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राजस्थान : सनातन संस्कृति को संजोने हेतु रामस्नेही गुरुकुल विद्यापीठ कार्यरत ! – पू. रामप्रसादजी महाराज

चैत्र कृष्णपक्ष सप्तमी, कलियुग वर्ष ५११६

रामस्नेही संतोंके साथ पू. रामप्रसादजी महाराज एवं उन के आशीर्वाद लेते हुए श्री. आनंद जाखोटिया

ब्यावर (राजस्थान) : ऋषिमुनियोंने देश की संस्कृति को संजोया; परंतु वर्तमान की पीढी को सनातन संस्कृति का विस्मरण हो रहा है। अतः इस संस्कृति को संजोए रखने के लिए ही तिवरी (जोधपुर) में पिछले १० वर्षोंसे रामस्नेही गुरुकुल विद्यापीठ कार्यरत है, ऐसी जानकारी रामस्नेही संत पू.रामप्रसादजी महाराज ने यहां दी।

वे यहां के राधा कुंज गार्डन में २६ फरवरी से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन आयोजित पत्रकार परिषद में बोल रहे थे। इस परिषद में कार्यक्रम के आयोजक श्री. कैलाशचंद राठी, रामनिवास राठी, गोविंद राठी, ब्यावर नगर परिषद के उपसभापति सर्वश्री सुनीलकुमारजी मुंदडा, राजेंद्र मुंदडा, सुरेंद्र सोमानी, कैलाश मुंदडा, यश मुंदडा, रामप्रसाद मित्तल, लक्ष्मीनारायण मालानी एवं दिनेश शर्मा इत्यादि मान्यवर उपस्थित थे।

हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्थाद्वारा धर्मप्रसार !

१ मार्च को समिति के श्री. आनंद जाखोटिया ने महाराज से भेंट कर उन से आशीर्वाद लिए एवं पर उन्हें समिति के कार्य के विषय में जानकारी दी। महाराज ने कार्य की प्रशंसा करते हुए व्यासमंच पर धर्माचरण के विषय में प्रबोधन करने हेतु समय उपलब्ध करा दिया। इस समय श्री. जाखोटिया ने धर्माचरण के संदर्भ में उपस्थित लोगोंका प्रबोधन किया। समिति द्वारा धर्मशिक्षा एवं गोरक्षा विषयक फलकों एवं सनातन संस्था के ग्रंथ तथा सात्त्विक उत्पादोंकी प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके लिए राठी एवं मुंदडा परिवार का सहयोग मिला।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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