Menu Close

सांगोलाकी हिंदु धर्मजागृति सभामें हिंदुओंका उत्स्फूर्त प्रतिसाद

हिंदू जनजागृति समितिद्वारा सांगोलामें २ जूनको हिंदु धर्मजागृति सभा आयोजित की गई थी । ३०० हिंदु प्रेमियोंके उत्स्फूर्त उपस्थितिमें सभा संपन्न हुई ।

यदि ‘हिंदु राष्ट्र’ की आवश्यकता है, तो हिंदुओंके लिए दूसरे राष्ट्र की स्थापना करे ! – नेपालके मंत्

नेपालको ‘हिंदु राष्ट्र’ घोषित करने हेतु निवेदन देने पर नेपालके मंत्रीने ‘यदि आपको ‘हिंदु राष्ट्र’की आवश्यकता है, तो आप हिंदुओंके लिए दूसरा ‘हिंदु राष्ट्र’ स्थापित…

अंकोरवाट मंदिर में खोजे गए सैकड़ों भित्तिचित्र !

शोधकर्ताओं ने कंबोडिया के प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर में छिपे सैकड़ों भित्तिचित्रों को खोज निकाला है।ये भित्तिचित्र लगभग पांच सौ सालों से मंदिर की दीवारों पर…

सुषमा, उमा ने ली संस्कृत में शपथ !

16वीं लोकसभा की कार्यवाही के दूसरे दिन गुरुवार को नवनिर्वाचित सांसद शपथ ले रहे हैं। प्रो-टेम स्पीकर कमलनाथ सांसदों को शपथ दिलवा रहे हैं। सबसे…

राष्ट्रीय हिंदु आंदोलनद्वारा निवेदन देनेके पश्चात सांगलीमें महानगरपालिकाके क्षेत्रमें मस्जि

ध्यानमें आया कि महानगरपालिकाके क्षेत्रमें कुछ स्थानोंपर मस्जिद एवं दरगाहोंपर सवेरे ६ बजनेसे पूर्व अजान नहीं दी जा रही है तथा कुछ स्थानोंपर ध्वनिक्षेपककी आवाज…

बेंगलुरुमें हिंदु जनजागृति समितिद्वारा आयोजित अधिवक्ताओंके बैठकमें धर्मरक्षाके कार्यमें वैध

हिंदु देवी-देवताओंके अनादरके कारण सभी हिंदुओंकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं । तब भी दूरचित्रप्रणाल तथा सरकारी अधिकारियोंद्वारा उचित कार्यवाही न करनेके कारण समितिद्वारा वैधानिक…

रामराज्यके लिए अयोध्यामें राममंदिर स्थापित होना आवश्यक ! : विनय पानवलकर, हिंदु जनजागृति समिति

श्री.विनय पानवलकरने प्रतिपादित किया कि केंद्रमें सत्तामें आई भाजपा सरकारने अपने चुनावके घोषणापत्रमें ‘राममंदिर’ की स्थापना करनेका उल्लेख किया है । अलाहाबाद उच्च न्यायालयद्वारा निर्णय…

ईसाई संस्थाद्वारा जवरमें (जिला ठाणे) ९ सुशिक्षित हिंदु युवतियोंका धर्मपरिवर्तन हेतु छल !

तहसीलमें आदिवासी क्षेत्रके ९ सुशिक्षित हिंदु लडकियोंको नौकरीका लालच दर्शाकर उनका धर्मपरिर्तन करनेके उद्देश्यसे डोंगरीपाडामें बंद कर रखा गया था ।

भारत, भूतान और नेपालमें हिंदु संस्कृतिनुसार शासनतंत्र आवश्यक : पुरी पीठाधीश्वर श्रीमजगद्ग गुरु शंकराचार्य श्री स्वामी निश्चलानंदसरस्वती

गोवा – भारतीय व्यवस्थाओंपर पडी पश्चिमी राष्ट्रोंकी छाया दूर करना, साथ ही शिक्षापद्धति और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रकल्प वेदोंके आधारसे कार्यान्वित करना, इन मार्गोंद्वारा ही भारतवर्षमें हिंदु…