Signature Campaign : आंध्रप्रदेश के मंदिरों पर आक्रमण तथा मूर्तियों को तोडने के प्रकरण में दोषियों पर कठोर कार्यवाही करें !

आंध्रप्रदेश राज्‍य में ‘वाय.एस.आर.सी.पी.’(YSRCP) दल के जगनमोहन रेड्डी की सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से हिन्‍दू मंदिरों पर निरंतर आक्रमण हो रहे हैं । विगत 19 महीनों में कुल 120 हिन्‍दू मंदिरों में तोडफोड, मूर्तिभंजन अथवा अनादर होने की संतापजनक घटनाएं घटी हैं ।

देशभक्‍त एवं धर्मप्रेमी हिन्‍दू इस ऑनलाईन याचिका (पेटिशन) द्वारा केंद्र शासन से ये मांग करे !

देशभक्‍त एवं धर्मप्रेमी हिन्‍दुओं से निवेदन है कि, कृपया नीचे दिए गए ‘Send Email’ इस बटन पर क्लिक कर इस मांग को इ-मेल द्वारा मा. गृहमंत्री, भारत सरकार को भेजें ! साथ ही इस इ-मेल की प्रतिलिपि (Copy) हमें [email protected] इस पते पर इ-मेल करें ! 
(Note : ‘Send Email’ यह बटन केवल मोबाईल से क्लिक करने पर ही कार्य करेगा !)

इस अनुषंग से आपको निम्‍नांकित सूत्र ध्‍यान में लाकर दे रहे हैं …

1. विजयनगरम् जिले में स्‍थित नेल्लीमार्ला के श्री कोदंडराम मंदिर की 400 वर्ष प्राचीन श्रीराम की मूर्ति का सिर तोडकर उसे नाले में फेंका गया है । संपूर्ण देश में प्रचंड संताप व्‍यक्‍त हो रहा है । इस मंदिर की आय एक करोड रूपयों से अधिक होते हुए भी कोई भी सुरक्षा रक्षक नहीं रखा गया था ।

2. राजमंड्री जिले में स्‍थित श्रीविघ्‍नेश्‍वर मंदिर की भगवान श्रीसुब्रह्मण्‍येश्‍वर स्‍वामी की मूर्ति तोडी गई ।

3. विजयवाडा के नेहरू बसस्‍टॉप के निकट स्‍थित सीताराम मंदिर में श्री सीतामाता की मूर्ति तोडी गई ।

4. पीठापुरम में 23 मूर्तियां तोडी गईं । अंतर्वेदी स्‍थित श्रीलक्ष्मीनृसिंह मंदिर का रथ जलाया गया तथा बेजवाडा के श्री कनकदुर्गा मंदिर के रथ पर स्‍थित चांदी के शेरों की 3 मूर्तियां की चोरी की गई ।

5. कर्नूल में श्री अंजनेय स्‍वामी की मूर्ति तोडी गई । भगवान श्रीराम की मूर्ति तोडने के उपरांत भी यह घटनाएं हो ही रही हैं ।
मंदिरों में मूर्तियों की तोडफोड और मूल्‍यवान सामग्री की चोरी होने के उपरांत पुलिस और सरकार कह रही है कि यह कृत्‍य किसी पागल व्‍यक्‍ति का कार्य है । प्रत्‍यक्ष में ध्‍यान में आता है कि यह एक व्‍यापक षड्‌यंत्र है । इतनी बडी घटनाओं के पीछे कोई योजना बनाकर ये सर्व कृत्‍य कर रहा है । इस संंबंध में हिन्‍दू संगठनों द्वारा स्‍थापित सत्‍यशोधक समिति की पूछताछ में पिठापूरम प्रकरण में एक ईसाई व्‍यक्‍ति मिला है । उस पर अब पुलिस ने कार्यवाही की है ।

कुल मिलाकर मूर्तिभंजन की सैकडों घटनाएं घटी हैं; परंतु एक भी प्रकरण के खरे आरोपी को पकडने तथा मूर्तिभंजन की घटनाएं रोकने में जगनमोहन सरकार असफल सिद्ध हुई है । इसलिए आंध्रप्रदेश सहित संपूर्ण देश में संताप व्‍यक्‍त हो रहा है । इसमें निष्‍क्रिय साबित हुए धर्मादाय विभाग के मंत्री वेल्लम्‍पल्ली श्रीनिवास का त्‍यागपत्र लेना चाहिए । यह घटना यदि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के किसी चर्च अथवा मस्‍जिद के संदर्भ में घटी होती, तो हिन्‍दूबहुल भारत में अल्‍पसंख्‍यक और उनके प्रार्थनास्‍थल किस प्रकार असुरक्षित हैं, इस संबंध में संपूर्ण संसार में वातावरण निर्माण किया गया होता; परंतु बहुसंख्‍यक हिन्‍दुआें के संबंध में कोई भी न्‍याय देने का प्रयत्न नहीं करता ।

इससे पूर्व आंध्रप्रदेश के खाद्यआपूर्ति मंत्री कोडाली नानी ने ही कहा था कि, हिन्‍दू देवता की मूर्ति तोडने से कोई हानि नहीं होती । इस विधान से ध्‍यान में आता है कि सरकार इस संबंध में अनदेखी करने की भूमिका निभा रही है । सरकार ही यदि ऐसी भूमिका लेनेवाली हो, तो वे हिन्‍दू मंदिरों की रक्षा कैसे करेंगे ? अतः ऐसा नहीं लगता कि जगनमोहन सरकार द्वारा हिन्‍दुओं के धार्मिक भावनाआें की अथवा हिन्‍दुओं के मंदिरों की रक्षा होगी । जगनमोहन सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से ईसाई मिशनरियों की कार्यवाहियां और धर्मांतरण की घटनाएं भी बढी है । इसलिए हिन्दुओं के मंदिरों तथा धार्मिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए केंद्र सरकार ही हस्‍तक्षेप करे । आंध्रप्रदेश की सर्व मूर्तिभंजन की घटनाओं की गहन पूछताछ करने के लिए केंद्र सरकार केंद्र के अन्‍वेषण तंत्रों का एक विशेष अन्‍वेषण दल (SIT) स्‍थापित करे तथा दोषियों पर कठोर कार्यवाही करे, ऐसी हमारी मांग है !