हस्तांदोलन टालना पर्याप्त नहीं; भारत-पाक क्रिकेट मैच रद्द करो! – हिंदू जनजागृति समिति की देशभर में आंदोलनों के माध्यम से मांग

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 15 फरवरी 2026 से श्रीलंका के कोलंबो में शुरू होने वाले ‘आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप’ में भारत के विरुद्ध खेलने की तैयारी भले ही दिखाई हो, किंतु भारत सरकार को इस प्रस्ताव के झांसे में नहीं आना चाहिए। “जब तक सीमा पार से आतंकवाद नहीं रुकता, तब तक पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं रखे जाएंगे,” यह भारत की ठाम नीति होनी चाहिए। क्रिकेट के मैदान पर केवल हाथ मिलाना (हस्तांदोलन) टालकर पाकिस्तान का विरोध करना पर्याप्त नहीं है। क्रिकेट ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखा जाना चाहिए। ‘खून के दाग क्रिकेट की जर्सी से नहीं छिपाए जा सकते,’ ऐसी कठोर भूमिका भारत सरकार अपनाए, यह मांग हिंदू जनजागृति समिति ने विभिन्न स्थानों पर किए गए आंदोलनों के माध्यम से की है।

इस संदर्भ में समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने कहा कि भारत ने ‘सिंधु जल समझौते’ के समय “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते,” ऐसी कठोर भूमिका अपनाई थी। वही भूमिका अब क्रिकेट के संदर्भ में भी अपनानी चाहिए। जब सीमा पर हमारे जवान अपना रक्त बहा रहे हों और देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसा गंभीर अभियान चल रहा हो, तब पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना हमारे जवानों और राष्ट्रप्रेमी जनता का घोर अपमान है।
पाकिस्तानी खिलाड़ी केवल खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि वे अक्सर भारत विरोधी एजेंडा चलाते दिखाई देते हैं। शाहिद अफरीदी और जावेद मियांदाद अक्सर कश्मीर पर जहर उगलते हैं, तो शोएब अख्तर ने खुले तौर पर ‘गजवा-ए-हिंद’ का समर्थन किया था। ऐसी मानसिकता वाले खिलाड़ियों के साथ भारत क्यों खेले?
Is refusing a handshake before the match enough to wash away blood on our soil? 🤝❌
Will that alone honor the lives lost in Pulwama, Pahalgam, and countless attacks on our jawans and civilians?
Symbolic gestures aren’t justice.
No Cricket With Terror Country!!!… pic.twitter.com/JZtBfIrHLd
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) February 13, 2026
श्री. शिंदे ने आगे कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की पृष्ठभूमि में, बीसीसीआई (BCCI) ने हाल ही में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को ‘कोलकाता नाइट राइडर्स’ (KKR) टीम से बाहर करने के लिए बाध्य किया था। वही कठोर भूमिका अब पाकिस्तान के साथ अपनानी चाहिए। खेल और आतंकवाद हाथ में हाथ डालकर नहीं चल सकते। भारत सरकार को यह स्पष्ट शब्दों में बताना चाहिए।
पुणे में राजाराम पुल, सिंहगढ़ रोड पर आयोजित आंदोलन में सनदी लेखापाल (CA) और अधिवक्ता सर्वेश मेहेंदळे, राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति की अधिवक्ता मुग्धा बिवलकर, भाजपा महिला मोर्चा की महासचिव उज्ज्वला गौड, हिंदू जनजागृति समिति के श्री. पराग गोखले और हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के पुणे जिला संयोजक श्री. सचिन घुले आदि मान्यवर उपस्थित थे। इसी प्रकार, अहिल्यानगर के दिल्ली गेट पर भी निषेध आंदोलन किया गया। इसके अलावा, सातारा, कोल्हापुर और राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भारत-पाक क्रिकेट मैच रद्द करने की जोरदार मांग समिति और अन्य हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने की।
महाराष्ट्र
नागपुर में जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रस्तुति

सातारा, कोल्हापुर और राज्यभर में जिलाधिकारियों को ज्ञापन — भारत–पाक क्रिकेट मैच रद्द करने की जोरदार माँग
🚩When soldiers shed blood on borders,
playing cricket with Pakistan is an insult. #Boycott_INDvsPAK #INDvsPAK
🛑No Cricket With Terror CountryAt the Satara District Collector’s Office, all Hindutva organizations jointly submitted a memorandum regarding this issue.@Gajjusay… pic.twitter.com/ugIaBtHUDq
— Sunil Ghanwat 🛕🛕 (@SG_HJS) February 13, 2026
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी और सैदपुर में विभिन्न हिंदू समर्थक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा गया।
No Cricket With Terror Country
A memorandum was given to @deo_varanasi @LucknowDM & SDM Saidpur to cancel match between INDIA & PAK by @HinduJagrutiOrg
This is the time to send a clear message — India’s self-respect is not for sale.
🇮🇳 Jai Hind#Boycott_INDvsPAK #INDvsPAK pic.twitter.com/dCIE1aK6YG
— Vishwanath Kulkarni (@vishwanathkul) February 13, 2026








