नरवीर बाजीप्रभु देशपांडे, नरवीर शिवा काशीद के वंशजों की उपस्थिति
छत्रपति शिवाजी महाराज के मावलों (योद्धाओं) के समान हिन्दू राष्ट्र हेतु बलिदान का संकल्प करें ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

पावनखिंड (जिला कोल्हापुर) – छत्रपति शिवाजी महाराज सदैव युद्धसज्जित थे, साथ ही उनके द्वारा स्थापित किए हिंदवी स्वराज्य में पूर्णतः स्वयं का तंत्र विकसित किया । छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा निर्मित स्वराज्य ‘अटक से जिंजी’ तक १ सहस्त्र ५०० किलोमीटर में विस्तृत था । शिवछत्रपति का कार्य इतना महान है कि, उन्हें ‘चक्रवर्ती सम्राट’ यह उपाधि सुशोभित होगी । नरवीर शिवा काशीद, बाजीप्रभु देशपांडे, फुलाजीप्रभु के सहित शिवछत्रपति के अनेक मावलों ने हिंदवी स्वराज्य हेतु प्राणत्याग किया । वही आदर्श मानकर छत्रपति शिवाजी महाराज के योद्धाओं के समान हिन्दू राष्ट्र हेतु बलिदान करने का संकल्प करें, ऐसा आवाहन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने किया ।


हिन्दू जनजागृति समिति के पक्ष से तिथि के अनुसार, अर्थात ३० जुलाई को पावनखिंड अभियान का आयोजन किया गया था । उस अवसर पर वे बोल रहे थे । मूसलाधार वर्षा में हुए इस कार्यक्रम में उपस्थित जनों में नवचेतना जागृत हुई, इतिहास का स्मरण हुआ तथा दिए गए जयघोषों के कारण सभी के रोंगटे खडे हो गए । इस अवसर पर सनातन संस्था की धर्मप्रसारक सद्गुरु स्वाति खाडये की वंदनीय उपस्थिति के साथ बाजीप्रभु देशपांडे के वंशज श्री. नीलेश देशपांडे एवं श्री. संदेश देशपांडे, साथ ही सरदार कमळोजी सालुंखे के वंशज श्री. सुहासदादा सालुंखे, वीर शिवाजी काशीद के वंशज श्री. आनंदराव काशीद की विशेष उपस्थिति थी । सूत्रसंचालन हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. किरण दुसे ने किया । श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्तान के नाटोली-सागांव (बत्तीसशिराला) के धारकरी श्री. संजय पाटिल द्वारा पाठ किए गए ध्येयमंत्र से तथा हिन्दू राष्ट्र स्थापना की शपथ लेकर कार्यक्रम की पूर्णता हुई ।

इस अवसर पर श्री. आनंदराव काशीद ने कहा, ‘‘इस दर्रे (खिंड) में असंख्य योद्धाओं का बलिदान हुआ है । हमें योद्धाओं से प्रेरणा लेकर उसी प्रकार इतिहास जीकर दिखाना चाहिए ।’’
उपस्थित मान्यवर – मलकापुर की नगर अध्यक्षा श्रीमती रश्मि कोठावले, नगरसेवक श्री. महेश कोठावले, गजापुर (पांढरेपानी) के सरपंच श्री. चंद्रकांत पाटिल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री. महेश विभूते, हिन्दू महासभा के उपाध्यक्ष श्री. विकास जाधव, महिला आघाड़ी की शीलाताई माने, ‘आरोग्य भारती’ की वैद्या अश्विनी मालकर, हिन्दुत्वनिष्ठ रमेश पडवल एवं श्री. चारुदत्त पोतदार, उद्योजिका सौ. मनीषा वाडीकर, मलकापुर के पुरोहित श्री. सुहास जोशी, ‘मराठा तितुका मेळवावा’ के कार्यप्रमुख श्री. योगेश केरकर, मंदिर महासंघ के श्री. अशोक गुरव, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. शिवानंद स्वामी, श्री. महेंद्र अहिरे, सनातन संस्था के डॉ. मानसिंग शिंदे, आधुनिक वैद्या (श्रीमती) शिल्पा कोठावले के सहित अनेक मान्यवर, हिन्दुत्वनिष्ठ, आसपास के ग्रामों से आए अनेक शिवप्रेमी उपस्थित थे ।
संघर्ष के बिना हिन्दू राष्ट्र प्राप्त होना असंभव ! – सद्गुरु स्वाति खाडये

छत्रपति शिवाजी महाराज एवं उनके योद्धाओं ने जिस प्रकार लडकर हिंदवी स्वराज्य निर्मित किया । उसी प्रकार आज भी हमें हिन्दू राष्ट्र संघर्ष के बिना प्राप्त होना असंभव है । योद्धा जिस प्रकार लडते समय सदैव ‘हर हर महादेव’ का घोर घोष करते थे, उसी प्रकार हमें भी रामराज्य की स्थापना हेतु प्रतिदिन ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का जप करना चाहिए ।
क्षणकाएं
१. समापन के अवसर पर सभी ने ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापना की शपथ ली । इस समय ‘जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम्’ के सहित अन्य जयघोष दिए गए ।
२. इस अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना में सहभागी रहे कमळोजी सालुंखे द्वारा प्रयुक्त तलवार, साथ ही शिवकालीन पट्टा उपस्थित जनों को दिखाया गया । यह ऐतिहासिक धरोहर इस अभियान हेतु लाई गई थी ।
३. ‘मराठा तितुका मेळवावा’ के श्री. अनिश पोतदार द्वारा १०७ बार रक्तदान करने के विषय में श्री. रमेश शिंदे के करकमलों द्वारा उनका विशेष सम्मान किया गया ।
ऐसे हुआ अभियान !
१. हिन्दू जनजागृति समिति के पक्ष से नरवीरों की जानकारी देने वाले फलक पर मान्यवरों के करकमलों द्वारा पुष्पहार अर्पित किया गया ।
२. पावनखिंड स्थित ध्वज को वंदन किया ।
३. बाजीप्रभु देशपांडे की समाधि को वंदन कर पुष्पहार अर्पित किया ।
४. उपस्थित मान्यवरों ने इतिहास का स्मरण करते हुए बलिदान का महत्त्व एवं वर्तमान समय के अनुसार की जाने वाली कृतियों के विषय में मार्गदर्शन किया ।
५. कार्यक्रम स्थल पर क्रांतिकारियों के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी ।








