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हिंदू राष्ट्रकी स्थापना होने हेतु त्यागकी आवश्यकता ! – श्री. दासकमल अग्रवाल, आंध्रप्रदेश

भारत हिंदू राष्ट्र है ही, हमें उसका केवल पुनर्निमाण करना है । हमें संगठित विचारोंके माध्यमसे क्रांतिका बिगुल बजाना है ।ऐश्‍वर्यसंपन्न और शक्तिशाली हिंदू राष्ट्रके…

‘देशकी समस्याएं दूर होनेके लिए हिंदू राष्ट्र शीघ्रातिशीघ्र स्थापित होना आवश्यक !’

विभाजनके समय मुसलमान ३ करोड थे, इसलिए अल्पसंख्यक थे । अब वे ३० करोड हो गए हैं, तब भी अल्पसंख्यक ही हैं क्या ? अब…

धर्मसंस्थाको कोई भी अधिकार न होनेके कारण भारतकी अधोगति ! – प्रा. रामेश्‍वर मिश्र

प्रा. रामेश्‍वर मिश्रने कहा, यूरोपके देशोंमें वहांकी धार्मिक व्यवस्थाको विशेष अधिकार हैं, साथ ही वहांके नागरिक अपने देशकी कभी निंदा नहीं करते । भारतमें ऐसा…

भारत हिंदू राष्ट्र बने, इस हेतु राष्ट्रव्यापी हिंदूसंगठनका निर्धार !

अधिवेशनमें सहभागी हुए २१ राज्योंके हिंदुत्ववादी संगठनोंके २५० से भी अधिक पदाधिकारियोंने भारतको हिंदू राष्ट्र बनाने हेतु राष्ट्रव्यापी हिंदूसंगठनका समान कृति योजना निश्‍चित की ।

हिंदुओ, अपने बच्चोंका भविष्य बचाना हो, तो काँग्रेसको सत्ताच्युत करें ! – श्री. ओमप्रकाश गुप्ता

सोनिया गांधीके नेतृत्वमें काँग्रेसने हिंदुओंके बच्चोंका भविष्य नष्ट करनेका षड्यंत्र रचा है । हिंदुओ, यदि आप अपने बच्चोंका भविष्य बचाना चाहते हैं, तो इस लोकसभा…

भगवा आतंकवाद नहीं, अपितु भगवा क्रांतिवाद है ! श्रीमती हिमानीताई सावरकर, अध्यक्ष, हिंदू महासभा

हिंदुओंका इतिहास आतंकवादका अंत करना ही है । इसलिए भगवा आतंकवाद नहीं, अपितु भगवा क्रांतिवाद है !

भारतीयोंका कश्मीरके प्रति कोई कर्तव्य है कि नहीं ? – श्री. अश्‍वनीकुमार च्रोंगू, पनून कश्मीर

अनेक वीर राजाओंके इतिहाससे परिपूर्ण, कश्यप ऋषीके संकल्पसे निर्मित कश्मीरकी भूमि क्या केवल कश्मीरियोंकी है ? क्या अन्य भारतियोंका उसके प्रति कोई कर्तव्य नहीं है…

धर्मांध हैं, तबतक दंगे होते ही रहेंगे ! – श्री. सत्यप्रकाश मिश्र, हिंदू मानवाधिकार मंच

हिंदू सहिष्णु है । धर्मांध दंगे करते रहते हैं । उनकी विचारप्रक्रियामें इसका मूल है । जबतक धर्मांध रहेंगे, तबतक धार्मिक दंगे होते ही रहेंगे…

गोरक्षा आंदोलन, धर्मरक्षा आंदोलन है ! – श्री. चेतन जनार्दन, हिंदू जनजागृति समिति, आंध्रप्रदेश.

गोरक्षाका आंदोलन, धर्मरक्षाका आंदोलन है । अतः, गोरक्षाका महत्त्व हिंदू ही समझ सकते हैं; यह ज्ञात होनेपर भी, वे इसे धर्मनिरपेक्ष ढंगसे चला रहे थे…

सरकारसे गायकी हत्या तथा गोमांसका निर्यात रोकनेकी मांग करें ! श्री. ए.जी. शंकरकृष्णन् अनंत रामन्

मुगलकालमें गायोंकी हत्या होती थी । तत्पश्‍चात ब्रिटिश साम्राज्यमें केवल गोहत्या ही नहीं, अपितु गायकी चमडीसे विविध वस्तुएं बनने लगीं । इसलिए बडी मात्रामें गायोंकी…