
NEET और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों में जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रमों ने कई गंभीर प्रश्न खडे कर दिए हैं। बाहर तक पहुंच रखने वाला इकोसिस्टम कितना मजबूत है, यह नीचे दी गई घटनाओं को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रश्न किसी व्यक्ति का नहीं, अपितु उस नैरेटिव और नेटवर्क का है जो उसे लगातार ताक़त देता है।
आंदोलन के दौरान राजनीतिक नारे, विभिन्न वैचारिक समूहों की भागीदारी, कुछ विवादित भाषण, पुलिस और पत्रकारों के साथ टकराव, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार को लेकर दिल्ली पुलिस के दावे तथा विदेशी फंडिंग यह सभी बातें देश के लिए एक गंभीर समस्या है।

उमर खालिद से शरजील इमाम तक के लोगों का जंतर-मंतर पर Gen Z ने किया समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर पर चल रहे धरने में प्रदर्शनकारियों में छात्रों ने आजादी के नारे लगाए। “हम क्या चाहते आजादी, BJP से आजादी, हमारा नारा आजादी, मोदी सुनले आजादी, BJP सुनले आजादी, तुम जेल में डालो आजादी, हम लेके रहेंगे आजादी’’।
Aazadi Gang Entered Jantar Mantar😡
Question is kis cheez se?
Aaj bhi wahi slogans, wahi drama wahi pattern😡
Every time the so-called “Aazadi Gang” join protest, the same pattern follows…raising provocative slogans, littering public places, and disrupting national security. pic.twitter.com/mrEoO4o2IV
— Rahul (@Rahulk123d) July 20, 2026
इस प्रकार के भडकाऊ नारे छात्रों ने लगाए। अब आप सोचिए कि, इसका पेपर लीक से क्या लेना देना ?
इस प्रदर्शन में SIMI के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद कासिम रसूल इलियास ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। यह नाम आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े पन्नों को खोलता है। इलियास के धरनास्थल पर पहुंचते ही बात साफ हो गई है कि CJP का मंच छात्रों के लिए नहीं, बल्कि ‘एंटी-इंडिया गैंग’ के लिए नया सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। सैयद इलियास देशद्रोह का आरोप होनेवाले टुकडे गैंग के सदस्य उमर खालिद के पिता है।
He is Syed Qasim Rasool Ilyas.
• He is the father of Umar Khalid.
• He has reached the CJP protest site at Jantar Mantar.
• He was a founding member of SIMI.
• He served as the National President of SIMI.
• SIMI was declared a terrorist organisation by the Congress… pic.twitter.com/0xMJu0soTl
— Facts (@BefittingFacts) July 9, 2026
इस प्रदर्शन में सिमी के संस्थापक से लेकर उमर खालिद, शरजील समर्थक सभी सम्मिलित हुए। ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ वाली पूरी ढपली गैंग, लेफ्ट लिबरल गैंग इनमें शामिल है।
At the Jantar Mantar protests against NEET paper leaks, a protester holds @UmarKhalidJNU ‘s book, “Fractured Communities” & talks about why young people protesting against the injustices of this regime must continue to remember political prisoners like Umar.
VC – krantikhana pic.twitter.com/sB2VfaCaTx— StandWithUmarKhalid (@StandWithUmar) July 24, 2026
हिंदू देवताओं का अपमान और ‘हेट स्पीच’
छात्र आंदोलन के मंच से खुलेआम सनातन धर्म का अपमान और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बातें भी सामने आई है।
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मंच से ‘‘ये सरकार सालो सें सीता के पति (राम) का नाम लेकर नीता के पति (मुकेश अंबानी) का काम कर रही है’’ जैसी आपत्तीजनक एवं अपमानजनक टिप्पणी कर 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था पर चोट की है।
Hindu Gods mocked at CJP stage!
Kunal Kamra mocks Prabhu Shri Ram and Maa Sita, says
“Sita ke pati ka naam le lekar
Nita ke pati ka kaam kar rahe hai…” pic.twitter.com/b5b98Q3NEY— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) July 15, 2026
मंच से एक महिला द्वारा ‘‘सब बुत (मूर्ति) उठवाए जाएंगे।।। बस नाम रहेगा अल्लाह का’’ गीत गाया गया, जो सीधे तौर पर सनातन धर्म की मूर्तिपूजा को खत्म करने की एक भड़काऊ व हिंसक घोषणा है।
🚨 CJP के प्रोटेस्ट पर “हम देखेंगे” गाना क्यों गा रहे हैं?
