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श्रीराम सेना के प्रमोद मुतालिक तथा उनके सहकारियों पर गोवा में सदा के लिए प्रवेशबंदी

  • गोवा प्रवेशबंदी को आव्हान देनेवाला प्रमोद मुतालिक का अर्ज मुंबई उच्च न्यायालय ने अस्वीकृत किया !

  • अल्पसंख्यंकों की चापलूसी हेतु राष्ट्रप्रेमी एवं धर्मप्रेमी श्रीराम सेना पर पाबंदी डालनेवाला गोवा का भाजपा शासन ! श्रीराम सेना पर पाबंदी डालकर भाजपा शासन ने यह स्पष्ट किया है कि, शासन लव जिहाद, नशीली पदार्थ व्यवसाय तथा बांग्लादेशी घुसपैठों का पुरस्कार करता है ! हिन्दुओ, भाजपा के इस हिन्दूद्रोह का विस्मरण न करें !

pramod-muthalikपणजी – प्रखर हिन्दूत्वनिष्ठ संगठन श्रीराम सेना के संस्थापक अध्यक्ष श्री. प्रमोद मुतालिक तथा उनके सहकारियों पर गोवा के भाजपा शासन द्वारा डाली गई प्रवेशबंदी हटाएं, इसलिए श्री. मुतालिक का आव्हान देनेवाला अर्ज मुंबई उच्च न्यायालय के गोवा खंडपिठ ने २ जुलाई को अस्वीकृत किया । अतः अगस्त २०१४ से श्री. मुतालिक पर सदा के लिए प्रवेशबंदी डाली गई । (बंदी की कालावधी में गोवा में सनबर्न, सेंट जेवियर की शवप्रदर्शनी, आंचिम इत्यादि आंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम संपन्न हुए । उस कालावधी में श्रीराम सेना के विरोध में किसी भी प्रकार का परिवाद प्रविष्ट नहीं हुआ है । ऐसा होते हुए भी शासन किस आधार पर यह पाबंदी डाल रही है ? कोई भी परिवाद प्रविष्ट न होते हुए भी डाली गई इस पाबंदी का कारण ज्ञात नहीं हुआ है ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात) गोवा के भाजपा शासन ने उत्तर गोवा तथा दक्षिण गोवा जनपद के जनपदाधिकारियों द्वारा श्री. प्रमोद मुतालिक पर अनुक्रम से १९ अगस्त २०१४ तथा २० अगस्त २०१४ को पांबदी डाली थी । इस पाबंदी का कालावधी १८ अक्तूबर २०१४, १६ जनवरी २०१५ तथा १४ मार्च २०१५ को आदेश द्वारा बढाया गया था । दोंनो जनपदाधिकारियों ने ये पाबंदी ऊठाने के लिए अस्वीकृती प्रदर्शित करने के कारण श्री. मुतालिक ने इस पाबंदी के विरोध में न्याय मांगने हेतु मुंबई उच्च न्यायालय के गोवा खंडपीठ में अर्ज प्रविष्ट किया था । मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश चंद्रकांत भडंग तथा कालिदास वदने के द्विसदस्यीय खंडपिठ ने २ जुलाई को यह याचिका अस्वीकृत की ।

१६ जून को इस संदर्भ के युक्तिवाद समाप्त हुए थे; इसलिए निर्णय दिया गया । शासन की ओर से शासकीय अधिकारी एस्.आर्.रिवणकर ने पक्ष प्रस्तुत किया, तो श्री. प्रमोद मुतालिक की ओर से अधिवक्ता नागेश ताकभाते ने पक्ष प्रस्तुत किया । श्री. मुतालिक के अधिवक्ता ने यह युक्तिवाद किया था कि, ‘श्री. प्रमोद मुतालिक पर किसी भी प्रमाण के विना केवल अल्पसंख्यंकों की चापलूसी करने के लिए राजनीतिक बली चढाने हेतु यह पाबंदी लगाई गई है ।’ तो शासकीय अधिवक्ता ने यह युक्तिवाद किया था कि,‘श्री. प्रमोद मुतालिक ‘लव जिहाद’, साथ ही नशीली पदार्थ तथा बांग्लादेशी घुसपैठों के विरोध में अभियान आयोजित करने वाले हैं, अतः उनके कारण राज्य में सामाजिक तनाव उत्पन्न हो सकता है ।’ (लव जिहाद, नशीली पदार्थ तथा बांग्लादेशी घुसपैठों के विरोध में शासन ने स्वयं कार्रवाई करनी चाहिए ! गोवा का भाजपा शासन स्वयं तो इस संदर्भ में कुछ कार्यवाही करता ही नहीं; उलटा श्री. मुतालिक निःस्वार्थीरूप से उसके लिए कुछ कार्य करते हैं, तो उन पर ही पाबंदी लगाने का प्रयास हो रहा है ! लव जिहाद करनेवाले धर्मांध, नशीली पदार्थ माफिया तथा बांग्लादेशी घुसपैठ क्या शासन के दामाद हैं ? शासन उन का पक्ष क्यों ले रहा है ? – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)

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0 Comments

  1. Rupal Nishant

    Hi HJS Team,

    i have written to them, I agree that such serials are real nonsense and imprint false notion on the exalted personalities like Narad Muni, Devi Saraswathi, Devi Parvathi and Goddess Lakshmi, once side we want to pray during our helplessness and immediately other side these people behave like rogues and irresponsible citizens, This is very disturbing. We should keep following up and make them stop this garbage.

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