवादमुक्त हो गया होता ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)

३. सनातन के प्रतिनिधि आंदोलन के छायाचित्र वार्तांकन के लिए डाउनलोड करते समय गणवेश में एक पुलिसकर्मी उनके बाजू में जाकर अत्यंत बारिकी /सूक्ष्मता से सभी गतिविधियोंको निहार रहा था। (धर्मांधोंकी गतिविधियोंके विषय में ऐसी तत्परता कभी पुलिस में क्यों नहीं दिखाई देती ? कहीं ऐसा तो नहीं कि उस समय पुलिस आंखें होते हुए भी अंधे का ढोंग कर रही हो ? – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)

४. जिलाधिकारी को निवेदन देने हेतु इस आंदोलन के समय हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस समय समाज के लोग भयभीत हो रहे थे। उन्हें प्रोत्साहित करने पर उन्होंने हस्ताक्षर कर कव्वाली के कार्यक्रम को कठोर विरोध दर्शाया। (केवल हस्ताक्षर करने हेतु भयभीत होनेवाले हिन्दू आगामी कालावधि में धर्मांधोंका सामना कैसा करेंगे ? – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)

५. आंदोलन स्थल से जाते समय वारकरी संप्रदाय के अनेक वारकरी भी आंदोलन में सम्मिलित हुए।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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