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मंदिर महासंघ के प्रयासों के कारण ‘इनाम निर्मूलन विधेयक’ को स्थगित करना पडा – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिंदू जनजागृति समिति

श्री रमेश शिंदे ने आगे कहा, “मंदिर संस्कृति के महत्व को समझने के लिए हिंदुओं को नियमित रूप से मंदिरों में एकत्र होकर धर्मचर्चा करनी…

देवस्थान भूमि संरक्षण परिषद : मंदिर सरकारीकरण एवं वक्फ अतिक्रमण के विरुद्ध मंदिर ट्रस्टी हुए एकजुट

अमरावती एवं अकोल में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ द्वारा देवस्थान भूमि संरक्षण परिषद का आयोजन किया गया है।

महाराष्ट्र मंदिर महासंघ की ओर से दापोली में मंदिर परिषद संपन्न

सरकार ने देवस्थान इनाम निर्मूलन कानून को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं। इसलिए यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि अब यह कानून कभी लागू…

झारप (कुडाळ) में आयोजित मंदिर न्यासियों की बैठक में न्यासी तथा श्रद्धालुओं ने लिया मंदिर रक्षा का संकल्प

महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के तत्वावधान में 13 जून को सिंधुदुर्ग जिले के झाराप स्थित आराध्या होटल में मंदिर न्यासियों की बैठक आयोजित की गई थी।

श्री विठ्ठल मूर्ति संरक्षण के लिए धर्मशास्त्र के अनुसार ही लेपन होना चाहिए – महाराष्ट्र मंदिर महासंघ

महाराष्ट्र के आराध्य देव, पंढरपुर के श्री विठ्ठल मूर्ति को घिसने से बचाने के लिए पुरातत्व विभाग द्वारा एक बार फिर रासायनिक लेपन या स्टोन…

महराष्ट्र देवस्थान इनाम निर्मूलन कानून हुआ स्थगित, हिन्दुत्वनिष्ठों के संघर्ष को मिली सफलता

राज्य के राजस्व मंत्री मा. चंद्रशेखर बावनकुळे ने आज नागपुर में ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन प्रारूप 2026’ इस प्रस्तावित कानून को स्थगित करने की महत्वपूर्ण…

भीमाशंकर, अष्टविनायक मंदिरों सहित सैकडों प्रमुख देवस्थानों ने कानून के विरोध में फूंका बिगुल!

इस विवादास्पद प्रस्तावित कानून का कड़ा विरोध करने और सरकार को समय रहते कदम उठाने की चेतावनी देने के लिए ‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ के तत्वावधान…

म्हार्दोळ (गोवा) में राज्य स्तरीय मंदिर न्यास परिषद का सफल आयोजन

मंदिरों पर होने वाले आघातों को रोकने के लिए मंदिरों का संगठन आवश्यक है – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिंदू जनजागृति समिति म्हार्दोल (गोवा) –…

हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने वाला महाराष्ट्र सरकार का देवस्थान भूमि संबंधी मंदिर विरोधी कानून

महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तावित ‘देवस्थान इनाम निर्मूलन अधिनियम, 2026’ के मसौदे को लेकर राज्य में विवाद गहरा गया है।