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हिंदु समाजको बलशाली बनाने हेतु उसे स्व-रक्षा प्रशिक्षण दें ! – श्री. विनय पानवळकर

आज, हिंदू धर्म और हिंदुओंकी रक्षाका मुख्य दायित्व हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओंपर ही है । अधिकांश समय धर्मरक्षाका कार्य करनेवालोंपर ही धर्मांधोंके आक्रमण होते हैं ।

सनातनके कारण श्री. नवलकिशोर शर्मा जैसे अच्छे मित्रको जीवित देख सका ! – श्री. मनीष मंजुल

समर्थ संगठनके महासचिव श्री. मनीष मंजुलजीने कहा, भोजशालाके संदर्भमें संपूर्ण आंदोलनमें हिंदू जनजागृति समिति तथा विशेषतः सनातन संस्थाका बहुत आधार मिला ।

ओवैसीकी चुनौती प. बंगालके हिंदुओने स्वीकार की ! – श्री. तपन घोष, संस्थापक, हिंदू संहती

पश्‍चिम बंगालमें हिंदुओंपर प्रतिदिन १०० से अधिक आक्रमण होते थे । वहांके हिंदुओंको प्रतिदिन अपनी महिलाओंपर अत्याचार होना, घरोंको जला देना, मंदिरोंको तोडना, मूर्तियां तोडना,…

हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए हिंदुओंमे धर्मजागृति करें ! – स्वामी महेश योगी

हिंदुओंके मंदिर तो हैं; किंतु उनमें धर्म बतानेवाला कोई नहीं है । इसके विपरीत, अन्य पंथीयोंकी स्थिति है । हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए हिंदुओंमे धर्मजागृति…

हिंदू राष्ट्र-स्थापनाके विषयमें मनमें अंशमात्र भी संदेह अथवा किंतु, न रखें ! – उपानंद ब्रह्मचारी

हिंदू राष्ट्रकी स्थापना अवश्य होगी, यह आत्मविश्‍वास होना चाहिए । जब तक यह आत्मविश्‍वास नहीं होगा, तब तक हिंदू राष्ट्रकी दिशामें हम मार्गक्रमण नहीं कर…

हिंदूविरोधी नीतियोंका विरोध करनेके लिए हिंदुत्वनिष्ठ पत्रकारोंका संगठन आवश्यक ! – पी.देवमुथ्यु

हिंदुओंको अपने अधिकार खोने पडेंगे तथा उनकी स्वतंत्रतापर संकट आनेवाला है; इसलिए ऐसी नीतियोंका तीव्र विरोध करनेके लिए हिंदुत्वनिष्ठ पत्रकारोंका संगठन अत्यंत आवश्यक है ।

संस्कृत ही भारतकी एकमात्र भाषा ! – डॉ. निरंजन साहू, प्रवक्ता, लोकभाषा प्रचार समिति

वास्तवमें संस्कृत ही भारतकी एकमात्र भाषा है । यदि इस भाषाके माध्यमसे हम सब एक हो जाएं, तो सर्व समस्याओंका निराकरण हो जाएगा |

बालकोंको बताएं कि धर्मनिरपेक्ष शब्द विदेशी है ! – प्रा. दुर्गेश परुळेकर, हिंदू महासभा

हमारे बच्चोंको अत्यंत अयोग्य सीख दी जाती है कि सर्व धर्म समान हैं; परंतु बालकोंको बताना चाहिए कि धर्मनिरपेक्ष शब्द विदेशी है; क्योंकि हिंदू धर्म…

हिंदुओं, धर्माधारित राज्यकर्ता निर्वाचित करना आपका ही दायित्व ! – स्वामी कुमारानंदजी

कर्मसिद्धांतानुसार हिंदुओंको उनके कर्मोंका फल भोगना पड रहा है । इसके अनुसार अब धर्माधारित राज्यकर्ता निर्वाचित करनेका अर्थात रामराज्य लानेका दायित्व भी हिंदुओंका ही है…

बांग्लादेशमें हिंदू नामशेष होनेकी स्थितिमें ! – श्री. रविंद्र घोष, बांग्लादेशी माइनॉरिटी वॉच

बांग्लादेशी माइनॉरिटी वॉच नामक संगठनके श्री. रविंद्र घोषने अधिवेशनमें बांग्लादेशी हिंदुओंकी दयनीय स्थितिपर प्रकाश डालते हुए कहा, विभाजनके समय बांग्लादेशमें २८ प्रतिशत हिंदू थे; जिनकी…