नासिक के TCS आस्थापन में उजागर हुए धर्मांतरण का प्रकरण
राष्ट्रघाती आतंकवादी स्लीपर सेल की गहन जांच करने की मांग!

नासिक : यहां की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीडन, धर्मांतरण के लिए दबाव, गोमांस खाने की मजबूरी और नमाज पढने के जो चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, उनके पीछे की जहरीली जिहादी मानसिकता और संगठित अपराध को खत्म किया जाना चाहिए, ऐसी मांग हिंदू जनजागृति समिति ने की है। यह केवल नासिक तक सीमित नहीं है, अपितु मुंबई सहित देश की अन्य शाखाओं में फैला हुआ एक बड़ा ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ हो सकता है। इसके पीछे के ‘लव जिहाद’, ‘धार्मिक आतंक’ और ‘धर्मांतरण रैकेट’ की गहन जांच कर राष्ट्रव्यापी श्रृंखला का पर्दाफाश किया जाए, अन्यथा समिति जन-आंदोलन छेड़ेगी। यह चेतावनी समिति ने विविध स्थानों पर ज्ञापन के माध्यम से दी है। इस अवसर पर समिति की महिला शाखा ‘रणरागिणी’ की युवतियों और महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम प्रशासन को ज्ञापन

समिति ने जयपुर के जिलाधिकारी संदेश नायक के माध्यम से मांग की है कि, जयपुर और संपूर्ण राजस्थान में कार्यरत बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी इस प्रकार की घटनाओं की तत्काल जांच की जाए। साथ ही, सरकार को कंपनियों में ‘धार्मिक भेदभाव विरोधी ऑडिट (परीक्षण) शुरू करना चाहिए और महिलाओं की सहायता के लिए एक विशेष हेल्पलाइन स्थापित करनी चाहिए’, ताकि पीड़ित महिलाएं बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। समिति ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि ‘कॉरपोरेट’ के नाम पर हिंदू महिलाओं का शोषण और धर्मांतरण का खेल अब बंद होना चाहिए।
#जयपुर @HinduJagrutiOrg द्वारा ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ व धर्मांतरण की साजिश के खिलाफ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। MNC कंपनियों में हिंदू महिलाओं के शोषण और जबरन मजहबी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग। कंपनियों का ‘धार्मिक ऑडिट’ अनिवार्य हो! #CorporateJihad #Jaipur @BhajanlalBjp pic.twitter.com/RyyKX0pbEj
— Anand Jakhotia® (@Anand_J25) May 14, 2026
इस अवसर पर हिंदू जनजागृती समिति के राजस्थान समन्वयक श्री आनंद जाखोटिया, समिति की शुभ्रा भार्गव; भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मीनारायण शर्मा; हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य अधिवक्ता राजकुमार, जिला विधि प्रमुख डैनी मिश्रा, महिला सहसंयोजिका अधिवक्ता अनुपमा चतुर्वेदी; ‘श्रुति-स्मृति अनुसंधान फाउंडेशन’ के संस्थापक श्री सिद्धार्थ उपाध्याय; ‘सेंटर फॉर सनातन रिसर्च’ के प्रदेश महासचिव श्री प्रकाश शर्मा; सनातन संस्था की आशा राठी, ऋचा पंवार आदि उपस्थित थे।
वाराणसी

इस अवसर पर ‘वाराणसी व्यापारी मंडल’ के अध्यक्ष श्री अजितसिंह बग्गा, व्यापारी मंडल के महासचिव श्री कविंद्र जयस्वाल, ‘चौरसिया व्यापारी मंडल’ के अध्यक्ष श्री सुनील चौरसिया, ‘राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति’ के संयोजक अधिवक्ता अरुण कुमार मौर्य, तथा समिति के सदस्य अधिवक्ता संजीवन यादव, अधिवक्ता अवनीश राय, श्री सुनील गुप्ता और हिंदू जनजागृति समिति के श्री राजन केशरी उपस्थित थे।
रांची

