इंडियन फाईन आर्ट द्वारा हिंदुद्वेषी चित्रकार म.फि. हुसैनद्वारा चित्रित चित्रोंका विक्रय बंद !

चैत्र शु. ११ , कलियुग वर्ष ५११४

हिंदु जनजागृति समितिके प्रबोधनका परिणाम !

हिंदुओ, इस सफलताके लिए ईश्वरके चरणोंमें कृतज्ञता व्यक्त करें !

मुंबई (महाराष्ट्र), २ अप्रैल (वृत्तसंस्था) – मुंबईके ताडदेवमें स्थित ‘इंडियन फाईन आर्ट’ कलादालनमें हिंदुद्वेषी चित्रकार म.फि. हुसैनद्वारा चित्रित २० चित्र बिक्रीके लिए रखे गए थे । हिंदु जनजागृति समितिके कार्यकर्ताओंके प्रबोधनके उपरांत ये चित्र हटाए गए । इन चित्रोंकी बिक्री २८ मार्च से ९ अप्रैलतक सुबह ११ से ७ की कालावधिमें होनेवाली थी । इस कलादालनके संकेतस्थलपर हुसैनद्वारा चित्रित एक चित्रका विक्रय होनेकी जानकारी मिलते ही हिंदु जनजागृति समितिके मुंबई, ठाणे एवं रायगढ विभागके समन्वयक श्री. शिवाजी वटकरद्वारा कलादालनमें दूरभाषपर संपर्क करनेपर कलादालनमें काम करनेवाले संतोषने उन्हें बताया कि हुसैनके २० चित्रोंमें एक चित्रका विक्रय हुआ है । इसपर श्री. वटकरने उन्हें कहा कि हुसैनने हिंदु देवी-देवताओंके नग्न एवं अश्लील चित्र बनाकर हमारी धार्मिक भावनाएं आहत की हैं । उनकी प्रदर्शनीको सभीका विरोध है, इसलिए उनके चित्र प्रदर्शनीसे हटाए जाएं । इसपर संतोषने उत्तर दिया कि मालिकसे पूछकर वैसा करेंगे ।

तदुपरांत समितिकी श्रीमती वर्षा ठकारने कलादालनके मालिक मनविंद दावेरसे भेंट की । दावेरने सूचित किया कि हुसैनके चित्र प्रदर्शनीसे हटा दिए गए हैं । तत्पश्चात श्रीमती वर्षा ठकार एवं कु. तेजल गांधीने जब कलादालनका अवलोकन किया तो उन्हें पता चला कि हुसैनद्वारा बनाए गए सभी चित्र कलादालनकी बडी प्रदर्शनीसे हटाए गए हैं । दावेरने कहा, ‘‘हमें प्रसन्नता हुई है कि आपने इस विषयमें हमारा प्रबोधन किया । भविष्यमें हुसैनद्वारा बनाए गए अन्य उपहासात्मक चित्र हम प्रदर्शित नहीं करेंगे । हमें किसीकी धार्मिक भावनाएं नहीं आहत करनी हैं ।’’ तदुपरांत श्रीमती वर्षा ठकारने उन्हें भान कराया कि, ‘‘ ऐसा करनेसे अन्योंके साथ-साथ आपकी भी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, यह ध्यानमें रखकर भविष्यमें कभी ऐसे चित्र न लगाएं ।’’

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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