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जलगांव (महाराष्ट्र) के पाण्डववाडा बचाओ आन्दोलनकी सफलता ! – अनुभवकथन

पाण्डववाडापर अतिक्रमण कर मुसलमानोंने अवैध निर्माण कार्य किया है । वे यहां नमाज पढते हैं । सूर्योदयसे सूर्यास्त तक, पाण्डववाडा सभीके लिए खुला रहे, ऐसे…

जानिए ‘ताजमहल’ नहीं, हिंदुओं के तेजोमहालय का ८५० वर्ष का प्राचीन सच्चा इतिहास

‘ताजमहल’ वास्तु मुसलमानों की नहीं, अपितु वह मूलतः हिंदुओं की है । वहां इससे पूर्व भगवान शिवजी का मंदिर था, यह इतिहास सूर्यप्रकाश के जितना…

महाभारत-कालीन ‘पांडवोंका निवासस्थान’ – पांडववाडा : आज है धर्मांधोंके नियंत्रणमें !

जलगांवकी पांडववाडा अर्थात अज्ञातवासके समयका पांडवोंका निवासस्थान । हिंदुओंकी उदासीनताके कारण सव्वा सौ वर्षपूर्व …

क्रांतिकारियोंका अपमान एवं इतिहासका विकृतिकरण रोकें !

स्वतंत्रता-समरके अग्निकुंडमें आहुति देनेवाले सहस्रों क्रांतिकारियोंके उपकार आजके निधर्मी राज्यकर्ता भूल गए हैं । वे क्रांतिकारी तथा राष्ट्रपुरुषोंका आगे दिए अनुसार विकृत इतिहास प्रचारित कर…

राष्ट्रको खंडित करना एवं उसे मौन स्वीकृति देना, क्या यह जघन्य अपराध नहीं ?

स्वतंत्रतादिवस विशेष सद्गुरुदेव प.पू. आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र महाराज, श्रीपंचखंडपीठजीके पावन परिवारके जून २००९ की पत्रिकामें ‘महात्मा रामचंद्र वीरका निर्वाण अखंड भारतके स्वप्नका अवसान’ इस…

कितनी घातक सिद्ध हुई है धर्मनिरपेक्षता !

‘१९४७ में अंग्रेजों और अन्य देशोंकी निगाहमें पाकिस्तान ‘मुसलमान नेशन’ और भारत ‘हिंदु नेशन’ ही माना जाता था । चूँकी हिंदु जाती संस्कारों से उदार…

स्वतंत्रताकी सफलताका मूलमंत्र !

इस माह देशकी स्वतंत्रताकी ६५वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी । वैसे तो विश्वके कितने ही देश विविध वर्षोंमें उपनिवेशवादकी दासतासे मुक्त हुए, खरे अर्थोंमें स्वतंत्र  हुए…

‘भारतके तिरंगेमें परिवर्तन कर केसरी रंग हटा ही देना चाहिए’, ऐसा परामर्श उद्दंड पाकिस्तानद्वारा

‘फैसलाबादमें भारत और पाकिस्तानके मध्य क्रिकेट सामना हुआ । उस समय पाकिस्तानने अपने ध्वजके साथ भारतका भी ध्वज लगाया था । उसमें तिरंगे ध्वजका हरा…

कौन कहता है हम स्वतंत्र हैं ?

वर्तमानमें समाजका एक भाग नीतिपर आधारित होना, तो दूसरा अर्थपर आधृत विकास करनेके लिए संघर्षरत होना : ‘किसी राष्ट्रके लिए ६० वर्षोंका काल अल्प नहीं…

भारतीयो स्वतंत्रतादिवस तिथिनुसार ‘श्रावण कृष्ण चतुर्दशी’ को मनाइए !

देश ‘श्रावण कृष्ण चतुर्दशी’ इस तिथिको स्वतंत्र हुआ ! अंग्रेजी मानसिकताके कारण स्वतंत्रता दिन ईसाई कालगणनाके ‘१५ अगस्त’को है । भारतीयो, यह मानसिकता त्यागकर भारतका…