‘औरंगाबाद’, ‘अहमदनगर’ हटाकर ‘छत्रपति संभाजीनगर’, ‘अहिल्यानगर’ लिखने का आदेश!

मुंबई : राज्य सरकार ने अपने गौरवशाली इतिहास को संजोने के लिए कई शहरों के पुराने और विदेशी नाम बदलकर उन्हें नए आधिकारिक नाम दिए हैं। इनमें ‘औरंगाबाद’ का ‘छत्रपति संभाजीनगर’, ‘अहमदनगर’ का ‘अहिल्यानगर’, ‘उस्मानाबाद’ का ‘धाराशिव’, साथ ही ‘इस्लामपुर’ का ‘ईश्वरपुर’ और ‘वेल्हे’ का ‘राजगढ़’ नामकरण किया गया है। हालाँकि, राजमार्गों पर लगे दिशा-सूचक साइनबोर्ड पर अभी भी औरंगाबाद, अहमदनगर, उस्मानाबाद जैसे पुराने और विदेशी नाम धड़ल्ले से दिखाई दे रहे हैं।

इन पुराने नामों को तुरंत हटाकर उनकी जगह सरकार द्वारा स्वीकृत नए नाम लिखे जाएं, इस मांग को लेकर हिंदू जनजागृति समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोक निर्माण मंत्री श्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मंत्री महोदय ने कहा, “ये नाम बदले ही जाने चाहिए, इसमें तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।” साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि वे आज ही लोक निर्माण विभाग के सचिव को इस संबंध में आदेश देकर कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। यह जानकारी हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट ने दी है। इसी तरह के आदेश लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री इंद्रनील नाइक ने भी दिए हैं।
सरकारी आदेश का अपमान और अधिकारियों की कर्तव्य में लापरवाही
राज्य सरकार ने विधिवत सरकारी निर्णय (GR) और राजपत्र (Gazette) प्रकाशित कर इन नए नामों को कानूनी मान्यता दी है। एक बार राजपत्र जारी कर नाम में बदलाव करने के बाद, सभी सरकारी रिकॉर्ड और सार्वजनिक बोर्डों पर नए नामों का उपयोग करना प्रशासन के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। ऐसा होने के बावजूद पुराने नामों वाले साइनबोर्ड वैसे ही रखना, एक तरह से आधिकारिक सरकारी निर्णय का प्रशासनिक अपमान है। दिशा-निर्देशों और निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली के अनुसार दिशा-सूचक बोर्डों का अपडेट न होना यात्रियों को गुमराह करना है, और राजपत्रित आदेश का पालन न करना संबंधित अधिकारियों की सीधी ‘कर्तव्य में लापरवाही’ साबित होती है; यह समिति ने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा है।
तत्काल परिपत्र जारी करने की मांग
दिशा-सूचक बोर्डों पर नामों का यह विषय केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र राज्य पर लागू होता है। इसलिए लोक निर्माण विभाग (PWD), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क विकास निगम (MSRDC) को पुराने साइनबोर्ड हटाकर नए नाम अपडेट करने के संबंध में तत्काल ‘परिपत्र’ (Circular) जारी करना चाहिए, ऐसी पुरजोर मांग समिति ने की है। इस अवसर पर ज्ञापन सौंपते समय समिति के मुंबई से श्री सतीश सोनार और श्री रवींद्र नलावडे मुख्य रूप से उपस्थित थे।
26 जून
महामार्गों पर ‘अहिल्यानगर’ और ‘छत्रपति संभाजीनगर’ नाम वाले संकेतक बोर्ड तत्काल लगाए : हिंदू जनजागृति समिति की मांग

अहिल्यानगर – ‘अहमदनगर’ का नाम बदलकर ‘अहिल्यानगर’ तथा ‘औरंगाबाद’ का नाम बदलकर ‘छत्रपति संभाजीनगर’ किए हुए काफी समय बीत चुका है। इसके बावजूद विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य महामार्गों पर लगे दिशा-सूचक एवं दूरी दर्शाने वाले संकेतक बोर्डों पर अभी भी पुराने नाम ही प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है तथा शासन के आधिकारिक निर्णय का प्रभावी क्रियान्वयन होता हुआ दिखाई नहीं देता।

इसी संदर्भ में हिंदू जनजागृति समिति ने मांग की है कि अहिल्यानगर और छत्रपति संभाजीनगर की ओर जाने वाले सभी राष्ट्रीय एवं राज्य महामार्गों पर लगे दिशा-सूचक एवं दूरी दर्शाने वाले बोर्डों के साथ-साथ शहर की सीमा में स्थित पुराने संकेतक बोर्डों को तत्काल बदलकर नए नामों वाले बोर्ड लगाए जाएं।
इस संबंध में निवासी जिलाधिकारी दादासाहेब गीते को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन आगामी 7 दिनों के भीतर इस विषय में कार्यवाही प्रारंभ नहीं करता, तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। दादासाहेब गीते ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इस विषय पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति के रामेश्वर भुकन, जिला हिंदू संघटक बापू ठाणगे, हिंदुत्वनिष्ठ संजय जोशी, दिगंबर गेंट्याल, चैतन्य शेकडे तथा विभिन्न हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।








