31 लाख के पैकेज वाला आतंकी, सिरका, शरबत जैसे कोडवर्ड; NIA ने खोला पुणे ISIS मॉड्यूल का कच्चा चिट्ठा

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नई दिल्‍ली : राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने आईएसआईएस (ISIS) पुणे मॉड्यूल पर अदालत में दाखिल चार्जशीट में कई चौंकानेवाले खुलासे किये हैं। एनआईए ने 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ये आतंकी पढ़े-लिखे और नामी कंपनियों में काम करने वाले हैं, जिन्‍होंने बम बनाने वाले मैटेरियल को कोड नेम ‘शिरका’ ‘शरबत’ और ‘रोज वाटर’ दिया हुआ था। एनआईए ने इन आतंकियों के पूरी योजना का खुलासा कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट में किया है।

बम बनाने वाले मैटेरियल सल्फ्यूरिक एसिड H2so4,एसीटोन और हाइड्रोजन पेरोक्साइड को इन आतंकियों ने क्रमश: ‘शिरका’, ‘रोज वाटर’ और ‘शरबत’ कोड नेम दिया था, ताकि कोई इनके मंसूबों को भांप न सके। इन्‍होंने आतंकी हमले के लिए महाराष्ट्र, गोवा, केरला और कर्नाटका की रेकी की थी। इन्‍हीं राज्‍यों में बड़े घमाके करने की योजना थी। इन राज्‍यों की रेकी करने के लिए गिरफ्तार आतंकियों में से एक ने लाखों रुपये की हिमायन बाइक खरीदी थी।

इतना ही नहीं, इन आतंकियों ने वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी के लिए ड्रोन खरीद कर उसका इस्तेमाल किया। एनआईए ने इनके पास से ड्रोन को सीज भी किया है। एनआईए ने चार्जशीट में खुलासा किया की गिरफ्तार आतंकियों में से ज्यादातर पढ़े-लिखे और टेक्निकली बेहद साउंड हैं। गिरफ्तार आरोपी जुल्फिकार एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर काम कर रहा था और सालाना 31 लाख रुपये के पैकेज पर था।

वहीं, गिरफ्तार आरोपी शाहनवाज माइनिंग इंजिनियर था, जिसे विस्फोटकों की पूरी जानकारी थी। गिरफ्तार आरोपी कादिर पठान ग्राफिक्स डिजाइनर के तौर काम कर रहा था। ये आतंकी आईईडी (IED) बनाने के लिए जिन चीजों का इस्तेमाल कर रहे थे, उसे देखकर एनआईए भी हैरान रह गई। बेहद आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल ये लोग आईईडी बनाने में कर रहे थे।

आईईडी बनाकर ट्रायल भी किया

आतंकियों ने पुणे के जंगल में ट्रेनिंग सेंटर बनाया हुआ था, जहां आईईडी बनाकर ट्रायल भी किया। मुंबई और पुणे के कई इलाकों में किराए का मकान लेकर लोगों को रेडक्‍लाइज कर रहे थे। एनआईए ने चार्जशीट में खुलासा किया है कि आरोपी अकीफ नाचन ने फरवरी 2022 में मध्य प्रदेश के रतलाम में आतंकी ट्रेनिंग कैंप को अटेंड किया था, ट्रेनिंग कैंप एक पोल्ट्री फार्म में आयोजित किया गया था, जिसमें आईईडी बनाने की ट्रेनिंग दी गई थी।

अफगानिस्तान में भी दिया आतंकी वारदात को अंजाम

एनआईए ने चार्जशीट में एक बड़ा खुलासा ये भी किया कि केरल के कट्टरपंथी नौजवान अफगानिस्तान में साल 2020 में हुए बड़े आतंकी हमले में शामिल थे। चार्जशीट के मुताबिक 2-3 अगस्त 2020 को अफगानिस्तान के जलालाबाद में जेल में हुए हमले को आईएसआईएस के आतंकियों ने अंजाम दिया था। हमले में 29 लोग मारे गए थे, जिसमें कुछ भारतीय भी शामिल थे। इस हमले को आईएसआईएस के कुल 8 आतंकियों ने अंजाम दिया था। आईएसआईएस के उन आतंकियों का लीडर अबू रेयान अल हिंदी केरल का था, जबकि दो और आतंकी अबू रवाहा अल हिंदी और अबू नोह अल हिंदी भी केरल के रहने वाले थे। एनआईए ने चार्जशीट में बताया है कि गिरफ्तार आतंकी विदेश में बैठे हैंडलर से सोशल मीडिया से लगातार संपर्क में थे और उसी के इशारे पर लगातार एक्शन प्लान तैयार कर रहे थे। आतंकियों को विदेशों से फंडिंग भी मिल रही थी।

