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पहले सरकारीकरण किए मंदिरों के भ्रष्टाचार का उत्तर दें ! – हिन्दू जनजागृति समिति

कांग्रेस सरकार ने पहले सरकारी खजाना खाली कर दिया और उसके बाद उनकी वक्रदृष्टि हिन्दू मंदिरों में श्रद्धालुआें के धन पर पडी । इस धन…

हिन्दू जनजागृति समिति के सेवकों की आध्यात्मिक उन्नति के साथ ही हिन्दू राष्ट्र प्रस्थापित होना चाहिए ! – सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे

हिन्दू जनजागृति समिति का कार्य राष्ट्रव्यापी हो रहा है। विविध राज्यों में समिति के विविध संतों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उनके मार्गदर्शनानुसार कार्य…

‘सीआयए’ ने पुरे विश्व की ठेकेदारी लेने की आवश्यकता नहीं है ! – श्री. रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

‘जो ‘सीआयए’ अपने ‘वर्ल्ड फॅक्टबुक’ में जम्मू-कश्मीर को भारत के मानचित्र में नहीं दर्शाती, उनकेद्वारा प्रस्तुत किया गया ब्यौरा हम उचित क्यों मानें ? उनकेद्वारा…

श्रीक्षेत्र शनिशिंगणापुर के देवस्थान को नियंत्रण में लेने का अर्थात सरकारीकरण करने का विचार ! – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

राज्य की अनेक बडी मस्जिदें, चर्च, साथ ही वक्फ बोर्ड एवं चर्च संस्थाओं के पास सहस्रों करोडों रुपए की भूमि है; परंतु उन्हें छोडकर केवल…

क्षात्रतेज का जागर होने के पश्चात ही हिन्दुओं का विजय सुनिश्चित ! – प्रा. कुसुमलता केडिया

शौर्यजागर करने के लिए वीररस से युक्त गीतों का गायन करें, पाठशालाओं में सैनिकी शिक्षण देना बंधनकारक करने की मांग करें। क्योंकि हमें जब देह…

लोगों तक कुरान के संदर्भ में वास्तविक जानकारी पहुंचाना अत्यावश्यक ! – श्री. नीरज अत्री, पंचकुला, हरियाणा

आज असदुद्दिन ओवैसी जैसे लोग एवं उलेमा मुसलमानों को कुरान के संदर्भ में वास्तविक जानकारी नहीं देते ! वे केवल अरबी भाषा में कुरान बताते…

लव जिहाद और धर्म-परिवर्तन के षड्यंत्र को रोकने के लिए हिन्दुआें को जागृत कर संगठित कार्य करने का निश्‍चय !

‘सप्तम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’के तीसरे दिन ‘लव जिहाद और धर्म- परिवर्तन का प्रतिकार कैसे करें !’ इस विषय पर उद्बोधन सत्र

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन पूरे देश में चलाएंगे हिन्दू राष्ट्र-जागृति के उपक्रम !

हिन्दू राष्ट्र, भारत के बहुसंख्यक हिन्दुआें का प्राकृतिक अधिकार है । इसके लिए आवश्यक वैचारिक भूमिका एवं करने योग्य कृत्यों के विषय में दिशा देनेवाला सप्तम…

धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र युक्त संसार का एकमात्र देश भारत ! – प्रा. रामेश्‍वर मिश्र, मध्यप्रदेश

यूरोप में कोई भी देश धर्मनिरपेक्ष नहीं है । प्रत्येक देश का एक स्वतंत्र धर्म है । यूरोप में धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र नहीं है, चर्च अधीन शासकों…