हिन्दू जागृति के लिए कार्य करना और धर्मरक्षा करना, हिन्दुआें का कर्तव्य है । वह अधिकार भी है; परंतु लालसा के कारण कहें, राजनीति के…
भ्रष्टाचार का अर्थ केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं है, अपितु संविधान को धर्मनिरपेक्ष बनाना भी भ्रष्टाचार ही है । संविधान में घुसेडा गया है…
संकट में फंसे हिन्दुओं की सहायता करने के लिए ‘आरोग्य सहायता समिति’ इस संगठन की स्थापना और हिन्दुत्वनिष्ठों को धर्मकार्य में सहायता करने के लिए…
नांदेड में लव जिहाद के चंगुल में फंसी हिन्दू युवती पर एक धर्माध उसका पिता एवं भाई ने अत्याचार किये ! घर लौटने पर उसने…
आज न्याय नहीं, न्यायालय से केवल निर्णय मिलता है, यही अनुभव होता है, ऐसा प्रतिपादन हिन्दू विधिज्ञ परिषद के सदस्य अधिवक्ता नीलेश सांगोलकर ने किया…
अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के नाम पर आज देशविरोधी वक्तव्य किए जा रहे हैं । इसके विरोध में कानून बनाने की आवश्यकता है, ऐसा प्रतिपादन गोरखपुर, उत्तरप्रदेश…
‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के प्रवक्ता तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री. विष्णु शंकर जैन ने हिन्दू धर्मरक्षणार्थ न्यायालयों में प्रविष्ट याचिकाओं की जानकारी दी।…
धर्मांध पहले २० से २२ वर्ष के आयुवर्ग की हिन्दू युवतियों को अपने जाल में फंसाते थे। उसके पश्चात उन्होंने १८ से २०, १६ से…
व्यक्तिगत हित की अपेक्षा सार्वजनिक हित अधिक महत्त्वपूर्ण है ! वाराणसी में कलम १४४ लागू होने के पश्चात भी कुछ धर्मांध संगठनों ने आंदोलन किए…
गोवंशहत्या कर भारतीयों को यांत्रिक पद्धति से खेती करने के लिए बाध्य कर, उन यंत्रों के लिए लगनेवाला इंधन अरब राष्ट्रों से मंगवाना पडता है।…
