श्री गणेश के चित्रवाले अंतर्वस्त्रों की बिक्री करने के विरूद्ध अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा याचिका

नई दिल्ली – अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने अंतरराष्ट्रीय संस्थान (कंपनी) ‘वॉलमार्ट’ एवं उसके भारतीय निदेशकों के विरुद्ध यहां के साकेत न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की है । उन्होंने आरोप लगाया है कि श्री गणेश का चित्र छपे हुए अंतर्वस्त्र (Undergarments), स्विमवियर (जलक्रीडा पोशाक), चप्पल एवं मोजे बेचकर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है ।
सनातन धर्म की रक्षा के लिए सदैव सक्रिय भूमिका निभाने वाली अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा १९६ एवं २९९ के अंतर्गत परिवाद प्रविष्ट किया है । ये धाराएं समाज में शत्रुता उत्पन्न करने तथा जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित हैं । १६ दिसंबर को इस प्रकरण में अंतिम विवाद (बहस) हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता मकरंद आडकर ने अमिता सचदेवा का पक्ष रखा । न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है ।
पुलिस द्वारा प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत करने में टाल-मटोल !
अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने बताया कि वॉलमार्ट द्वारा यह गलती दूसरी बार की गई है । केवल उत्पादों को हटाना पर्याप्त नहीं है । यदि कोई कानूनी परिणाम नहीं होंगे, तो ऐसी कंपनियां भारतीय कानूनों एवं हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को तुच्छ समझती रहेंगी । ६ दिसंबर २०२४ को साइबर शाखा में परिवाद एवं २० दिसंबर को दक्षिण दिल्ली के उपायुक्त (DCP) को ज्ञापन देने के उपरांत भी प्राथमिकी पंजीकृत नहीं की गई । इसी कारण अंततः न्यायालय में याचिका प्रविष्ट करनी पडी ।
6 दिसंबर
विरोध करें : ‘वॉलमार्ट’ पर अंतर्वस्र, चप्पल तथा अन्य वस्तुओं पर भगवान गणेशजी का चित्र लगाकर हो रही है बिक्री

वॉलमार्ट अमेरिका की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी होने के साथ साथ दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है इसके हाइपरमार्केट्स, डिस्काउंट डिपार्टमेंट स्टोर्स और ग्रॉसरी स्टोर की विश्व के कई देशों में चेन स्टोर हैं। 2018 में भारत में इसे फ्लिपकार्ट ने खरीदा ।
वॉलमार्ट अमेरिका ने अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर महिलाओं तथा बच्चों के अंतर्वस्र बिक्री के लिए रखे है, जिसपर भगवान गणेशजी का चित्र छपा हुआ है । इसके साथ ही पैरों के मोजे, चप्पल, पायजामा आदी वस्तुओं पर भी गणेशजी का चित्र छपा हुआ है। हिन्दू जनजागृति समिति को ये बात ध्यान में आनेपर समिति ने इस संदर्भ अपना विरोध ट्विटर से प्रकट किया और वॉलमार्ट को यह उत्पाद हटाने की मांग की है।
Depiction of Shri Ganesh, a highly revered Hindu deity, on underwear, boxers, socks, slippers etc. is deeply offensive & disrespectful to Hindus worldwide.
We strongly urge @Walmart to immediately withdraw Celestial Ganesh Blessings collection & issue a formal apology to Hindus. pic.twitter.com/yXHntWIN06
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) December 5, 2024
भारत भर से हुए विरोध का परिणामस्वरूप अभी तक वॉलमार्ट ने भगवान गणेशजी का चित्र होनेवाले महिलाओं तथा बच्चों के अंतर्वस्र हटाए है। किंतु गणेशजी का चित्र होनेवाले महिलाओं के स्वीमसूट, पैरों के मोजे, चप्पल, पायजामा, शॉर्ट्स ये वस्तुए अभी तक साइट पर उपलब्ध है।
हिन्दुओं के निवेदन है कि, अधिक से अधिक संख्या में इसका विरोध कर वॉलमार्ट को यह सभी उत्पाद हटाने के लिए बाध्य करें और धर्महानी राेकें ।
अनादर करनेवाले उत्पदों के लिंक्स:








