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हिन्दुत्वनिष्ठोंद्वारा श्रीराम सेना पर गोवा प्रवेशबंदी के निषेधार्थ हुबली, कर्नाटक में प्रदर्शन

हिन्दुत्वनिष्ठ कहलवानेवाली भाजपा के विरुद्ध हिन्दुत्वनिष्ठोंको प्रदर्शन करने पर बाध्य होना पडे, क्या मोदी के ‘अच्छे दिन’ यही  हैं ?

निदर्शने करते हुए हिंदुत्ववादी संघटनोंके कार्यकर्ते

हुबली, कर्नाटक : गोवा शासनद्वारा धर्माभिमानी संगठन श्रीराम सेनापर पिछले ८ मास से लगाए गए अन्यायकारी प्रवेशबंदी के विरुद्ध श्रीराम सेना के साथ अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन के कार्यकर्ताओंने २ अप्रैल २०१५ को कर्नाटक के हुबली में प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में स्थानीय संत भी सम्मिलित हुए थे।

गोवा की भाजपा सरकार ने अगस्त २०१४ से श्रीराम सेना के गोवा प्रवेशपर प्रतिबंध लगाया है। बार-बार आदेश निकालकर प्रवेशबंदी की कालावधि बढाई जा रही है। हाल ही में इस प्रवेशबंदी की कालावधि और ४ मास के लिए बढा दी गई है। श्री. प्रमोद मुतालिक ने इस अन्यायपूर्ण बंदी के विरुद्ध उच्च न्यायालय में आवाहन भी किया है। इस विषय में सुनवाई कूर्मगति से चल रही है।

उसीप्रकार जनता को यह विषय ज्ञात होने हेतु इस अन्यायपूर्ण बंदी के विरुद्ध हुबली के आंबेडकर सर्कल में भी प्रदर्शन किए गए। इन प्रदर्शनों में श्रीराम सेना के अध्यक्ष श्री. प्रमोद मुतालिक, श्रीराम सेना के कर्नाटक राज्य संगठन सचिव श्री. गंगाधर कुलकर्णी, हुबली के पू. मोहन गुरुस्वामी, पू. संगमानंद स्वामी, पू. षडाक्षरी स्वामी, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. गुरुप्रसाद, हिन्दू महासभा के श्री. बसवराज हडपद, तथा अनेक कार्यकर्ता सम्मिलित हुए थे।

नाइजीरिया, ब्रिटेन, रूस एवं अफगानिस्तान के नागरिकोंको बिना प्रतिबंध प्रवेश; पश्चात हिन्दू प्रमोद मुतालिक पर प्रतिबंध क्यों ?, गोवा की भाजपा सरकार की नीति के विषय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मौन क्यों है ? अधिकार स्वतंत्रता पर आक्रमण करनेवाली भाजपा सरकार का निषेध हो, प्रदर्शनकारियोंने ऐसे निषेध फलक हाथ में धारण कर रखे थे। कर्नाटक राज्य में कुछ दिनोंके पश्चात भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे। इस प्रदर्शन के पीछे का उद्देश्य है, गोवा की भाजपा सरकारद्वारा लिए गए अन्यायपूर्ण निर्णय के विषय में प्रधानमंत्री मोदी, तथा भाजपा के अन्य पदाधिकारियोंका ध्यान आकर्षित करना।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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