संशोधित प्रारूप निर्माण करने के लिए तैयार की गई समिति में राज्य के देवस्थानों के प्रतिनिधियों का विचार भी सम्मिलित किया गया है ।
‘देवस्थान भूमि संरक्षण कानून’ लागू कराने के लिए राज्य के साढ़े चार लाख मंदिरों को संगठित कर तीव्र आंदोलन खड़ा करना होगा।
पंढरपुर स्थित ‘स्वयंभू’ श्री विठ्ठल-रुक्मिणी की मूर्ति पर पुरातत्व विभाग द्वारा 23-24 जून को प्रस्तावित रासायनिक वज्रलेपन प्रक्रिया का वारकरी संप्रदाय और महाराष्ट्र मंदिर महासंघ…
श्री रमेश शिंदे ने आगे कहा, “मंदिर संस्कृति के महत्व को समझने के लिए हिंदुओं को नियमित रूप से मंदिरों में एकत्र होकर धर्मचर्चा करनी…
अमरावती एवं अकोल में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ द्वारा देवस्थान भूमि संरक्षण परिषद का आयोजन किया गया है।
सरकार ने देवस्थान इनाम निर्मूलन कानून को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं। इसलिए यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि अब यह कानून कभी लागू…
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के तत्वावधान में 13 जून को सिंधुदुर्ग जिले के झाराप स्थित आराध्या होटल में मंदिर न्यासियों की बैठक आयोजित की गई थी।
श्री विठ्ठल मूर्ति संरक्षण के लिए धर्मशास्त्र के अनुसार ही लेपन होना चाहिए – महाराष्ट्र मंदिर महासंघ
महाराष्ट्र के आराध्य देव, पंढरपुर के श्री विठ्ठल मूर्ति को घिसने से बचाने के लिए पुरातत्व विभाग द्वारा एक बार फिर रासायनिक लेपन या स्टोन…
राज्य के राजस्व मंत्री मा. चंद्रशेखर बावनकुळे ने आज नागपुर में ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन प्रारूप 2026’ इस प्रस्तावित कानून को स्थगित करने की महत्वपूर्ण…
इस विवादास्पद प्रस्तावित कानून का कड़ा विरोध करने और सरकार को समय रहते कदम उठाने की चेतावनी देने के लिए ‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ के तत्वावधान…
