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कार्निवल के विरोध के लिए राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन के अंतर्गत गोवा में समस्त हिन्दुत्वनिष्ठोंद्वारा निदर्शनें !

महाशिवरात्रि के ही दिन ही पेडणे में कार्निवल का आयोजन करनेवाली कार्निवल समिति का सभी ने विरोध करना चाहिए। वास्तव में गोवा सरकार को ही…

हिम्मत है तो मोहम्मद पर फिल्म बनाकर उनका चरित्र दिखाएं भंसाली – गिरिराज सिंह

गिरीराज सिंह ने एएनआय से बातचीत के दौरान कहा “जब राजस्थान में पद्मावत की शूटिंग हो रही थी तब भंसाली ने क्यों इसे बंद नहीं…

जळगाव : हिन्दू जनजागृति समिति एवं अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ संघटनों की ओर से गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में विविध उपक्रम !

६९वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से यहां के चोपडा, भुसावळ और कुर्‍हे में विविध उपक्रम चलाए गए । इसमें…

चोपडा में हिन्दू जनजागृति समिति एवं स्वराज्य निर्माण सेना की ओर से संपूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ गायन

चोपडा में प्रजासत्ताक दिन के उपलक्ष्य में छत्रपति शिवाजी चौक में हिन्दू जनजागृति समिति एवं स्वराज्य निर्माण सेना के संयुक्त विद्यमान में संपूर्ण ‘वन्दे मातरम्’…

देश की अखंडता अबाधित रखने हेतु लोकसंख्या नियंत्रण अधिनियम पारित करें !

अनियंत्रित एवं बढती हुई लोकसंख्या के कारण देश में उपलब्ध साधन सुविधा, विकास दर एवं आर्थिक स्थिति पर गंभीर परिणाम हो रहे हैं। यदि आगामी…

जो संस्कार छत्रपति शिवाजी महाराज एवं रानी लक्ष्मीबाई पर हुए वही संस्कार महिलाएं अपने बच्चों पर करें – श्रीमती नयना भगत

महिलाएं जिजामाता की भांति धर्माचरणी होकर अपने बच्चों को संस्कारीत करें। महिलाएं स्वयं में क्षात्रतेज उत्पन्न कर अपने बच्चों को छत्रपति शिवाजी महाराज एवं लडकियों…

राष्ट्र के पुनरुत्थान एवं रक्षा के लिए अभ्यासक्रम में मराठों का जाज्वल्य इतिहास अंतर्भूत करें ! – पू. संभाजीराव भिडेगुरुजी

छत्रपति शिवाजी महाराज एवं छत्रपति सभांजी महाराज भारतमाता के प्राण हैं ! छत्रपति शिवराय ने धर्म के लिए जीना किस प्रकार से, तो छत्रपति संभाजी…

कराड (महाराष्ट्र) : ‘लव जिहाद जनजागृति पदयात्रा’ के लिए पुलिस ने अनुमति नहीं दी !

कराड, जिला सातारा में, अन्यत्र हुए दंगों का कारण आगे कर लव्ह जिहाद पदयात्रा के लिए अनुमति अस्वीकार की जा रही है ! लव्ह जिहाद…

मंदिर सरकारीकरण के कारण संस्कृति और परंपरा को बडी हानि पहुंची ! – ज्येष्ठ पत्रकार श्री. बाळासाहेब बडवे

मंदिरों के सरकारीकरण के समय की स्थिति का विचार कर सुधारों के लिए कुछ नियम बनाने आवश्यक थे; परंतु वैसे न कर सीधी व्यवस्था में…