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पुणे : महात्मा फुले वाडे के सामने स्थित वटवृक्ष की पूजा पर प्रतिबंध लगाने वाला निर्णय वापस लें – हिन्दू जनजागृति समिति

समिति की ज्ञापन के माध्यम से मांग

पुरातत्व विभाग के हेमंत गोसावी को ज्ञापन सौंपते हुए कु. क्रांति पेटकर एवं अन्य मान्यवर

पुणे – गंज पेठ स्थित ऐतिहासिक महात्मा फुले वाड़ा स्मारक के सामने स्थित वटवृक्ष की पूजा पर पुरातत्व विभाग द्वारा लगाया गया प्रतिबंध हिन्दू महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के अंतर्गत प्राप्त धार्मिक आचरण के मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। इसलिए यह प्रतिबंध बिना किसी शर्त के तत्काल वापस लिया जाए तथा 29 जून को महिलाओं को वटवृक्ष पूजन की विधिवत अनुमति देकर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। इन मांगों का ज्ञापन हिन्दू जनजागृति समिति, हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति, सुराज्य अभियान और रणरागिणी शाखा के प्रतिनिधिमंडल द्वारा पुरातत्व विभाग तथा महापालिका आयुक्त कार्यालय को सौंपा गया।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के श्री सचिन घुले, रणरागिणी शाखा की कु. क्रांति पेटकर, सुराज्य अभियान के श्री सुरेंद्र महाजन, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री कृष्णाजी पाटील तथा अन्य संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पुरातत्व विभाग के श्री हेमंत गोसावी ने बताया कि इस विषय पर दोनों पक्षों की संस्थाओं के ज्ञापन प्राप्त हुए हैं। उनमें प्रस्तुत बिंदुओं को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इस विषय पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों पक्षों के विचारों का विस्तृत अध्ययन कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

प्रशासन का हिन्दू-विरोधी दोहरा रवैया !

राज्य के किलों एवं दुर्गों पर बने अवैध मजारों और अनधिकृत निर्माणों को हटाने के विषय में पुरातत्व विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है, जबकि हिन्दुओं की सैकड़ों वर्षों पुरानी शांतिपूर्ण परंपरा का विरोध करने के लिए असाधारण तत्परता दिखाई जा रही है।

यदि प्रशासन वटपूजन की परंपरा को रोककर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, तो सभी श्रद्धालुओं और हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को साथ लेकर राज्यव्यापी तीव्र आंदोलन चलाया जाएगा, ऐसी चेतावनी समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयोजक श्री सुनील घनवट ने दी है।

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