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व्हिडीआे – चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशनस्थल पर श्रीलंका तथा दक्षिण भारत से आए हिन्दूत्वनिष्ठों की पत्रकार परिषद

रामनाथी, फोंडा में आयोजित किए गए चतुर्थ अखिल भारतीय हिन्दु अधिवेशन के तृतीय दिन पर श्रीलंका से आए हिन्दूत्वनिष्ठ श्री. मारावनपुलावु के. सच्चितानंदन् ने पत्रकार…

धर्मप्रसार के लिए सामाजिक जालस्थल का प्रभावी उपयोग करें ! – श्री. सुरेश चिपळूणकर

पिछले ६० वर्षों में माक्र्स, मुल्ला, मिशनरी एवं मेकॉले इत्यादि ‘४ एम’ ने देश की अत्यधिक हानि कर भारतीयों को मानसिक रूप से गुलाम किया…

हिन्दू विधिज्ञ परिषद के सूचना-जालस्थल के पृष्ठों का लोकार्पण

हिन्दू विधिज्ञ परिषद और हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू जागृति डॉट ओआरजी’ जालस्थल पर हिन्दू विधिज्ञ परिषद के पृष्ठ बनाए गए हैं ।

बांग्लादेशी घुसपैठियों को सहायता करनेवालों को देशद्रोह का दंड दें ! – श्री. अनिल धीर

बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या भारत को भयभीत करनेवाली सबसे भीषण समस्या है । बांग्लादेश की सीमा के निकट के राज्यों के साथ ही सीमा से…

व्यवसायी अथवा नौकरीपेशा लोगों को धर्मकार्य के लिए समय देने के लिए समय का व्यवस्थापन करना चाहिए ! – श्री. अतुल जेसवानी

यदि हमें धर्मकार्य करना हो, तो उसके लिए समय देना आवश्यक है । धर्मकार्य के लिए समय देकर जनसंपर्क करना, बैठकें आयोजित करना, धनसंग्रह, धर्मरक्षा…

हिन्दू राष्ट्र के लिए व्यवसाइयों का आर्थिक योगदान धर्मकर्तव्य ही है ! – श्री. आनंद पाटील, उद्योगपति, कोल्हापुर, महाराष्ट्र

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए अनेक संत अनुष्ठान, यज्ञ कर रहे हैं । ऐसे संतों को यदि धर्मकार्य में आर्थिक सहायता की आवश्यकता हो,…

पश्‍चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति के भ्रष्टाचार की जांच समाधानकारक न होने से हिन्दू जनजागृति समिति ने यह प्रकरण पुनः उठाया ! – श्री. सुनील घनवट

हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र समन्वयक श्री. सुनील घनवट ने पश्‍चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति के भ्रष्टाचार के विषयमें समितिका योगदान अपने मार्गदर्शन में कथन किया…

मंदिरों के व्यवस्थापन में हिन्दुत्वनिष्ठ व्यक्ति का चयन होने हेतु कानून बनाना आवश्यक ! – अधिवक्ता गोविंद के. भारतन्

हिन्दुआें के मंदिरों में बडी मात्रा में अर्पण स्वरूप आनेवाला धन और अन्य मूल्यवान वस्तुआें पर राज्यकर्ताआें की दृष्टि है । केरल में स्थित बडे…

हिन्दूू धर्म के नियमों का पालन करने से समाज संगठित रहेगा : डॉ. शिवनारायण सेन, शास्त्रधर्म प्रचार सभा, बंगाल

भारत के संविधान में हिन्दूू धर्म, देवता और देवताआें के आशीर्वाद का उल्लेख नहीं है । अन्य देशों के संविधान में ईश्‍वर और भगवान का…

क्षात्रतेज और ब्राह्मतेज के बलपर ही हिन्दूू राष्ट्र की स्थापना हो सकेगी ! – कर्नल (नि.) अशोक किणी

हिन्दूू धर्म में प्रचंड आध्यात्मिक शक्ति है; परंतु दुर्भाग्यवश हमें उसका विस्मरण हो गया है । धर्मशास्त्र में उस संदर्भ में सब बताया हुआ है;…