कोल्हापूर
इस अवसर पर शिवसेना के उपजिल्हाप्रमुख श्री किशोर घाटगे, श्री कृष्णात पवार, उद्धव बाळासाहेब ठाकरे पक्ष के उपजिल्हाप्रमुख श्री संभाजीराव भोकरे, करवीर तालुकाप्रमुख श्री राजू यादव, हिंदू एकता आंदोलन के शहरप्रमुख श्री गजानन तोडकर, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के श्री रामभाऊ मेथे, ‘शिवशाही फाउंडेशन’ के संस्थापक श्री सुनील सामंत, ‘मराठा तितुका मेळवावा’ के श्री योगेश केरकर, हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष श्री विकास जाधव, श्री नंदकुमार घोरपडे, महिला शहराध्यक्ष सौ. पूजा शिंदे, हिंदुत्वनिष्ठ श्री दिलीप दळवी, श्री शशी बीडकर, ‘नमो नमो’ के जिलाध्यक्ष श्री विक्रम जरग, भाजपा के एम.बी. देवणे, हिंदू जनजागृति समिति के सर्वश्री शिवानंद स्वामी, महेंद्र अहिरे, प्रीतम पवार, आसावरी एरंडे, साधना पट्टणशेट्टी सहित अन्य उपस्थित थे।

शाहूवाडी

हातकणंगले

शिरोळ

इचलकरंजी

बेंगलुरु: ‘कॉरपोरेट जिहाद’ के विरोध में फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन
बेंगलुरु, कर्नाटक – 19 अप्रैल को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति द्वारा एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में हिंदू जनजागृति समिति (HJS) तथा विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक भर में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कथित ‘कॉरपोरेट जिहाद’ और धार्मिक शोषण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

फ्रीडम पार्क में आयोजित इस आंदोलन में 300 से अधिक धर्मप्रेमी हिंदू उपस्थित थे। इसमें विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें श्री मोहन गौड़ा (राज्य प्रवक्ता, हिंदू जनजागृति समिति), श्रीमती भाव्या गौड़ा (HJS की रणरागिनी शाखा), सुंदरेश नरगल (श्री राम सेना), श्रीनिवास गुरुजी, विक्रम शेट्टी (राष्ट्रीय परिषद), श्रीमती ज्योति (दुर्गा वाहिनी) के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद (VHP), राष्ट्ररक्षणा पडे तथा अन्य हिंदू संगठनों के सदस्य शामिल थे।
इस संबंध में हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति और अन्य श्रद्धालु हिंदुओं के प्रतिनिधियों ने बेंगलुरु जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और गृह विभाग को एक ज्ञापन भी सौंपा।
सोलापूर

हिंदू जनजागृति समिति (HJS) ने सोलापुर में निवासी उपजिलाधिकारी अभिजीत पाटिल को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कथित ‘लव जिहाद’, धार्मिक आतंक की रणनीतियों और धर्मांतरण नेटवर्क की गहन जांच की मांग की गई, साथ ही इन गतिविधियों के पीछे देशव्यापी श्रृंखला का पर्दाफाश करने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर श्रीमती राजश्री देशमुख, कु. भुवनेश्वरी पाटिल, श्री यश मुगड्याल, रोहन गायकवाड़, स्वप्निल सांगा, प्रेम बडीवाले, दिनेश जामदार, विनोद रसाल, संदीप ढगे तथा अन्य उपस्थित थे।
नासिक
पुलिस आयुक्त के साथ-साथ निफाड़, येवला, पिंपलगांव बसवंत में जिला और पुलिस प्रशासन को दिए गए।

हिंजवडी (पुणे) में नासिक के ‘कॉर्पोरेट जिहाद’के विरोध में हिन्दू-राष्ट्र जागृति आंदोलन ।
नासिक के बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठान में हिन्दू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण, धर्मांतरण के लिए उन पर दबाव बनाना, नमाज पढने के लिए तथा गोमांस भक्षण करने के लिए विवश किया जाना जैसी जो घटनाएं सामने आई हैं, उसके पीछे की विषैली जिहादी मानसिकता एवं संगठित अपराधों को नाकाम किया जाना चाहिए । इसके पीछे जो ‘लव जिहाद’, ‘धार्मिक आतंक’ एवं ‘धर्मांतरण के रैकेट’ कार्यरत है, उसकी गहन जांच कर इसके पीछे की देशव्यापी शृंखला उजागर की जाए, इन मांगों के लिए हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से १७ अप्रैल को सायंकाल ५.३० बजे ‘हिंजवडी फेज १’ के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर हिन्दू राष्ट्र-जागृति आंदोलन किया गया ।

