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हिन्दुनिष्ठ कार्यकर्ताओंपर किए गए आक्रमण के निषेधार्थ थाने (महाराष्ट्र) में पत्रकार परिषद !

पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी, कलियुग वर्ष ५११६

समाजकन्टकोंका क्रोध व्यक्तिगत नहीं, अपितु हिन्दू धर्म का प्रसार करने का प्रयास करनेवाले व्यक्तियोंके सम्बन्धमें है !

बाए से श्री. सीताराम जुवाटकर, श्री. जयेश तिखे, वैद्य उदय धुरी और श्री. विक्रम भोईर

ठाणे (महाराष्ट्र) : यहांपर आयोजित पत्रकार परिषद में बोलते हुए हिन्दू जनजागृति समिति के मुंबईके प्रवक्ता वैद्य उदय धुरी ने ऐसा वक्तव्य किया कि यहांके हिन्दुनिष्ठ कार्यकर्ताओंपर आक्रमण करनेवाले समाजकन्टकोंका क्रोध व्यक्तिगत नहीं, अपितु हिन्दू धर्म का प्रसार करने का प्रयास करनेवाले व्यक्तियोंके सम्बन्धमें है । ऐसे संगठनोंपर त्वरित प्रतिबन्ध लगाया जाए । कानून के अनुसार उचित कार्यवाही की गई होती; किन्तु उन्होंने नहीं की जो निषेधार्ह है ।

ठाणे के पाचपाखाडी परिसर में ‘वॉट्सअप’ के संदेश से उत्पन्न मतभेद के पश्चात कुछ समाजकंटकोंने रात्रि विलम्ब से एक हिन्दुनिष्ठ कार्यकर्ता के घर में घुसकर मारपीट की । स्वा. सावरकर की प्रतिमा जमिनपर गिराकर उसकी विडम्बना की । स्वातंत्र्यवीर सावरकर के ग्रन्थ फाडे तथा भगवा ध्वज भवन से नीचे फेंका । देवी-देवताओंके छायाचित्रवाले सनातन पंचांग फाडकर उन्हें तहस-नहस किया गया । इसलिए विविध हिन्दुनिष्ठ संगठनोंद्वारा घटनादत्त नियमोंके अनुसार इन समाजकंटकोंपर कठोर कार्यवाही एवं उनकी ओर से हुई हानि की पूर्ति करने की मांग की जा रही है । इसलिए राष्ट्रीय हिन्दू आन्दोलनद्वारा पत्रकार परिषद आयोजित की गई ।

इस अवसरपर विश्‍व हिन्दू परिषद के प्रखंड मन्त्री श्री. विक्रम भोईर ने कहा कि स्वातंत्र्यवीर सावरकर की विडम्बना करने का किसी को भी अधिकार नहीं है । क्रांतिकारियोंका अपमान तथा सनातन के पंचागोंके देवी-देवताओंके विडम्बन का हम निषेध करते हैं । हिन्दू युवा मोर्चा के कोकण प्रान्त प्रभारी अ‍ॅड्. जयेश तिखे ने कहा कि जिस स्थानपर स्वातंत्र्यवीरोंकी प्रतिमा का भंग हुआ है, वहां सावरकर का पुतला स्थापित करें । जिन समाजकंटकोंने आक्रमण किया, उन्हें नियन्त्रण में लेकर शीघ्र ही छोड दिया गया । उनपर क्षुद्र धाराएं लगाई गई, इसका मैं निषेध करता हूं ।

हिन्दू राष्ट्र सेना के श्री. सिताराम जुवाटकर ने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत स्तर का आक्रमण नहीं, अपितु हिन्दुनिष्ठ संगठनपर होनेवाला आक्रमण है । १८ दिसम्बर को धमकियां आती हैं । २० दिसम्बर को आक्रमण होता है । ८ लोगोंमें केवल ६ लोगोंपर अपराध की प्रविष्टि होती है एवं उन्हें त्वरित मुक्त किया जाता है । मैं इसका निषेध करता हूं ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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