Sign Petition : महाराष्‍ट्र के दुर्गों पर अनधिकृत मजार, दरगाह, कब्र आदि बांधकर होनेवाले अतिक्रमण तत्‍काल हटाएं !

पूरे महाराष्‍ट्र के आराध्‍य देवता छत्रपति शिवाजी महाराज ! छत्रपति शिवाजी महाराज ने मां भवानी और गुरु के आशीर्वाद; शौर्य, पराक्रम, गुरिल्ला युद्धनीति आदि स्‍वकर्तृत्‍व; तथा महाराज पर अटूट निष्‍ठा रखनेवाले मावळों के त्‍याग से ‘हिन्‍दवी स्‍वराज्‍य’ की स्‍थापना की । इसी हिन्‍दवी स्‍वराज्‍य में महाराज के 300 से अधिक ऐतिहासिक दुर्ग हैं । आज इनकी दुर्दशा तो हो ही रही है, इससे भी गंभीर यह है कि दुर्ग का इस्‍लामीकरण करने का षड्‍यंत्र भी रचा जा रहा है । एक प्रकार से यह दुर्ग की भूमि हडपने का ‘लैंड-जिहाद’ ही है, ऐसा कह सकते हैं ।

देशभक्‍त एवं धर्मप्रेमी हिन्‍दू इस ऑनलाईन याचिका (पेटिशन) द्वारा केंद्र शासन से ये मांग करे !

देशभक्‍त एवं धर्मप्रेमी हिन्‍दुओं से निवेदन है कि, कृपया नीचे दिए गए ‘Send Email’ इस बटन पर क्लिक कर इस मांग को इ-मेल द्वारा मा. मुख्‍यमंत्री, मा. सांस्‍कृतिक मंत्री, महाराष्‍ट्र एवं मा. महासंचालक, भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण को भेजें ! साथ ही इस इ-मेल की प्रतिलिपि (Copy) हमें [email protected] इस पते पर इ-मेल करें ! 

(Note : ‘Send Email’ यह बटन केवल मोबाईल से क्लिक करने पर ही कार्य करेगा !)

बाजीप्रभु देशपांडे के अतुलनीय पराक्रम के साक्षी कोल्‍हापुर जिले के विशालगड पर 100 से अधिक अनधिकृत आरसीसी निर्माण-कार्य हुए हैं, ऐसा हिन्‍दू जनजागृति समिति ने एक वर्ष पूर्व सूचना अधिकार के माध्‍यम से उजागर किया । उसके विरोध में हिन्‍दू जनजागृति समिति ने दुर्गप्रेमी एवं शिवप्रेमी संगठनों के साथ पूरे राज्‍य में आंदोलन भी छेडे; परंतु वे अतिक्रमण अब तक हटाए नहीं गए हैं । इस अतिक्रमण विरोधी संग्राम के दौरान ही छत्रपति शिवाजी महाराज के स्‍वराज्‍य की राजधानी ‘किल्ले रायगड’ पर अतिक्रमण के माध्‍यम से इस्‍लामी आक्रमण की घटना हाल ही में सामने आई है । इसके साथ ही यह भी पता चला है कि शिवाजी महाराज के आरमार के मुख्‍य केंद्र कोलाबा दुर्ग पर भी अनधिकृत कब्र बांधी गई है । पुणे जिले के लोहगड पर मुसलमानों द्वारा अनधिकृत निर्माण-कार्य कर ‘उर्स’ मनाया जाता है । सातारा जिले के प्रतापगड के तले अफजलखान की कब्र का अनधिकृत निर्माण-कार्य गिराने का मुंबई उच्‍च न्‍यायालय का आदेश होते हुए भी महाराष्‍ट्र शासन ने अनेक वर्ष उसपर कुछ भी कार्रवाई नहीं की, यह खेद से कहना पड रहा है ।]

हिंदवी स्‍वराज्‍य का मेरु दंड ये सैकडों दुर्ग राज्‍य की ऐतिहासिक धरोहर है । ऐसे में भी अनेक दुर्ग पर धर्मांधों ने अनधिकृत निर्माण-कार्य, मजार, प्रार्थनास्‍थल खडे कर दुर्ग का ‘इस्‍लामीकरण’ करने का षड्‍यंत्र रचा है । छत्रपति शिवाजी महाराज ने राज्‍य के पांच इस्‍लामी साम्राज्‍य समाप्‍त किए, तब भी इस्‍लामी आक्रमण आज भी रुके नहीं हैं । राज्‍य के सभी दुर्ग इस्‍लामी आक्रमणमुक्‍त होने ही चाहिए । शासन तथा भारतीय पुरातत्‍व विभाग का यह दायित्‍व है कि वह इस दुर्ग की पवित्रता बनाए रखे और दुर्ग का संवर्धन करे ।

इस दृष्‍टि से किल्ले रायगड, कोलाबा दुर्ग, विशालगड आदि के समान राज्‍य के सभी दुर्गों पर ऐसे अतिक्रमण तो नहीं हुए हैं, इसका ब्‍यौरा शासन को प्रस्‍तुत कर ये अतिक्रमण तत्‍काल हटाने की प्रक्रिया आरंभ करना अत्‍यंत आवश्‍यक है; क्‍योंकि अनधिकृत निर्माण-कार्य, अतिक्रमण धार्मिक विद्वेष निर्माण कर रहे हैं । मूलतः इतने अतिक्रमण होने तक पुरातत्‍व विभाग के कर्मचारी क्‍या कर रहे थे अथवा यहां अतिक्रमण करने के लिए पुरातत्‍व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है न, ऐसा यहां प्रश्‍न निर्माण होता है । इसलिए जिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह हुआ उन पर और जिन मुसलमानों ने ये अतिक्रमण किए उन सभी पर तत्‍काल अपराध प्रविष्‍ट किए जाने चाहिए, ऐसी हमारी मांग है ।

मा. सांसद संभाजीराजे और सरखेल कान्‍होजी आंग्रे के वंशज श्री. रघुजीराजे आंग्रे ने इस प्रकरण में भारतीय पुरातत्‍व विभाग से पत्रव्‍यवहार कर आवाज उठाई है । साथ ही, अनेक दुर्गप्रेमी एवं शिवप्रेमी संगठनों ने भी आवाज उठाई है । अतः इसे गंभीरता से लेते हुए भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण विभाग केंद्रीय पथक भेजकर इस प्रकरण की गहन जांच प्रारंभ करे, अनधिकृत निर्माण-कार्य करनेवालों पर अपराध प्रविष्‍ट किए जाएं तथा सभी अनधिकृत निर्माण-कार्य तत्‍काल गिराए जाएं और दुर्गों का संवर्धन किया जाए, ऐसी मांग हिन्‍दू जनजागृति समिति कर रही है । अन्‍यथा हिन्‍दू जनजागृति समिति इस प्रकरण में पूरे देश में तीव्र आंदोलन छेडेगी । छत्रपति शिवाजी महाराज के वास्‍तु पर हो रहे अतिक्रमण कदापि सहन नहीं किए जाएंगे, यह गंभीर दखल पुरातत्‍व विभाग एवं शासन-प्रशासन ले । इस संदर्भ में आपके द्वारा की गई कार्यवाही के बारे में हमें समय-समय पर सूचित किया जाए, यह विनती है !



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