आंदोलन में की गई प्रमुख मांगें
१. नासिक के प्रस्तुत प्रतिष्ठान से ७ आरोपियों को बंदी बनाया गया है । नासिक में ७ आरोपी मिले हैं, तो अन्य शहरों में कितने होंगे ? उसीप्रकार से पुणे के एक प्रतिष्ठान में भी ऐसा एक प्रकरण चलने की चर्चा है, इसकी भी जांच हो ।
२. जिन प्रतिष्ठानों में हिन्दू महिलाओं के शील की रक्षा नहीं होती तथा जहां ‘धार्मिक आतंक’ फैलाया जाता है, ऐसे प्रतिष्ठानों की व्यावसायिक अनुज्ञप्ति समाप्त कर उन पर ताला लगाया जाए, साथ ही राज्य के सभी आईटी एवं बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठानों का ‘विशेष सुरक्षा एवं धार्मिक भेदभावविरोधी ऑडिट’ करने का सरकार आदेश दे ।
३. इस प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की भर्ती करते समय क्या किसी विशिष्ट समुदाय को अथवा उनकी विचारधारा को प्रधानता दी जाती है ? तथा क्या उसके माध्यम से हिन्दू महिलाओं को लक्ष्य बनाने की नीति चलाई जाती है ?, इसकी भी गहन जांच हो ।
नाशिक के पुलिस आयुक्त तथा निफाड़, येवला और पिंपलगांव बसवंत के जिला प्रशासन को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें धार्मिक आतंकवाद में संलिप्त संभावित राष्ट्रव्यापी उग्रवादी स्लीपर सेल नेटवर्क की गहन जांच की मांग की गई है। इस ज्ञापन के प्रस्तुतीकरण में अनेक युवा और समिति की महिला शाखा ‘रणरागिनी’ की महिलाओंओं ने सहभाग किया।



उक्त कंपनी में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। नासिक में 7 मिले हैं, तो अन्य शहरों में कितने होंगे? यह एक बड़ा ‘कॉर्पोरेट षड्यंत्र’ हो सकता है। जिन कंपनियों में हिंदू महिलाओं की अस्मत सुरक्षित नहीं है और जहाँ ‘धार्मिक आतंक’ पैदा किया जाता है, उन कंपनियों का व्यावसायिक लाइसेंस रद्द कर उन्हें सील कर दिया जाना चाहिए। साथ ही, सरकार को राज्य की सभी आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का तत्काल ‘विशेष सुरक्षा और धार्मिक भेदभाव विरोधी ऑडिट’ करने का आदेश देना चाहिए।
प्रभु श्री राम के चरणों से पावन हुई नासिक की भूमि पर यदि ‘कॉर्पोरेट’ के नाम पर हिंदू महिलाओं का शोषण होता है, तो हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा। यदि प्रशासन ने इन अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वाली व्यवस्था पर कठोर कार्रवाई नहीं की, तो हिंदू जनजागृति समिति समस्त हिंदू संगठनों के साथ मिलकर तीव्र जन-आंदोलन छेड़ेगी।
१२ अप्रैल
कॉर्पोरेट जिहाद : नासिक के TCS कंपनी में धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोपों की कहानी, निदा खान HR ने खेला घटिया खेल

