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अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रविरोधी वक्तव्य करने के विरोध में कानून चाहिए – अॅड. पंडित शेष नारायण पांडे, उत्तरप्रदेश

अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के नाम पर आज देशविरोधी वक्तव्य किए जा रहे हैं । इसके विरोध में कानून बनाने की आवश्यकता है, ऐसा प्रतिपादन गोरखपुर, उत्तरप्रदेश…

सफल-असफलता का विचार न कर न्यायालयों में धर्मरक्षणार्थ याचिका प्रविष्ट करते रहना आवश्यक ! – अधिवक्ता श्री. विष्णु शंकर जैन

‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के प्रवक्ता तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री. विष्णु शंकर जैन ने हिन्दू धर्मरक्षणार्थ न्यायालयों में प्रविष्ट याचिकाओं की जानकारी दी।…

१४ से १८ आयुवर्ग की लडकियां अब लव जिहादियों का लक्ष्य – अॅड. भरत तोमर, भोपाल, मध्य प्रदेश

धर्मांध पहले २० से २२ वर्ष के आयुवर्ग की हिन्दू युवतियों को अपने जाल में फंसाते थे। उसके पश्‍चात उन्होंने १८ से २०, १६ से…

व्यवस्था को व्यवस्था के अनुसार ही चलने देने के लिए बाध्य करना, अधिवक्ताओं का कर्तव्य है ! – अधिवक्ता श्री. कमलेशचंद्र त्रिपाठी, वाराणसी

व्यक्तिगत हित की अपेक्षा सार्वजनिक हित अधिक महत्त्वपूर्ण है ! वाराणसी में कलम १४४ लागू होने के पश्चात भी कुछ धर्मांध संगठनों ने आंदोलन किए…

गोवंशहत्या, मुसलमानों का अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र ! – अधिवक्ता श्री. रणजीत नायर, अधिवक्ता परिषद, नांदेड

गोवंशहत्या कर भारतीयों को यांत्रिक पद्धति से खेती करने के लिए बाध्य कर, उन यंत्रों के लिए लगनेवाला इंधन अरब राष्ट्रों से मंगवाना पडता है।…

हिन्दू विधिज्ञ परिषद से मार्गदर्शन के कारण लव जिहाद और दंगे, इन प्रकरणों में मिली सफलता ! – अधिवक्ता श्री. निरंजन चौधरी, हिन्दू विधिज्ञ परिषद, सदस्य

जलगांव में एक ही परिवार के दो धर्मांध पुलिसकर्मियों ने एक हिन्दू युवती को बहला फुसला कर ‘लव जिहाद’ के जाल में फांस लिया था…

‘लव जिहाद को बढावा देनेवाले स्पेशल मैरेज एक्ट के विरोध में जागृति करने की आवश्यकता ! – अधिवक्ता श्री. मोती सिंह राजपुरोहित, जोधपुर

भारत के नागरिकों के विवाह के लिए पहले केवल ‘इंडियन मैरेज एक्ट’ था । तदुपरांत अंतरधर्मीय विवाह करने के लिए ‘स्पेशल मैरेज एक्ट’ तैयार किया…

कानून की मदद से संघर्ष कर धर्मांधोंद्वारा अधिकार में लिया गया मंदिर पुन: प्राप्त किया ! – अधिवक्ता श्री. अवधेश राय, उत्तरप्रदेश

उत्तरप्रदेश के एक अधिवक्ता श्री. अवधेश राय ने कहा कि, गांव में एक मंदिर था । उसे धर्मांधों ने अवैधानिक मार्ग से अपने अधिकार में…

धर्मांध अब ‘होटल जिहाद’के माध्यम से सक्रीय ! – अधिवक्ता श्री. नीरज जैन

बजरंग दल के भूतपूर्व पदाधिकारी, अभाविप के गुजरात भूतपूर्व महामंत्री और वर्ष २००२ में कारसेवकों को जलाकर मार डालने के उपरांत हुए दंगों में ७…

मीरज हिंसा प्रकरणों में सभी अधिवक्ता संगठित रूप से हिन्दुआें के समर्थन में ! – अधिवक्ता वासुदेव ठाणेदार, मीरज

मीरज दंगों के समय ६०० से अधिक लोगों को बंदी बनाया गया । इनमें से अधिकांश हिन्दू थे । हिन्दुआें पर इन अन्यायकारी अभियोगों के…