
28 अप्रैल 2026 (मंगलवार) को शाम 6:00 बजे से 8:00 बजे तक बेंगलुरु के डोमलूर स्थित बैंगलोर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित “Umar Khalid and His World” नामक कार्यक्रम होने जा रहा है। इसका हिंदू जनजागृति समिति कडा विरोध करती हैं। यह कार्यक्रम AILAJ और PUCL द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस संदर्भ में समिति की ओर से पुलिस को ज्ञापन सौंपकर यह कार्यक्रम रद्द करने की मांग की गई है।
Hindu Janajagruti Samiti has filed a complaint with @BlrCityPolice seeking cancel of “Umar Khalid and His World” at Bangalore International Centre on 28 April.
Umar Khalid faces serious UAPA charges; the matter is sub judice.
Request authorities to ensure public Law And Order. pic.twitter.com/ZslmrJTZBt
— 🚩Mohan Gowda🇮🇳 (@Mohan_HJS) April 21, 2026
ज्ञापन में कहा गया है कि,
यह कार्यक्रम मूल रूप से उमर खालिद का महिमामंडन प्रतीत होता है, जो 2020 दिल्ली दंगों के मामले में एक आरोपी हैं। उन पर साजिश, हिंसा भड़काने, घृणा फैलाने और राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे गंभीर आरोप हैं। इस मामले में 56 निर्दोष लोगों की मृत्यु हुई थी, और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) सहित कई गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई जारी है। दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया है, और भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिकाओं को बार-बार खारिज किया है।
Demand to cancel “Umar Khalid and His World” event in Bengaluru.
A complaint has been filed at @indiranagaraps by Hindu Rashtra Samanvaya Samiti.
Glorifying an accused in the 2020 Delhi riots case—linked to serious charges under UAPA—hurts victims’ families and risks public order https://t.co/hWnvji8jjn pic.twitter.com/pIfXKPB5yX— 🚩Mohan Gowda🇮🇳 (@Mohan_HJS) April 22, 2026
इन परिस्थितियों में, बेंगलुरु जैसे महानगर में, विशेष रूप से बैंगलोर इंटरनेशनल सेंटर जैसे प्रतिष्ठित स्थान पर ऐसे कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक है, क्योंकि यह:
- UAPA के तहत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति का महिमामंडन करता है, उनके विचारों को प्रस्तुत करता है, और अप्रत्यक्ष रूप से अलगाववादी, राष्ट्रविरोधी एवं सांप्रदायिक विचारधारा को बढ़ावा देता है।
- कार्यक्रम के विवरण में “Umar Khalid and His World” का उल्लेख है, जिसमें पुस्तक वाचन और इतिहासकारों, बुद्धिजीवियों एवं कार्यकर्ताओं का पैनल शामिल है। यह संरचना स्पष्ट रूप से उनकी छवि को सुधारने और उन्हें “विरोध के नायक” या “राजनीतिक विचारक” के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास है, जो जनता को भ्रमित कर सकता है और सामाजिक अशांति को बढ़ावा दे सकता है।

ऐसे कार्यक्रम शांतिप्रिय नागरिकों, विशेषकर दंगा पीड़ितों के परिवारों की भावनाओं को आहत करते हैं तथा चल रही जांच और न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता को कम करते हैं और शहरी बौद्धिक वर्ग में राष्ट्रविरोधी तथा उग्रवादी विचारों को सामान्य बनाने का प्रयास करते हैं।
हमारी प्रमुख मांगें:
1. कार्यक्रम का तत्काल रद्द किया जाना
हम मांग करते हैं कि बेंगलुरु पुलिस, बैंगलोर इंटरनेशनल सेंटर और आयोजकों के साथ समन्वय कर, इस कार्यक्रम को तुरंत रद्द करे। ऐसे व्यक्ति का सार्वजनिक महिमामंडन, जिस पर हिंसा, घृणा भाषण और सामाजिक अशांति फैलाने के गंभीर आरोप हैं, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के अनुरूप नहीं है।
2. आवश्यक होने पर आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
यदि आयोजक इस विरोध के बावजूद कार्यक्रम रद्द नहीं करते, तो बेंगलुरु पुलिस को भारतीय दंड संहिता (IPC), UAPA और अन्य संबंधित कानूनों के तहत उचित कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इस कार्यक्रम को निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए मंच बनने से रोका जा सके:
आतंकवाद से जुड़े आरोपों वाले व्यक्ति का महिमामंडन, हिंसा के लिए उकसाना, घृणा भाषण या सांप्रदायिक अशांति फैलाना, सामाजिक वैमनस्य और राष्ट्रीय एकता को कमजोर करना।
हिंसा, हेट स्पीच और साजिश जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे उमर खालिद जिसकी जमानत याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बार-बार खारिज की गई है, उसका सार्वजनिक कार्यक्रमों में महिमामंडन नहीं होना चाहिए। इससे समाज में विभाजन, आक्रोश और तनाव बढ़ सकता है तथा अप्रत्यक्ष रूप से उग्रवाद और राष्ट्रविरोधी सोच को प्रोत्साहन मिल सकता है।