नासिक : जो बात वर्क प्लेस पर एक शिकायत के तौर पर शुरू हुई थी, वह अब एक ऐसे मामले में बदल गई है जिस पर पूरे देश का ध्यान जा रहा है। यह मामला है नासिक का। केस भी कोई छोटी कंपनी नहीं, बल्कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ की BPO यूनिट का है। मामले में टीसीएस के कर्मचारियों के यौन शोषण और ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोशिशों का आरोप लगा है। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और राजनीतिक नेताओं की तरफ़ से भी कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मामला तूल पकड़ता जा रहा है। टीसीएस के बाहर सुबह से शाम तक प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है।
In Nashik (Maharashtra), a shocking case has emerged from the BPO of Tata Consultancy Services (TCS).
6 team leaders have been arrested. Allegations include:
• Sexual exploitation of junior girls and women
• Forcing a Hindu male employee to convert religion, offer namaz, and… pic.twitter.com/nPu0zDSLrC— ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳 (@AdvAshutoshBJP) April 10, 2026
यह मुद्दा कोई नया नहीं है। कुछ शिकायतें तो 2022 की हैं। हालांकि इस साल मार्च में मामला तब और बढ़ गया जब एक महिला ने अपने एक सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके उसके साथ संबंध रखने का आरोप लगाया। उस एक शिकायत के बाद तो शिकायतों का सिलसिला ही शुरू हो गया। और भी कर्मचारी सामने आए, FIRs की संख्या बढ़ गई, गिरफ्तारियां हुईं, और अब महाराष्ट्र पुलिसकी विशेष जांच दल (SIT) उन आरोपों की जांच कर रहा है जो कई सालों से कंपनी में चल रहा था।
Nashik Corporate Jihad Case: Even More Shocking Revelations as per reports
There were a total of -300 employees at TCS BPO Nashik.
Of these, 40 were Muslim.
They had a separate WhatsApp group where they decided how to target the next Hindu girl.
One girl was targeted by 3… pic.twitter.com/kn8TQ8Ro2L
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) April 12, 2026
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, अब तक मामले में 9 FIR दर्ज की गई हैं। और इस मामले के संबंध में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। आरोपियों में शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख शामिल हैं। उन्हें अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक की देखरेख में, इस मामले की जांच ACP क्राइम संदीप मितके के नेतृत्व वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपों में यौन अपराध और काम की जगह पर धार्मिक दबाव बनाने के दावे, दोनों शामिल हैं।
टीम लीड्स पर धमकाने और नौकरी से निकालने का आरोप
पुलिस ने बताया कि पहली FIR मार्च 2026 में खुफिया जानकारी मिलने के बाद दर्ज की गई थी, जिसके बाद और भी शिकायतें सामने आईं। पीड़ितों ने उत्पीड़न, दबाव और शिकायतों को नज़रअंदाज़ किए जाने के आरोप लगाए हैं। कई महिला कर्मचारियों और कम से कम एक पुरुष सहकर्मी ने नासिक शहर पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया है कि सीनियर कर्मचारियों, खासकर टीम लीड्स के एक समूह द्वारा उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।
जबरन नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन का दबाव
शिकायतकर्ताओं ने बार-बार गलत तरीके से छूने, अश्लील टिप्पणियां करने, छेड़छाड़ करने और कुछ मामलों में शादी के झूठे वादे करके शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ितों ने यह भी बताया कि उन पर धर्म परिवर्तन करने, नमाज पढ़ने और मुस्लिम धर्म के आयोजनों में शामिल होने का दबाव डाला गया। कुछ ने तो यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिशें की गईं।
एचआर हेड निदा खान की मिलीभगत का आरोप
एक अलग शिकायत में, एक पुरुष कर्मचारी ने दावा किया कि उसे उसकी मर्ज़ी के खिलाफ धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया। कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी सीनियर अधिकारियों और HR विभाग के सामने यह मुद्दा उठाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच के दौरान यह पता चला कि एचआर हेड निदा खान खुद इस खौफनाक साजिश में शामिल थी। उससे बार-बार शिकायतें की गईं लेकिन उसने कोई एक्शन नहीं लिया। निदा खान का बयान 10 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था।
WhatsApp ग्रुप और टारगेट करने के आरोपों की जांच
सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर WhatsApp ग्रुप बनाए थे, जिनमें कमज़ोर सहकर्मियों को टारगेट करने के बारे में चर्चा होती थी। जांचकर्ता अब उन आरोपों की जांच कर रहे हैं कि जूनियर कर्मचारियों, खासकर युवा हिंदू महिलाओं की पहचान करके, उन्हें प्रलोभन या निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके संपर्क किया गया। पुलिस ने इस मामले को कार्यस्थल के अंदर सक्रिय एक ग्रुप से जुड़ा बताया है, और कथित गतिविधियों की सीमा का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों ने ज़्यादा पीड़ितों से आगे आने की अपील भी की है और शिकायतों के लिए एक खास WhatsApp नंबर भी जारी किया है।
TCS ने कर्मचारियों को किया निलंबित
टीसीएस (Tata Consultancy Services) ने कहा कि उसने जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है। कंपनी ने दोहराया कि आगे की कार्रवाई चल रही जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।








