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यदि हिंदुओंने अपनी संस्कृतिका तिरस्कार किया, तो उनका विनाश निश्चित है ! – श्री १०८ स्वामी सच्चिदा

हिंदू जनजागृति समितिके राष्ट्रीय मार्गदर्शक पू. डॉ. चारुदत्त पिंगले नेपाल भ्रमणपर थे । उन्होंने प्रगतिनगर तथा नवलपरासीके श्री पशुपति सांगवेद आवासीय संस्कृत माध्यमिक विद्यालयका भ्रमण…

यदि हिंदू संगठित हुए, तो हिंदू राष्ट्रकी स्थापना ! – श्री श्री बसवानंद स्वामी

कर्नाटकके श्री श्री बसवानंद स्वामीने यह विश्वास व्यक्त किया कि ‘यदि हिंदू संगठनोंके कारण हिंदू संगठित हुए, तो निश्चित ही हिंदू राष्ट्रकी स्थापना होगी ।

प्रवचनमें हिंदू जनजागृति समितिको हिंदू राष्ट्रपर विचार प्रस्तुत करनेका अवसर !

शंकराचार्य श्री निश्चलानंद सरस्वतीजीको जून २०१३ में गोवामें समितिद्वारा आयोजित हिंदू अधिवेशन’का निमंत्रण देने हेतु समितिके श्री. रमेश शिंदे, श्री. विनय पानवळकर उनके आश्रममें गए…

श्री श्री रविशंकरद्वारा द्वितीय अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशनमें उपस्थित रहनेका आश्वासन

श्री श्री रविशंकरद्वारा द्वितीय अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशनमें उपस्थित रहनेका आश्वासन देते हुए हिंदू जनजागृति समितिकी प्रशंसा भी की |

हिंदू जनजागृति समितिका कार्य शीघ्र गतिसे बढेगा ! – प.पू. ॐ दत्त ठाकुर महाराज

डोंबिवलीके पूर्व क्षेत्रके प.पू. ॐ दत्त ठाकुर महाराजजीने हिंदू जनजागृति समितिके कार्यको आशीर्वाद दिया और साधना के विषयमें अमूल्य मार्गदर्शन भी किया ।

श्री श्री राघेश्वर भारती महास्वामीजीका हिंदू जनजागृति समितिको आशीर्वाद !

शंकराचार्य श्री श्री राघेश्वर भारती महास्वामीजीसे समितिके कार्यकर्ताओेंने शनिवारको भेंट की । इस अवसरपर महास्वामीजीने धर्मकार्यके लिए समितिकी प्रशंसा की । उन्होंने कहा कि समितिका…

हिंदू जनजागृति समिति वास्तविक धर्मकार्य कर रही है – जैन मुनि विमलसागरजीके गौरवोद्गार

हिंदू जनजागृति समितिके कार्यके लिए मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं, ऐसे गौरवोद्गार जैन मुनि विमलसागरजीने भिवंडीमें निकाले ।

हिंदुओंको जागृत करने हेतुही साक्षात ईश्वरने आपको भेजा है ! – श्री शांतिगिरी महाराज, गिरी संप्रदाय

हिंदुजागृति करना हम साधु-संतोंके कार्य हैं, किंतु उतने प्रमाणमें करना हमारे लिए संभव नहीं है; जितने अधिक प्रमाणमें यह कार्य हिंदु जनजागृति समिति, सनातन संस्था…

समितिके कार्यकर्ताओंने कांची कामकोटी पीठके शंकराचार्यसे आशिर्वाद लिए !

समितिके कार्यकर्ताओंने कांची कामकोटी पीठके शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती भेंट लेकर कार्यके लिए उनसे आशिर्वाद लिए ।