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HJS Impact : मुंबई लोकल में चल रहा धर्मांतरण का षड्यंत्र रोकने के लिए विशेष नियमावली तैयार करने का गृह राज्य मंत्री का आश्वासन

शीघ्र ही होगी पुलिस और रेलवे प्रशासन की संयुक्त बैठक

मुंबई – मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली उपनगरीय लोकल ट्रेनों में कथित रूप से ईसाई मिशनरियों द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण के प्रयासों तथा अंधविश्वास फैलाने वाले ढोंगी बाबाओं के विज्ञापनों पर स्थायी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार एक विशेष मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार करेगी। यह आश्वासन महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने हिन्दू जनजागृति समिति के प्रतिनिधिमंडल को दिया। उन्होंने बताया कि इस विषय पर शीघ्र ही मुंबई पुलिस आयुक्त और रेलवे प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।

लोकल ट्रेनें बनीं मिशनरियों और ढोंगी बाबाओं की गतिविधियों का माध्यम!

समिति के अनुसार, पनवेल–सीएसएमटी (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस) मार्ग की वातानुकूलित लोकल सहित अन्य ट्रेनों में ईसाई मिशनरियों द्वारा “क्या आपको जीवनरेखा चाहिए?” तथा “यीशु ही एकमात्र ईश्वर हैं” जैसे संदेशों वाले पर्चे बांटे जाते हैं। समिति का आरोप है कि इन माध्यमों से हिन्दू यात्रियों को प्रभावित कर उनका धर्मांतरण करने का प्रयास किया जा रहा है।

इसी प्रकार मध्य, पश्चिम और हार्बर रेलवे मार्गों की लोकल ट्रेनों में “केवल प्रार्थना से कैंसर जैसे गंभीर रोग ठीक हो सकते हैं”, “बंगाली बाबा”, “100 प्रतिशत वशीकरण” जैसे भ्रामक और अंधविश्वास फैलाने वाले विज्ञापन लगाए जाते हैं। समिति का कहना है कि इन विज्ञापनों के माध्यम से भोले-भाले यात्रियों की आर्थिक और मानसिक ठगी की जा रही है।

इन घटनाओं को गंभीर मानते हुए हिन्दू जनजागृति समिति ने पुलिस महानिदेशक तथा मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर मुख्य सूत्रधारों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी। साथ ही, 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई न होने पर व्यापक जनआंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

गृह राज्य मंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया

इसी संदर्भ में हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट, श्री सतीश सोनार तथा श्री रविंद्र नलावडे ने 25 जून को गृह राज्य मंत्री योगेश कदम से मुलाकात कर उन्हें इस विषय की जानकारी दी।

गृह राज्य मंत्री ने माना कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है और इसे स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित प्रशासन को तत्काल इस विषय का विस्तृत अध्ययन कर विशेष मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए।

हिन्दू जनजागृति समिति की प्रमुख मांगें

1. केवल औपचारिक कार्रवाई न कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए। इसके लिए रेलवे व्हाट्सएप हेल्पलाइन शुरू करे तथा सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की गश्त बढ़ाई जाए।

2. इन विज्ञापनों में दिए गए मोबाइल नंबरों और वेबसाइटों की साइबर पुलिस द्वारा जांच की जाए। ढोंगी बाबाओं, संबंधित संस्थाओं तथा ऐसे विज्ञापन छापने वाले मुद्रणालयों के विरुद्ध सीधे आपराधिक मामले दर्ज कर उनके लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त किए जाएं।

3. पिछले पांच वर्षों में रेलवे प्रशासन ने ऐसे अवैध एवं भ्रामक विज्ञापनों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की है, इसकी श्वेतपत्रिका (White Paper) जारी कर जनता के सामने रखी जाए।


मुंबई लोकल में धर्मांतरण के प्रयास का हिंदू जनजागृति समिति ने किया भंडाफोड, दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग

मुख्य सूत्रधारों पर प्रकरण दर्ज करें, अन्यथा जनआंदोलन करेंगे – हिंदू जनजागृति समिति की रेल प्रशासन को चेतावनी

लोकल में लगाए गए पोस्टर

मुंबई – लोकल ट्रेन में लगाए गए पोस्टरों के माध्यम से ईसाई धर्मप्रचारकों द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण के प्रयासों के विषय में हिंदू जनजागृति समिति ने सीधे राज्य के पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग और मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को विस्तृत निवेदन भेजा है। इसके पीछे के मुख्य सूत्रधारों पर तथा ऐसे विज्ञापन प्रकाशित करने वाले मुद्रणालयों पर तत्काल प्रकरण दर्ज किए जाएं, ऐसी जोरदार मांग हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट ने की है। यदि प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनआंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।

समिति ने अपने निवेदन में कहा है कि,

1. यात्रियों की भावनात्मक और मानसिक स्थिति का लाभ उठाकर रेल डिब्बों में धर्मांतरण का अत्यंत योजनाबद्ध जाल बिछाया जा रहा है। भावनात्मक शीर्षकों वाले पोस्टर डिब्बों में लगाकर निराश या संकटग्रस्त यात्रियों का वैचारिक रूप से भ्रमित किया जा रहा है।

2.इन विज्ञापनों में वेबसाइटों के पते देकर यात्रियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने की एक बड़ी साजिश उजागर हुई है। रेलवे जैसी सार्वजनिक संपत्ति का इस प्रकार खुला दुरुपयोग अत्यंत आक्रोशजनक है।

3.ईसाई धर्मप्रचारक फादर की ‘चंगाई सभाओं’ के पोस्टर लगाकर केवल प्रार्थना से कैंसर जैसे अनेक गंभीर रोग ठीक करने के अशास्त्रीय दावे किए जा रहे हैं।

4.‘100 प्रतिशत वशीकरण’ तथा ‘प्रेम संबंध ठीक करने वाले बंगाली बाबा’ जैसे फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से यात्रियों की आर्थिक लूट की जा रही है। जादूटोना विरोधी कानून के अनुसार ये गैर-जमानती अपराध हैं; फिर भी रेल प्रशासन केवल मूकदर्शक बना हुआ है।

5.यात्रियों को तत्काल शिकायत करने की सुविधा मिले, इसके लिए रेलवे को ‘व्हॉट्सऐप हेल्पलाइन’ प्रारंभ करनी चाहिए। साथ ही, साधारण वेश में विशेष दल नियुक्त कर ऐसे समाजकंटकों को रंगेहाथ पकड़ना चाहिए। इन विज्ञापनों में दिए गए मोबाइल नंबरों और वेबसाइटों की साइबर पुलिस द्वारा गहन जांच कर उनके पीछे कार्यरत संस्थाओं, फादरों और ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए जाएं। समाजविघातक विज्ञापन छापने वाले मुद्रणालयों का भी पता लगाकर उन पर प्रकरण दर्ज किए जाएं तथा उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएं।

6.पिछले 5 वर्षों में ऐसे अनधिकृत विज्ञापनों के विरुद्ध रेल प्रशासन ने वास्तव में क्या कार्रवाई की है, इसकी श्वेतपत्रिका सार्वजनिक की जाए।

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