एक ओर गणेशोत्सव पर टोल छूट, तो दूसरी तरफ निजी बस यात्री भगवान भरोसे!

मुंबई – महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोल (पथकर) में छूट की घोषणा की है। परंतु, एक ओर जहां सरकार टोल छूट दे रही है, वहीं दूसरी ओर निजी बसों से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को प्रशासन ने पूरी तरह से लावारिस छोड़ दिया है। सुराज्य अभियान द्वारा पूर्व में भी कई बार प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी; लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण आज स्थिति गंभीर हो चुकी है।
गणेशोत्सव के लिए कोंकण जाने वाली सभी नियमित और विशेष ट्रेनों का आरक्षण एक महीने पहले ही फुल हो चुका है। साथ ही, एसटी महामंडल की बसों की सीमित संख्या और क्षमता के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों को मजबूरी में निजी कांट्रैक्ट कैरिज बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी लाचार स्थिति का अनुचित लाभ ऑनलाइन बस टिकट बुकिंग ऐप्स और निजी ट्रैवल्स संचालक उठा रहे हैं और 400% से 1200% तक की अवैध किराया वृद्धि वसूल रहे हैं।
‘रेड बस’ जैसे टिकट बुकिंग पोर्टल्स पर मुंबई, पुणे और कोल्हापुर से कोंकण जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर ₹1,200 से ₹3,957 तक की भारी अवैध किराया बढ़ोतरी स्पष्ट दिखाई दे रही है:
पुणे से कणकवली मार्ग: सितंबर 10 का किराया ₹2,217 से ₹2,599 था, जो गणेशोत्सव आगमन के दिन (September 11) सीधे ₹3,400 से ₹4,421 तक बढ़ा दिया गया है (₹1,800 तक की सीधी बढ़ोतरी)।

मुंबई (सायन) से सिंधुदुर्ग मार्ग: सितंबर 9 का मूल किराया ₹1,100 था, जो September 11 के लिए ₹4,276 वसूला जा रहा है (₹3,176 की सीधी वृद्धि)।
कोल्हापुर से कणकवली मार्ग: सितंबर 9 का मूल किराया ₹360 था, जो September 11 के लिए सीधे ₹4,317 प्रति सीट तक पहुँच गया है (₹3,957 की अभूतपूर्व वृद्धि)।

मोटर वाहन अधिनियम (धारा 67) के अनुसार, निजी बसों का अधिकतम किराया राज्य परिवहन (ST) के मूल किराए के 1.5 गुना (50% अधिक) से अधिक नहीं हो सकता। इसके उपरांत ऑनलाइन ऐप्स पर खुलेआम लूट जारी है। सुराज्य अभियान प्रमुख मांगें है की, परिवहन विभाग धारा 93 के तहत सभी ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स पर 1.5 गुना की सीमा लागू करने हेतु ‘डिजिटल फेयर लॉक’ अनिवार्य करे। प्रत्येक निजी बस में यात्रियों की सीट के पीछे ‘शिकायत QR कोड’ लगाना अनिवार्य किया जाए। ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल्स की तकनीकी जांच की जाए तथा आरटीओ (RTO) के फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा आकस्मिक निरीक्षण कर अवैध किराया वसूलने वाली बसों के परमिट तत्काल निलंबित किए जाएं।