महिला गा रही है – “बस नाम रहेगा अल्लाह का…”
फिर खुद ही कहती है – “ये लाइन राइट विंग को ट्रिगर करती है!”ये गाना पाकिस्तानी कवि ने जनरल जिया-उल-हक (मिलिट्री डिक्टेटर) के खिलाफ लिखा था।
भारत में कहाँ है डिक्टेटरशिप?… pic.twitter.com/e5yflZUgHQ
— Manoj Singh (@PracticalSpy) July 8, 2026
प्रेमानंद महाराज पर भी टिप्पणी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता विजेता दाहिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह प्रेमानंद महाराज और ‘मनुवादियों’ पर भड़कते नजर आ रहे हैं। अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में दहिया ने कहा कि, ‘मनुवादियों तुम आतंकी हो’। वीडियो में बोलते-बोलते दहिया अचानक प्रेमानंद महाराज का जिक्र आने पर और ज्यादा उग्र हो जाते हैं। वह भड़कते हुए कहते हैं, ‘प्रेमानंद की जहां तक बात है, वो मेरे लिए कोई महाराज नहीं हैं।’ दहिया ने आरोप लगाया कि प्रेमानंद ने आसाराम की तुलना भगवान राम और कृष्ण से की थी, जो कि पूरी तरह से गलत था।
प्रेमानंद महाराज को अपशब्द, कॉकरोच प्रवक्ता बेनकाब |
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता विजेता दहिया ने वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज को लेकर अशोभनीय टिप्पणियां की हैं, जिसकी चौतरफा निंदा हो रही है।#vijetadahiya #premanandmaharaj #cockroachjantaparty @VijetaDahiya pic.twitter.com/fMkCzkc0OU
— ACN Bharat (@acnbharat) July 21, 2026
अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग
वहीं जम्मू-कश्मीर के जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग की।
🚨 चौंकाने वाला!
जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के मंच से जम्मू-कश्मीर के एक सांसद ने अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग की।
जो आंदोलन NEET पेपर लीक के विरोध के नाम पर शुरू हुआ था, अब उसके मंच से अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग उठ रही है।
अब इनका एजेंडा साफ़ है ये देश में नीट के… pic।twitter।com/dGiNXcaBFB
— ocean jain (@ocjain4) July 19, 2026
भारतीय सेना को कहे गए अपशब्द
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक युवक द्वारा भारतीय सेना और पुलिस के खिलाफ अत्यधिक आपत्तिजनक और अपशब्दों का प्रयोग करने का मामला सामने आया।
Cockroach supporters are showing their true colours. After backing Umar Khalid, they are now abusing the Indian Army. Their so-called student movement stands completely exposed. pic.twitter.com/UCg7Hzdfbj
— Tajinder Bagga (@TajinderBagga) July 21, 2026
480 पाकिस्तानी हैंडल सक्रिय
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि दिल्ली पुलिस के अनुसार इस आंदोलन के दौरान 480 से अधिक पाकिस्तान-आधारित सोशल मीडिया हैंडल समन्वित तरीके से अफवाहें, फर्जी पोस्ट और भ्रामक वीडियो फैलाते पाए गए, जिन्हें बाद में ब्लॉक किया गया। पुलिस का कहना है कि यही हैंडल पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी सक्रिय थे और इनका उद्देश्य विशेष रूप से छात्रों को भड़काना तथा भ्रम फैलाना था। यह एक गंभीर चेतावनी है कि जब किसी छात्र आंदोलन को विदेशी दुष्प्रचार तंत्र निशाना बनाने लगे, तब विद्यार्थियों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
From @DelhiPolice
480 Pakistani social media handles involved in coordinated misinformation campaigns were identified & blocked.Apeal to students to be wary of foreign accounts spreading rumours & misinfo #CJP@AdamyaBharatiya #CounterMisinfo
Jai Hindpic.twitter.com/xm61NucJAn— Adamya Bharatiya (@adamyabharatiya) July 24, 2026
विरोध प्रदर्शन के लिए विदेश से फंडिंग का आरोप
