एस. टी. की मृतप्राय ‘हेल्पलाईन’ को पुनर्जीवित करने की सुराज्य अभियान की मांग ।

मुंबई – हिन्दू जनजागृति समिति के ‘सुराज्य अभियान’ द्वारा एसटी (राज्य परिवहन) डिपो की स्वच्छता के लिए राज्य भर में किए गए निरंतर प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने ‘हिन्दूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे स्वच्छ सुंदर बस स्थानक’ अभियान शुरू किया। अब बस स्टैण्ड की स्वच्छता नियमित रखने हेतु डिपो प्रबंधकों को हर 15 दिनों में स्टेशनों की ‘डीप क्लीनिंग’ करने के आदेश दिए गए हैं। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं; लेकिन बस स्टैण्ड का परिसर भले ही चमक रहा हो, यात्रियों के लिए ‘संपर्क व्यवस्था’ आज भी ‘मृत अवस्था’ में है। इसलिए सुराज्य अभियान ने मांग की है कि 15 दिनों में होने वाली ‘डीप क्लीनिंग’ मुहिम में केवल फर्श साफ न करें, बल्कि राज्य भर में बंद पड़ी संपर्क प्रणाली (हेल्पलाइन) को चालू कर उसे भी पुनर्जीवित करें।

एसटी प्रशासन ने हाल ही में स्वच्छता को लेकर सकारात्मक कदम उठाया है; परंतु ‘सुराज्य अभियान’ ने एक गंभीर विसंगति की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। कई बस स्टेशनों पर पूछताछ खिड़की के फोन उठाए नहीं जाते या वे बंद रहते हैं। यदि यात्रियों को बस के समय, बदलाव या शिकायतों के लिए संपर्क करना हो, तो उन्हें कोई प्रतिसाद नहीं मिलता। इन अनुत्तरित और बंद हेल्पलाइनों के बारे में यात्रियों की असंख्य शिकायतें हैं। सुराज्य अभियान ने इससे पहले ही मुंबई, पुणे, ठाणे, कोल्हापुर, सांगली सहित विभिन्न जिलों के आगार प्रबंधकों को ज्ञापन देकर इस दयनीय स्थिति की ओर ध्यान दिलाया था। इन प्रयासों के कारण मुख्यमंत्री सचिवालय (CMO) और एसटी प्रशासन ने 31 विभागों को तत्काल निर्देश दिए हैं, जो कि एक सकारात्मक पहलू है।
इस विषय पर अपनी भूमिका रखते हुए सुराज्य अभियान के महाराष्ट्र राज्य समन्वयक श्री. अभिषेक मुरकुटे ने कहा कि, “प्रशासन ने हमारे ज्ञापन का संज्ञान लेकर ‘स्वच्छ, सुंदर बस स्थानक’ अभियान शुरू किया, यह स्वागत योग्य है। हालांकि, सक्रिय हेल्पलाइन के बिना यह मुहिम अधूरी है। यदि यात्री एसटी से संपर्क ही नहीं कर पा रहे, तो उस सौंदर्यीकरण का क्या उपयोग? इसलिए हर 15 दिनों में होने वाली स्वच्छता मुहिम में ‘संपर्क यंत्रणा की जाँच’ को एक नियम ही बनाना चाहिए।”








