Menu Close

हिंदू जनजागृति समितिके कार्यकर्ताद्वारा राष्ट्रध्वजके अपमानके विषयमें किए प्रबोधनको यश !

`अपूर्व केटरर्स’ के उत्पादकसे स्वतंत्रता दिवसके अवसरपर (हस्तपत्रकपर १५ अगस्त छापा गया है । ) विक्रय की जानेवली जलेबीके विज्ञापन हेतु सिद्ध किए हस्तपत्रकोंपर राष्ट्रध्वजका…

दूरचित्रप्रणालपर आयोजित रानी लक्ष्मीबाईके अपमानके चर्चासत्रमें हिंदू जनजागृति समितिका सहभाग

सी.बी.एस.ई.की ५ वींके पुस्तकमें झासीकी रानी लक्ष्मीबाईका हुक्का सेवन करते समयका छायाचित्र प्रसारित किया गया है । इन विषयोंपर राज्यके ‘जनश्री’ नामक निजी दूरचित्रप्रणालपर एक…

प्रस्तावित (अंध)श्रद्धा विधेयक निरस्त करने हेतु रायगढ उपजिलाधिकारीको आवेदन !

सुधारित (अंध)श्रद्धा निर्मूलन विधेयकका स्वरूप और अधिक व्यापक तथा भयंकर होनेके कारण हिंदू जनजागृति समितिने रायगढ जिलेके उपजिलाधिकारीसे मांग की है कि इस एकतरफा विधेयकको…

भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा भारतमाताका अपमान करनेवाला विज्ञापन हटाया गया !

भारतीय जीवन बीमा निगमकी सांताक्रूज शाखा द्वारा भारतके राष्ट्रध्वजके स्थानपर ‘एल.आइ.सी.’ नाम लिखा ध्वज दिया गया था । इस प्रकार इस विज्ञापनके माध्यमसे भारतमाताका अपमान…

शास्त्रको छोडकर हिंदू और धर्म ये दो शब्द रह ही नहीं सकते ! – डॉ. कौशिकचंद्र मलिक

शास्त्रको छोडकर हिंदू और धर्म ये दो शब्द रह ही नहीं सकते । हिंदू धर्म शास्त्रपर आधारित है । वेद अपौरूषेय हैं ।

शौर्यको प्रोत्साहन देनेवाले उपक्रम कीर्तनकारोंको करने चाहिए ! – ह.भ.प. चारुदत्त आफळे

कीर्तनकार एवं प्रवचनकारोंको केवल कीर्तन ही करके नहीं रुकना चाहिए, अपितु प्रसंगानुरूप शौर्यको प्रोत्साहन देनेवाले उपक्रम भी चलाने चाहिए ।

द्वितीय ‘अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशन’की फलनिष्पत्ती

हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए किए जानेवाले प्रयत्नोंके लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण चरणके रूपमें इस अधिवेशनका इतिहासमें उल्लेख होगा ! इस अधिवेशनका उद्देश्य १०० प्रतिशत सफल हुआ…

हिंदू समाजके लिए हमें समय देना ही होगा ! – श्री. राजासिंह ठाकुर

भाग्यनगर (हैदराबाद) स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिरकी रक्षा हेतु जारी संघर्ष इस विषयपर बोलते हुए श्री. राजासिंह ठाकुरने कहा, भाग्यनगरका श्री भाग्यलक्ष्मी मंदिर चारमिनारसे भी प्राचीन है…

हिंदू राष्ट्रकी स्थापना होने हेतु त्यागकी आवश्यकता ! – श्री. दासकमल अग्रवाल, आंध्रप्रदेश

भारत हिंदू राष्ट्र है ही, हमें उसका केवल पुनर्निमाण करना है । हमें संगठित विचारोंके माध्यमसे क्रांतिका बिगुल बजाना है ।ऐश्‍वर्यसंपन्न और शक्तिशाली हिंदू राष्ट्रके…

‘देशकी समस्याएं दूर होनेके लिए हिंदू राष्ट्र शीघ्रातिशीघ्र स्थापित होना आवश्यक !’

विभाजनके समय मुसलमान ३ करोड थे, इसलिए अल्पसंख्यक थे । अब वे ३० करोड हो गए हैं, तब भी अल्पसंख्यक ही हैं क्या ? अब…