‘केवल हलाल मांस बेचना SC/ST एक्ट का उल्लंघन’: मैक्डॉनल्ड्स इंडिया को लीगल नोटिस

केवल हलाल मांस बेचना मैक्डॉनल्ड्स इंडिया को भारी पड़ सकता है ! इस संबंध में मिले लीगल नोटिस का जवाब देने से वह बच रहा है। कानून के जानकारों के अनुसार मैक्डॉनल्ड्स इंडिया का यह बिजनेस मॉडल न केवल संवैधानिक मूलभूत अधिकारों का, बल्कि, एससी/एसटी एक्ट का भी उल्लंघन है ! Read more »

बांग्लादेश में सत्ताधारी पक्ष के जिहादीयोंद्वारा हिन्दू परिवार पर आक्रमण

बांग्लादेश में सत्ताधारी पक्ष के धर्मांधोंद्वारा बरीसाल जिले के बकेरगंज क्षेत्र में २९ दिसंबर को एक हिन्दू परिवार पर आक्रमण कर घर की महिला पर बलात्कार किया गया। इसके अतिरिक्त इन नराधमोंने घर की एक लडकी के गुप्तांग में लकडीयां घुसार्इं। Read more »

बांग्लादेश में पाठशाला जानेवाली हिन्दू लडकी का अपहरण कर बलपूर्वक धर्मपरिवर्तन !

फिर एक बार ! बांग्लादेश में चित्तगांग जिले के अन्वर में पाठशाला जानेवाली ओरी चक्रवर्ती नामक एक अल्पायु हिन्दू लडकी का अपहरण कर बलपूर्वक धर्मपरिवर्तन करने की घटना हुई है ! Read more »

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू असुरक्षित : कट्टरपंथियों द्वारा दो हिन्दू युवतियोेंं का अपहरण और बलपूर्वक धर्मपरिवर्तन !

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुआें पर अत्याचार बढते ही जा रहे हैं । कल हमें मिली जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश में दो अवयस्क हिन्दू युवतियों के अपहरण और बलपूर्वक धर्मपरिवर्तन की घटनाएं सामने आई है । Read more »

सऊदी अरब में नौकरी कर रहीं भारतीय महिलाआेेंं पर अब भी अमानवीय अत्याचार जारी !

पिछले कुछ दिनों से भारत से सऊदी अरब में नौकरी करने गई महिलाआें पर सऊदी नियोक्ताओं द्वारा अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं । Read more »

हाथ में कुरान थमा कर स्‍पेनिश समाचारपत्र ने सिख को बताया पेरिस हमले का आतंकी

‘पत्रकारिता !’ चौथे आधार स्तंभ का नमूना ! भारतीय मूल के एक सिख की तस्‍वीर स्‍पेन के सबसे प्रतिष्ठित अखबार ‘La Razón’ ने फ्रंट पेज पर छापकर उसे पेरिस हमले में शामिल बताया। Read more »

कश्मीर में जिहादी आतंकवाद के कारण २५ वर्षों में लौट पाया केवल १ हिन्दू परिवार !

आतंकवाद के कारण कश्मीर से करीब ४.५ लाख पंडितों को अपना घर छोडना पड़ा था। १९९० के दशक में कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था और इस कारण इन लोगों को अपना घर छोडने पर विवश होना पडा । Read more »

बांग्लादेश में हिन्दुओंपर होनेवाले अत्याचारोंके विरुद्ध बांग्लादेश के राष्ट्रपति को निवेदन

बांग्ला देश के अल्पसंख्यक हिन्दुओंपर होनेवाले अत्याचारोंके विरुद्ध कोलकता के निखिल बंगा नागरिक संघद्वारा बांग्ला देश के राष्ट्रपति को निवेदन भेजा गया है। इस निवेदन में हिन्दुओंपर होनेवाले अत्याचार की घटनाओंको रोकने हेतु उपाययोजना करने की मांग की गई है। Read more »

बांग्लादेश में अलिखित नियम – ‘अजान के समय मंदिरो में बजती घंटियां रोक दी जाती है’ !

बांग्लादेश में अलिखित नियम है, अजान की आवाज आनेपर मंदिर में बज रही घंटियां थम जाएंगी। घरों में बहुत सुबह शंख या घंटी नहीं बजाई जा सकती। बांग्लादेश में सहिष्णुता खत्म होती जा रही है। अल्पसंख्यकोंके लिए यहां कोई कानून नहीं है। सरकारें बदलती हैं और समस्या वहीं रह जाती है। साफ तौरपर दिखाई देता है कि हमारे साथ भेदभाव हो रहा है पर हम कुछ नहीं कर पाते। – बांग्लादेश राष्ट्रीय हिंदू महाजोट के सेक्रेटरी जनरल गोविंद चंद्र प्रामाणिक Read more »

‘बांगलादेश माइनॉरिटी वॉच’द्वारा हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन कार्यालय के मानवाधिकार पदाधिकारियोंके साथ विचार-विमर्श

बांगलादेश के राष्ट्रसंघ निवासी समन्वयक एवं ‘बांगलादेश माइनॉरिटी वॉच’द्वारा हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन कार्यालय के मानवाधिकार पदाधिकारियोंके साथ बांग्ला देश के अल्पसंख्यकोंपर (हिन्दुओंपर) होनेवाले अत्याचारोंके संबंध में विचार-विमर्श किया गया। Read more »

Notice : The source URLs cited in the news/article might be only valid on the date the news/article was published. Most of them may become invalid from a day to a few months later. When a URL fails to work, you may go to the top level of the sources website and search for the news/article.

Disclaimer : The news/article published are collected from various sources and responsibility of news/article lies solely on the source itself. Hindu Janajagruti Samiti (HJS) or its website is not in anyway connected nor it is responsible for the news/article content presented here. ​Opinions expressed in this article are the authors personal opinions. Information, facts or opinions shared by the Author do not reflect the views of HJS and HJS is not responsible or liable for the same. The Author is responsible for accuracy, completeness, suitability and validity of any information in this article. ​