Menu Close

सुराज्य अभियान के प्रयासों से ‘विंडसर’ प्रकरण विधान परिषद में गूंजा, श्रममंत्री ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

‘विंडसर’ प्रतिष्ठान की कथित अन्यायपूर्ण कार्यप्रणाली का विधान परिषद में गंभीर संज्ञान!

श्रममंत्री आकाश फुंडकर ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

प्रतिष्ठान ने 162 करोड़ रुपये में अपनी भूमि बेचकर भारी लाभ कमाया, लेकिन 99 में से 24 श्रमिकों की मृत्यु के बाद भी 24 करोड़ रुपये का बकाया नहीं मिला!

मुंबई – ठाणे स्थित विंडसर मशीन्स लिमिटेड के 99 श्रमिकों की पिछले 25 वर्षों से लंबित लगभग 24 करोड़ रुपये की बकाया राशि तथा उनके वैधानिक अधिकारों के भुगतान की प्रतीक्षा करते-करते 24 श्रमिकों की मृत्यु हो जाने का गंभीर मुद्दा भाजपा के विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जठार ने विधान परिषद में उठाया। उन्होंने ‘पॉइंट ऑफ इन्फॉर्मेशन’ के माध्यम से इन पीड़ित श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए सदन और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के श्रममंत्री अधिवक्ता आकाश फुंडकर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

हिन्दू जनजागृति समिति के ‘सुराज्य अभियान’ की ओर से 99 श्रमिकों के साथ हुए कथित अन्याय का विषय विधायक प्रमोद जठार, श्रममंत्री तथा श्रम सचिव के समक्ष रखा गया था।

विधायक प्रमोद जठार ने सदन में रखे प्रमुख तथ्य

1. वर्ष 2000 से 2026 तक के 25 वर्षों में प्रतिष्ठान ने 99 श्रमिकों को वेतन, ग्रेच्युटी, बोनस सहित कुल 9 प्रकार के वैधानिक भुगतानों से वंचित रखा। प्रतिष्ठान ने ठाणे स्थित अपनी संपत्ति 162 करोड़ रुपये में बेचकर भारी लाभ अर्जित किया, लेकिन जिन श्रमिकों के परिश्रम से प्रतिष्ठान खड़ा हुआ, उन वृद्ध और बीमार श्रमिकों को केवल 4.5 करोड़ रुपये की नाममात्र राशि देकर मामला समाप्त करने का प्रयास किया गया।

2. प्रतिष्ठान ने श्रमिकों के 7 करोड़ 41 लाख रुपये कथित रूप से अवैध तरीके से ‘राइट-ऑफ’ कर दिए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। अपने बकाया की प्रतीक्षा करते-करते 24 श्रमिकों की मृत्यु हो गई, जबकि शेष श्रमिक भी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

विधायक प्रमोद जठार की प्रमुख मांगें

1. श्रमिकों के 24 करोड़ रुपये के संपूर्ण बकाया का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करे।

2. मामले की गंभीरता को देखते हुए विधान परिषद के उपसभापति के नेतृत्व में श्रमिक प्रतिनिधियों, श्रममंत्री, श्रम आयुक्त तथा प्रतिष्ठान प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक शीघ्र आयोजित की जाए।

3. प्रतिष्ठान द्वारा किए गए कथित पीएफ घोटाले तथा अन्य वित्तीय अनियमितताओं की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से विस्तृत जांच कराई जाए।

विधायक प्रमोद जठार द्वारा यह विषय उठाए जाने के बाद पीठासीन अधिकारी संजय खोडके ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए श्रममंत्री से सरकार का पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए। इस पर श्रममंत्री आकाश फुंडकर ने कहा कि “सरकार ने इस मामले का गंभीर संज्ञान लिया है।”

चर्चा के बाद विधायक प्रमोद जठार ने पीड़ित श्रमिकों का ज्ञापन श्रममंत्री को सौंपा। अब श्रमिकों और उनके परिवारों की निगाह इस बात पर है कि सरकार के आश्वासन के बाद जीवित बचे श्रमिकों को समय रहते न्याय मिल पाएगा या नहीं।

Latest News