परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नववर्षारंभ के पवित्र दिनपर पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे, सोलापुर, लातूर, तासगाव एवं बेलगांव जैसे विविध स्थानों…
स्वातंत्र्य के पश्चात राजनेताओंद्वारा अपने सामने केवल सत्ता का ही लक्ष्य रखा; इसलिए वे धर्महित के लिए तो कभी नहीं; अपितु राष्ट्रहित के लिए भी…
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के उद्देश्य से हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का यह आठवां वर्ष है । देश के २२…
सनातन आश्रम, रामनाथी (गोवा) में हिन्दू राष्ट्र संगठक कार्यशाला का आरंभ | धर्मकार्य करते समय साधना करने से उससे आदर्श हिन्दू राष्ट्र संगठक बन सकता…
हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से जानेवारी मास में ५ छोटी हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभाएं की गईं । कडाके की ठंड में भी ग्रामीण क्षेत्रों मी…
पनवेल में १३ जनवरी को संपन्न हिन्दूसंगठन कार्यशाला में ’स्वयं के दोष-अहं का निर्मूलन कैसे करें ?’ इस संदर्भ में मार्गदर्शन किया गया।
प्राचीन काल में हिन्दू राजाओं की राजसभाओं में राजगुरु होते थे। वे धर्मशास्त्र, न्यायशास्त्र, अर्थशास्त्र, युद्धशास्त्र आदि सभी शास्त्रों में प्रवीण होते थे।
समाज में अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन हिन्दुत्व का कार्य कर रहे हैं; परंतु सर्वदलीय सरकारें निरपेक्षता से धर्मकार्य करनेवाले ऐसे संगठनों के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सुरक्षा…
भारत में हिन्दू बहुसंख्यक होते हुए भी भारत हिन्दू राष्ट्र क्यों नहीं हो सकता ? पुरे विश्व का विचार करने पर ध्यान में आता है…
हमें, ‘धर्मनिरपेक्षता एवं लोकतंत्र’ का पाठ पढ़ानेवाले इन देशों में आज भी ‘हाऊस ऑफ लॉर्ड्स’ एवं ‘हाऊस ऑफ कॉमन्स’ है और ईसाई धर्म उनके देश का…