स्रोत : एनडीटीव्ही


 

3 अक्टूबर

पुणे पुलिस की गिरफ्त से भागे ISIS आतंकी शाहनवाज को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISIS के एक आतंकी शाहनवाज आलम उर्फ़ शैफी उज्जमा उर्फ अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। शाहनवाज पर NIA ने 3 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। ISIS से जुड़े एक मामले में वह पुणे पुलिस की गिरफ्त से फरार था और दिल्ली में छिपकर रहता था।

शाहनवाज दिल्ली में आतंकी संगठन ISIS के स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। शाहनवाज से हुई पूछताछ के आधार पर 2 अन्य संदिग्ध भी पकड़े गए हैं। इन सभी को जामिया इलाके से पकड़ा गया है। सोमवार (2 अक्टूबर 2023) को दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकी शाहनवाज मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। पेशे से वह इंजिनियर है और पुणे में रहता था। शाहनवाज इसी साल महाराष्ट्र के पुणे में सामने आए ISIS मॉड्यूल का मेंबर था। तब उसके नेटवर्क में अब्दुल्ला शेख, रिज़वान अब्दुल हाजी और तलहा लियाकत खान भी शामिल मिले थे।

शाहनवाज को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वो पुलिस कस्टडी से भाग निकला था। तब से उसकी तलाश NIA सहित बाकी एजेंसियाँ कर रहीं थीं। रविवार (1 अक्टूबर) को NIA ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में दबिश भी डाली थी। हालाँकि तब शाहनवाज को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था।

इस बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को शाहनवाज के जामिया इलाके में होने की सूचना मिली। पुलिस ने दबिश डालकर शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया। शाहनवाज ने पूछताछ में अपने 2 साथियों के भी नाम बताए। पुलिस ने उन दोनों संदिग्धों को भी जामिया इलाके से दबोच लिया।

बताया जा रहा है कि आरोपितों के पास से कुछ तरल पदार्थ बरामद हुआ है। प्रथम दृष्टया इसे हथियार बनाने का सामान माना जा रहा है। हालाँकि, बरामद सामान को जाँच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि वह है क्या। पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ भी की जा रही है।

शाहनवाज ने ISIS के विदेशी आतंकियों से टेलीग्राम एप पर दोस्ती की थी। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ये सभी विदेशी आकाओं से निर्देश ले रहे थे। तीनों मिलकर उत्तरी दिल्ली में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भी थे।

क्या था पुणे ISIS मॉड्यूल

दरअसल में पुणे पुलिस ने इसी साल जुलाई महीने में चोरी की बाइक के साथ 2 लोगों को पकड़ा था। इसमें शाहनवाज भी था। शुरुआत में पुलिस ने दोनों को वाहन चोर समझा पर जाँच में उनके ISIS नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई। इस बीच शाहनवाज पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।

ISIS का संबंध सामने आने के बाद इस मामले की जाँच में NIA भी शामिल हुई। इसके बाद इस साल अगस्त माह में पुणे के कोंढवा स्थित एक घर में दबिश डाली। दबिश के दौरान बम बनाने और ब्लास्ट करने की ट्रेनिंग लेते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 3 अन्य संदिग्ध फरार हो गए थे।

फरार होने वालों के नाम रिज़वान अब्दुल हाजी, अब्दुल्लाह फ़ैयाज़ शेख और तलहा लियाकत खान है। इन तीनों के साथ शाहनवाज पर भी 3-3 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। शाहनवाज की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों का दावा है कि पुणे ISIS केस में फरार अन्य आरोपितों को भी जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा।

संदर्भ : ऑपइंडिया

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