इन प्रदर्शनों में अब विदेशी कनेक्शन सामने आया है। सरकार के खिलाफ चल रहे इस प्रदर्शन में बांग्लादेश, कतर, नेपाल जैसे देशों की सद्भावना जाग उठी है। वीडियोज सामने आ रहे हैं कि इन देशों से अनजान व्यक्ति जंतर-मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों के लिए फूड डिलीवरी ऐप से महंगा खाना भेज रहे हैं। वहीं नेपाल के युवा लगातार वीडियो बनाकर भारत के युवाओं को ‘नेपाल जैसा कारनामा’ करने के लिए भड़का रहे हैं।
IANS के एक वीडियो में डिलीवरी पार्टनर बता रहा है कि कतर से खाना ऑर्डर किया गया है। उन्होंने कहा, “कतर से किसी ने बोला है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को लेकर जाकर खाना दे दो। उन्होंने फोन भी किया था।” डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि दिनभर में ऐसे कई ऑर्डर आते हैं।
Food being ordered and paid from Qatar, delivered through apps to Jantar Mantar protesters।
Connect the dots। pic।twitter।com/Pteavbso6V— Abhijit Majumder (@abhijitmajumder) July 22, 2026
ऐसे ही एक और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रिपोर्टर बता रहा है कि रात के 11 बजे जंतर-मंतर पर बांग्लादेश से खाना भेजा गया है। उसने यह भी बताया कि यह खाना स्विगी और जोमौटो जैसे फूड डिलीवरी ऐप से प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा गया है।
How can @Swiggy get orders from Bangladesh?
Is that possible? pic।twitter।com/JkOz8DL3il
— Kreately।in (@KreatelyMedia) July 22, 2026
CJP के ‘संसद चलो’ प्रदर्शन में हिंसक भीड ने पत्रकारों को चुन-चुनकर बनाया निशाना, महिला रिपोर्टरों से की बदसलूकी
जंतर-मंतर पर 20 जुलाई 2026 के ‘संसद चलो’ प्रदर्शन दौरान उपद्रवियों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि ग्राउंड जीरों पर सच दिखाने पहुंचे पत्रकारों को चुन-चुनकर निशाना भी बनाया।
कथित ‘प्रदर्शनकारियों’ में शायद इस बात का डर था कि जमीन पर मौजूद मीडियाकर्मी उनकी हकीकत देश के सामने ले आएंगे, इसलिए अपनी विचारधारा से अलग सवाल पूछने या तथ्यों पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को चुन-चुनकर निशाना बना लिया गया।
Times Now के देव कोटक की शर्ट फाड़ी, चश्मा तोडकर चेहरे पर मारा
टाइम्स नाऊ के रिपोर्टर देव कोटक पर हुआ हमला इस हिंसक भीड़ की क्रूरता को बयां करता है। अभिजीत दीपके का इंटरव्यू लेने जंतर-मंतर पहुंचे देव पर ‘गोदी मीडिया हाय-हाय’ के नारों के बीच अचानक चारों तरफ से लात-घूँसे, मुक्के और बोतलें बरसाई गईं। धक्का देकर उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया, उनकी शर्ट फाड़ दी गई और घड़ी व मोबाइल छीन लिया गया। जब देव ने चिल्लाकर कहा कि चश्मे को न छुआ जाए, उन्हें उसके बिना धुंधला दिखता है, तो उपद्रवियों ने उनका चश्मा छीनकर तोड़ दिया और उसी टूटे चश्मे से उनके मुँह पर वार किया।
Dev Kotak, a reporter with Times now, was attacked by a mob of protesters at Jantar Mantar in New Delhi। This is absolutely disgraceful। You can request a reporter to leave the spot if you don’t want him/her around but resorting to violence is absolutely unjustified। pic।twitter।com/wCsTEswJ8t
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 21, 2026
एबीपी न्यूज के वरुण भसीन और मीडिया गाड़ियों पर पथराव
अनुराग और देव की तरह ही एबीपी न्यूज के रिपोर्टर वरुण भसीन के साथ भी बदसलूकी हुई। रिपोर्टिंग के दौरान प्रदर्शनकारियों के झुंड ने घेरकर नारेबाजी की। वरुण ने अपनी आपबीती में बताया कि आंदोलन में शामिल युवा पूरी तरह हिंसक हो चुके थे। वे न केवल पत्रकारों को डरा रहे थे, बल्कि मीडिया की गाड़ियों पर पथराव कर रहे थे और कैमरे तोड़ने की फिराक में थे। सामने आई वीडियो में भीड़ को उनका पीछा करते हुए, उनपर स्प्रे मारते हुए देखा जा सकता है।
When ‘godi media showed up, the people showed it the way out pic।twitter।com/11LnDluyl8
— Indians (@voicesindians) July 21, 2026
पुलिसकर्मियों के साथ बर्बरता
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में पुलिसकर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों द्वारा बर्बरता किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं जिसमें पुलिसकर्मियों को इन प्रदर्शनकारियों द्वारा लाठी-डंडों से पीटा जा रहा है। आज तक की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया, मिर्ची स्प्रे फेंका गया, पथराव हुआ और जवानों के साथ मारपीट-लूटपाट तक की गई है।
जंतर-मंतर हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों ने सुनाई आपबीती: ‘हम पर ईंट-पत्थरों से हमला हुआ, हमे आटे की तरह गूँध दिया, भीड़ ने घेरकर पीटा’ pic.twitter.com/EmLXyBtvvo
— Royal Bulletin (@RoyalBulletin) July 23, 2026
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के ACP विजय सिंह ने बताया कि, प्रदर्शनकारियों ने उन पर और उनकी टीम पर मिर्ची स्प्रे किया था। वहीं, एक पुलिसकर्मी को भीड़ ने घेरा और उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। यहां तक कि जव वह जवान गिर गया तो भी प्रदर्शनकारी उसे चारों तरफ से घेरकर मारते रहे।
एक इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने बताया कि, प्रदर्शनकारी उन्हें वर्दी में देख उग्र हो गए और उनकी करीब 2 तोले की सोने की चेन छीन ली गई और उनके सिर पर भी चोट लगी। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी लाठी-डंडे लेकर आए थे और पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे थे।
वहीं, प्रदर्शन वाली शाम जंतर-मंतर पर ड्यूटी के दौरान पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश पथराव में घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि पत्थर सीधे उनके माथे पर लगा था।
देश के युवाओं को स्वकेंद्रित होने की आवश्यकता
शाहीन बाग से लेकर लाल किले पर हिंसा वाले किसान आंदोलन और अब जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से जारी यह प्रदर्शन सब एक ही सिक्के के पहलू हैं। जब-जब देश में मोदी सरकार के खिलाफ जनता का जनादेश नहीं मिलता, तब-तब ये हताश ताकतें सड़कों पर अराजकता का माहौल बनाकर देश को बंधक बनाने की रणनीति अपनाती हैं।
निजी स्वार्थों से प्रेरित राजनीतिक दल अपनी चमक खो चुकी राजनीति को चमकाने के लिए मासूम छात्रों को मानवी ढाल बना रहे हैं। देश का युवा यदि आज भी यह नहीं समझ पाया कि परीक्षा सुधार के नाम पर उसके कंधों का उपयोग खालिस्तानी समर्थकों, विदेशी फंडिंग एजेंसियों और मोदी-विरोधी नेताओं द्वारा देश विरोधी मंसूबों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
देश के युवाओं को किसी भी आंदोलन का हिस्सा बनने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए, विभिन्न पक्षों को समझना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी आवाज़ का उपयोग केवल उनके वास्तविक हितों के लिए हो।
देश के छात्रों को इस राजनीतिक टूलकिट से खुद को तुरंत अलग कर लेना चाहिए ताकि उनका भविष्य, उनकी मेहनत और देश की सुरक्षा तीनों सुरक्षित रह सकें।
भारत का युवा केवल देश का भविष्य नहीं, अपितु उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
किसी भी आंदोलन में शामिल होने से पहले प्रत्येक छात्र स्वयं से तीन प्रश्न अवश्य पूछे –
- क्या यह आंदोलन वास्तव में मेरे भविष्य के लिए है?
- क्या इसका केंद्र अब भी शिक्षा सुधार है?
- क्या मैं तथ्यों के आधार पर निर्णय ले रहा हूं, या केवल भावनाओं और सोशल मीडिया के प्रभाव में?
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन उतना ही महत्वपूर्ण है कि विद्यार्थी किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या राजनीतिक ध्रुवीकरण से स्वयं को दूर रखें। देश को ऐसे जागरूक युवाओं की आवश्यकता है जो प्रश्न भी पूछें, तथ्यों की जांच भी करें और अपने विवेक से निर्णय लें। यही सच्चे विद्यार्थी और जिम्मेदार नागरिक की पहचान है।








